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ITBP के जवानों को नए साल का तोहफा, अब किसी भी सरकारी कैंटीन से खरीद सकेंगे शराब

अभी तक आईटीबीपी के जवान अपनी तैनाती के आस पास की कैंटीन से ही शराब ले पाते थे. अब छुट्टी पर अपने पैतृक-घर के करीब से भी मदिरा ले सकेंगे. आईटीबीपी ने लिकर मैनेजमेंट सिस्टम डिजीटाइज़ किया.

नई दिल्ली: आईटीबीपी ने अपने जवानों के लिए नए साल के तोहफे के तौर पर लिकर-मैनेजमेंट सिस्टम को डिजीटाइज़ कर दिया है. इसके तहत जवान अब किसी भी सरकारी कैंटीन से शराब ले सकेंगे. अभी तक जवान अपनी तैनाती के आस-पास की कैंटीन से ही मदिरा खरीद सकते थे. लेकिन नई प्रणाली में छुट्टी पर गए जवान अपने घर के नजदीके किसी भी पुलिस-कैंटीन से शराब खरीद सकेंगे. क्योंकि छुट्टी पर गए जवानों को शराब की बोतल लाने-ले जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.

आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडेय के मुताबिक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में पहली बार भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) द्वारा जवानों के लिए मदिरा के लिए डिजीटल प्रणाली, सेंट्रलाइज्ड लिकर मैनेजमेंट सिस्टम (सीएलएमएस) की शुरुआत की गई है और इसका सफल संचालन भी शुरू कर दिया गया है.

दरअसल, छुट्टी पर जाने वाले जवानों की मांग पर पिछले कई वर्षों से आईटीबीपी के जवानों को अच्छी किस्म की मदिरा आसानी से उनके गृह निवास के पास उपलब्ध कराने की मांग चल रही थी. इसी के तहत सीएमएमएस डिजिटल प्रणाली को शुरू किया गया है. पहले जवान को प्राधिकृत मदिरा उसकी वर्तमान तैनाती स्थल वाली सरकारी (पुलिस) कैंटीन से ही मिलने का विकल्प उपलब्ध होता था, और वह इसके अतिरिक्त किसी अन्य फॉर्मेशन की कैंटीन से मदिरा नहीं ले पाता था, देश के अलग-अलग राज्यों के उत्पाद शुल्क और उत्पाद नियमों के अलग-अलग होने के कारण जवानों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. साथ ही, परंपरागत तरीके से मदिरा की बिक्री की जाती थी, जिसमें सीमित पारदर्शिता थी.

प्रवक्ता के मुताबिक, आईटीबीपी के डीजी (महानिदेशक) एस एस देसवाल की पहल और उनके मार्गदर्शन पर आईटीबीपी ने बल मुख्यालय स्तर पर आईटीबीपी के सेवानिवृत्त एवं सेवारत पदाधिकारियों के लिए सेंट्रलाइज्ड लिकर मैनेजमेंट सिस्टम (सीएलएमएस) पोर्टल तैयार किया जिसने कुछ समय पहले से काम करना शुरू कर दिया है.

इस नए सिस्टम के साथ बल का कोई भी जवान आईटीबीपी वेबसाइट के मुख्य पेज पर जाकर सीएलएमएस टैब का इस्तेमाल करते हुए ऑनलाइन पिन प्राप्त कर सकता है.  इसके बाद  जवान अपने गृह निवास के पास स्थापित आईटीबीपी की किसी भी फॉर्मेशन की कैंटीन के ऑप्शन का चयन कर सकता है और अपनी चयनित की गई मदिरा कैंटीन में पहुंच कर लॉग-इन करके अपना प्राधिकृत मदिरा कोटा भुगतान पर ले सकता है. इस व्यवस्था में जवानों के मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से खरीद के संबंध में सूचना प्राप्त करने की सुविधा भी है.

सीएलएमएस से अब आईटीबीपी की सभी मदिरा कैंटीनों में इस पोर्टल के माध्यम से मदिरा की बिक्री की जा रही है, और अब कोई भी जवान अपनी इच्छानुसार निर्धारित कोटे के अनुसार न सिर्फ मनपसंद मदिरा ब्रांड का चयन कर सकता है, बल्कि वह उस ब्रांड की ऑनलाइन उपलब्धता, उसकी कीमत की जानकारी, प्राधिकृत कोटा व ऑनलाइन खरीद हिस्ट्री को भी इस सिस्टम के द्वारा आसानी से देख सकता है. सीएलएमएस पूरी तरह से पारदर्शी एवं केंद्रीयकृत डिजीटल सिस्टम है. इस प्रणाली में जवान की पूर्व खरीदों की हिस्ट्री  सदैव सुरक्षित रहती है और उसे वह ऑनलाइन देख सकता है. इस प्रणाली से अब जवानों को गुणवत्तापूर्ण मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. सीएलएमएस के अंतर्गत बल के जवानों को प्राधिकृत मासिक कोटे के आधार पर मदिरा उपलब्ध करवाई जा रही है, फ़िलहाल अलग-अलग मदिरा के लगभग 85 ब्रांड्स सीएलएमएस में उपलब्ध हैं तथा ऐसी संभावना है कि भविष्य में इनकी संख्या बढ़ेगी.

आईटीबीपी द्वारा आरंभ किए गए सीएलएमएस का भरपूर लाभ बल के सेवानिवृत्त और सेवारत जवानों द्वारा उठाया जा रहा है. इस सिस्टम के उपयोग के लिए जवानों को काई मदिरा निर्गम कार्ड आदि रखने की भी आवश्यकता नहीं है. सीएलएमएस को जवानों द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है.

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नीरज राजपूत वॉर, डिफेंस और सिक्योरिटी से जुड़े मामले देखते हैं. पिछले 20 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं और प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का अनुभव है. एबीपी न्यूज के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अनकट के 'फाइनल-असॉल्ट' कार्यक्रम के प्रेजेंटर भी हैं.
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