CJP NEET protest: आंदोलन के समर्थन में गाना गाना पड़ा महंगा! आयोजक पर दर्ज हो गई FIR
केरल में CJP के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की है. पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित किया गया.

दिल्ली में NEET समेत विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन का असर अब दूसरे राज्यों में भी दिखाई देने लगा है. केरल में CJP के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की है. इसी बीच, दिल्ली में शुक्रवार को केंद्र सरकार और CJP के बीच बातचीत होने की संभावना है, जिससे आंदोलन के भविष्य पर सबकी नजरें टिकी हैं.
केरल पुलिस ने बताया कि पनमपिल्ली नगर में आयोजित एक कार्यक्रम के आयोजक के खिलाफ सड़क जाम करने और बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. इस कार्यक्रम में लोकप्रिय रैपर वेदन (हिरंदास मुरली) ने CJP आंदोलन के समर्थन में गीत प्रस्तुत किए थे.
एर्नाकुलम साउथ पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी के मुताबिक, यह मामला पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दर्ज किया है. FIR में रैपर वेदन का नाम शामिल नहीं है, लेकिन उनके मैनेजर, जो कार्यक्रम के आयोजक भी थे, को मुख्य आरोपी बनाया गया है. इसके अलावा कार्यक्रम में मौजूद करीब 200 अन्य पहचान योग्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और उनके नाम भी जांच के आधार पर FIR में जोड़े जाएंगे.
दिल्ली में चल रहे CJP आंदोलन में हजारों छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न विपक्षी दलों के नेता शामिल हैं. आंदोलनकारी NEET समेत कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
आज होनी है केंद्र और CJP में बातचीत
CJP और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बातचीत होगी. हालांकि सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन CJP का कहना है कि सरकार ने उसकी तटस्थ स्थान (Neutral Venue) पर बैठक कराने की मांग स्वीकार कर ली है.CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन सरकार के इस फैसले का स्वागत करता है. उन्होंने कहा कि "सरकार ने तटस्थ स्थान पर बातचीत की हमारी मांग स्वीकार की है."
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सरकार से मिले आश्वासनों के बाद अपना 26 दिन लंबा अनशन समाप्त कर चुके हैं. हालांकि CJP पहले ही साफ कर चुका है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक उसका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा.
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