'बीजेपी-आरएसएस से पूछना चाहता हूं कि...', उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के बयान पर कन्हैया कुमार ने क्या कुछ कहा?
Kanhaiya Kumar: भारत जोड़ो यात्रा के बीच कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार बोले, "संविधान सर्वोच्च है, और इसका सम्मान करना हमारी पार्टी का कर्तव्य है. क्या बीजेपी-आरएसएस करते हैं सम्मान.

Kanhaiya Kumar Targets BJP RSS: कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) की मूल संरचना सिद्धांत पर आलोचनात्मक टिप्पणियों पर बहस के बीच कन्हैया ने सोमवार को बीजेपी और आरएसएस से पूछा कि क्या वे भारत के संविधान का सम्मान करते हैं.
बता दें कि बीजेपी सरकार में उपराष्ट्रपति बनाए गए जगदीप धनखड़ ने पिछले हफ्ते, केशवानंद भारती के ऐतिहासिक मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा था, “1973 में, भारत में एक बहुत ही गलत मिसाल कायम की गई थी. केशवानंद भारती के मामले में, सर्वोच्च न्यायालय ने बुनियादी ढांचे का विचार दिया कि संसद संविधान में संशोधन कर सकती है, लेकिन इसकी मूल संरचना में नहीं. न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हुए, मैं इसकी सदस्यता नहीं ले सकता.” धनखड़ की इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेताओं की ओर से उनकी तीखी आलोचना की गई.
कन्हैया कुमार ने बोला बीजेपी-आरएसएस पर हमला
कन्हैया कुमार ने सोमवार को पंजाब के होशियारपुर में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) के बीच कहा, "संविधान सर्वोच्च है, और इसका सम्मान करना हमारी पार्टी का कर्तव्य है. हम बीजेपी-आरएसएस से पूछना चाहते हैं कि वे संविधान का सम्मान करते हैं या नहीं. संविधान को बचाना और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना हमारी पार्टी की प्राथमिकता है. हमारे सभी काम संविधान के मार्गदर्शन में हो रहे हैं और हमारी सोच देश के संविधान के अनुकूल है."
हम RSS और BJP को अलग-अलग नहीं देखते हैं। RSS पेड़ है और BJP उसका फल।
— Congress (@INCIndia) January 16, 2023
RSS का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।
RSS धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक लाभ के लिए करती है, वो सांस्कृतिक संगठन नहीं है।
:@kanhaiyakumar जी pic.twitter.com/QueQ9DeVxN
'हम बीजेपी और आरएसएस में फर्क नहीं करते'
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया ने आगे कहा, "हम बीजेपी और आरएसएस में फर्क नहीं करते. आरएसएस बीज है, और बीजेपी फल है. भले ही वे (आरएसएस वाले) खुद को सांस्कृतिक संगठन कहते हों, लेकिन उनकी पूरी विचारधारा राजनीति पर आधारित है. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि धर्म देश का होता है. सांप्रदायिकता का नहीं. आरएसएस सांप्रदायिक राजनीति के लिए धर्म के प्रतीकों का इस्तेमाल कर रहा है. यह किसी भी तरह से धर्म से संबंधित नहीं है.,”
'चाय बेचने वाला संविधान से ही प्रधानमंत्री बना'
कन्हैया ने कहा, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्यों के रूप में, हमें गर्व है कि हमने इस देश को स्वतंत्रता हासिल करने में मदद करने के लिए अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया है. कदम दर कदम ठोकर खाकर खड़ा होने के बाद देश आज इस मुकाम पर पहुंचा है. एक व्यक्ति जो कहता था कि वह चाय बेचता था, वह संविधान के आधार पर ही देश का प्रधानमंत्री बना है."
कन्हैया कुमार की इन टिप्पणियों पर बीजेपी या आरएसएस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
'धनखड़ का बयान न्यायपालिका पर अभूतपूर्व हमला'
इससे पहले, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पी चिदंबरम और जयराम रमेश ने धनखड़ की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी थी. चिदंबरम ने "संविधान-प्रेमी नागरिकों" को "भविष्य के खतरों" की चेतावनी दी, जबकि जयराम रमेश ने धनखड़ की टिप्पणियों को "न्यायपालिका पर अभूतपूर्व हमला" करार दिया.
'कांग्रेस वाले इमरजेंसी को याद करें'
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय की वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने एक ट्वीट में चिदंबरम को पलटवार करते हुए कहा, "संसद को हम, भारत के लोग की ओर से संविधान में संशोधन करने का अधिकार है. धर्मपरायणता उस पार्टी को शोभा नहीं देती जिसने संविधान की अवहेलना की है. इमरजेंसी को याद करें."
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Source: IOCL


























