कोरोना वायरस का अब औद्योगिक संपदा पर भी पड़ा भारी असर
कोरोना वायरस की वजह से राजधानी दिल्ली के तुगलकाबाद डिपो में तकरीबन 2 महीने से 50% से भी कम काम रह गया है.

नई दिल्ली: देश के अलग-अलग हिस्सों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की पुष्टि होनी शुरू हो गई है. कोरोना वायरस का संक्रमण सिर्फ हमारे स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं रह गया है बल्कि इसका असर औद्योगिक क्षेत्र पर भी पड़ना शुरू हो गया.
राजधानी दिल्ली के तुगलकाबाद डिपो में तकरीबन 2 महीने से 50% से भी कम काम रह गया है. बाहर देशों से आने वाले सामान के कंटेनर पिछले 2 महीने से डिपो में कम ही आ रहे है. भारत में ज्यादातर रॉ मैटेरियल्स चीन से आता है. चीन में जब से कोरोना वायरस फैला है तब से भारत में आने वाला रॉ मैटेरियल तकरीबन ना कि बराबर हो गया है. चीन से इंपोर्ट एक्सपोर्ट दोनों ही कोरोना वायरस के चलते तकरीबन खत्म हो गया है. चीन के साथ-साथ दूसरे देशों से आने वाले कंटेनर भी अब नहीं पहुंच रहे हैं.
इनलैंड कंटेनर डिपो के सुपरिटेंडेंट कस्टम ऑफ इंपोर्ट बी एल मीना का कहना है; "पहले के मुकाबले तकरीबन 2 महीने से 40 50% से भी कम काम रह गया है. बाहर मुल्कों से कोरोना की वजह से कंटेनर नहीं आ रहे हैं. जिसका असर बिजनेस पर बहुत ज्यादा पड़ा है. ट्रक ड्राइवर जो कंटेनर से आया हुआ माल लेकर जाते थे, उनके पास बिल्कुल काम नहीं है. जब बाहर से कंटेनर ही नहीं आ रहे हैं तो उनको काम कैसे मिलेगा."
इंपोर्ट एक्सपोर्ट पर कोरोना वायरस का संक्रमण ऐसा हुआ जिसकी चपेट में कई लोग आ गए हैं. तुगलकाबाद डिपो के अंदर ही जब हमने लोगों देखा तो कस्टम क्लीयरिंग हाउस एजेंट के पास तकरीबन 2 महीने से कुछ खासा काम नहीं है. एजेंट ने बताया कि पहले 350-400 कंटेनर आते थे, अब बिल्कुल नहीं आ रहे है. जिसका असर तकरीबन 1000 से ज़्यादा ट्रेडर्स पर हुआ है. डिपो के अंदर ही कितने लोगों पर इसका असर दिखा. डिपो के ट्रक ड्राइवर कन्हैया का कहना है; "पहले सिर्फ रविवार के दिन छुट्टी होती थी. अब तो हफ्ते में कुछ ही दिन काम आता है. "






















