एक्सप्लोरर

CAA Rules Notification: किसे मिलेगी नागरिकता और क्या है प्रक्रिया? जानें CAA के 39 पन्नों के दस्तावेज में क्या है

CAA Rules: 2 016 से 2020 तक पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश समेत दूसरे देशों से आए  10 हजार 645 लोगों ने नागरिकता के लिए आवेदन किया था और 6 सालों में 5 हजार 950 लोगों को ही नागरिकता मिली है.

Citizenship Amendment Act: सिटिजन अमेंडमेंट एक्ट यानि CAA सोमवार (11 मार्च, 2024) से भारत के कुछ राज्यों में कुछ खास तरह के लोगों को शर्तों के साथ नागरिकता देने का कानून अमल में आएगा. सरकार अब नागरिकता देने के नियम और तरीके बता रही है. जो लोग CAA कानून की शर्तों को पूरा करेंगे उन्हें भारत के नागरिक होने का गौरव मिलेगा. 

कई दशक से अपने हक के लिए तरस रहे लोगों का सपना पूरा होगा. कुछ लोगों का मानना है कि ये एक चुनावी स्टंट है, जिसे ऐन लोकसभा चुनाव से पहले इसलिए लागू किया गया है ताकि एक तीर से दो निशाने साधे जा सकें. ये नागरिकता का कानून है या वोट का रजिस्टर. आइए जानते हैं-

गृहमंत्री अमित शाह ने जारी किया है सीएए से जुड़े 39 पन्ने का दस्तावेज जारी किए हैं. इसमें नागरिकता लेने के कई फॉर्म हैं. हर फॉर्म का अपना एक विषय है. 

  • भारत में विदेश से आए लोगों के लिए
  • भारत में विवाह करने वाले लोगों के लिए
  • नाबालिग बच्चे के लिए
  • भारतीय माता पिता के बच्चे
  • भारतीय मां या पिता के बच्चे के लिए
  • ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्ड होल्डर
  • भारत में आकर सिटिजन की तरह रहने वाले लोगों के लिए

इसके अलावा दस्तावेज में 3 तरह के सर्टीफिकेट का भी जिक्र है. जिनमें से ये प्रमुख हैं- 

  • सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन
  • सर्टिफिकेट ऑफ नेचुरलाइजेशन
  • योग्यता सर्टिफिकेट

CAA कानून में नागरिकता का आवेदन करने वाले को बताना होगा कि क्या उसने पहले कभी भारत की नागरिकता छोड़ी थी, क्या पहले कभी भारत की नागरिकता का आवेदन किया था या क्या पहले कभी नागरिकता की एप्लीकेशन रिजेक्ट की गई है. नागरिकता की अर्जी देने वाले को घोषणा करनी होगी कि वो भारत को स्थाई घर बनाकर रहेगा. CAA लागू होने के बाद आप सोच रहे होंगे कि इससे बदलाव क्या होगा, किसे नागरिकता मिलेगी, किसका फायदा होगा, चलिए आपको बताते हैं-

  • CAA लागू होने के बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी.
  • हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन पारसी ईसाई शरणार्थियों को ही भारत की नागरिकता दी जाएगी.
  • सबसे बड़ी बात ये है कि जिन शरणार्थियों ने 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में प्रवेश किया है, नागरिकता सिर्फ उन्हें ही दी जाएगी.
  • CAA कानून से भारतीय नागरिकों के अधिकारों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.

नागरिकता देने के लिए सरकार बड़ी तैयारी कर रही है. अब इस प्रक्रिया को बंगलादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए शरणार्थी कैसे पूरा करेंगे, जानते हैं-

  • शरणार्थी आवेदकों को ऑनलाइन पोर्टल पर भारत की नागरिकता के लिए आवेदन करना होगा.
  • भारत की नागरिकता के लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा.
  • रजिस्ट्रेशन के बाद सरकार आवेदकों की जांच पड़ताल करेगी. नियम के मुताबिक,सबकुछ ठीक रहा तो आवेदक को भारतीय नागरिकता दे दी जाएगी.
  • पहले नागरिकता लेने के लिए 11 साल रहना जरूरी था. नए कानून में 6 साल रहने के बाद ही नागरिक बन जाएंगे. सबसे बड़ी बात ये कि यह विदेशियों को निकालने का कानून नहीं, बल्कि तीन देशों में प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का कानून है.

अब सवाल है कि नागरिकता कानून से कितने लोगों का फायदा होगा. इसपर सरकार के पास आंकड़े हैं. 2016 से 2020 तक पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश समेत दूसरे देशों से आए  10 हजार 645 लोगों ने नागरिकता के लिए आवेदन दिया था. पिछले 6 साल में 5 हजार 950 लोगों को ही नागरिकता मिली है. अगर रिलीजियस माइनॉरिटी की बात करें तो 2018 से 2021 तक 3 हजार 117 विदेशी भारत के नागरिक बने.

 

 
 
 
 
 
View this post on Instagram
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by ABP News (@abpnewstv)

CAA जब लागू होगा तब पश्चिम बंगाल और असम जैसे सूबे में खूब सियासत होगी, लेकिन उससे पहले उत्तराखंड सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड यानि एक देश एक कानून लाने की वकालत की है. CAA लागू होने की टाइमिंग पर सवाल उठने लगे हैं. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि अगर CAA से नागरिकता रद्द हुई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दूसरी तरफ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि संविधान में हर व्यक्ति को उसके धर्म पालन करने का अधिकार है, दिग्विजय ने CAA को भारतीय संविधान के खिलाफ बताया.

अगर इस कानून पर चुनावी असर की बात करें तो राजनेताओं का दावा है कि पश्चिम बंगाल की 42 सीट, असम की 14, त्रिपुरा की 2 और जम्मू-कश्मीर की 5 सीट पर इसका असर पड़ सकता है. इस वजह से राजनीतिक दलों को लग रहा है कि अगर चुनाव से ठीक पहले CAA लाया गया है तो इसके पीछे बीजेपी सरकार की कोई मंशा है.

यह भी पढ़ें:-
Arun Goel Resigned: चुनाव से ठीक पहले अरुण गोयल ने क्यों दिया इस्तीफा? वजह निजी कारण या कुछ और, जानिए

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

यूपी में बंधुआ मजूदरों को बंधक बनाने के मामले पर गरमाई सियासत, प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल
यूपी में बंधुआ मजूदरों को बंधक बनाने के मामले पर गरमाई सियासत, प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल
यूपी BJP की टीम फाइनल, पंकज चौधरी को सौंपी गई लिस्ट, केन्द्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का इंतजार
यूपी BJP की टीम फाइनल, पंकज चौधरी को सौंपी गई लिस्ट, केन्द्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का इंतजार
6 दिनों की पड़ताल, 15 पन्नों की रिपोर्ट और निशाने पर चंपत राय…, SIT रिपोर्ट के खुलासे से मच सकता है हड़कंप
6 दिनों की पड़ताल, 15 पन्नों की रिपोर्ट और निशाने पर चंपत राय…, SIT रिपोर्ट के खुलासे से मच सकता है हड़कंप
मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी के मामले में खुलासा, भड़के राहुल गांधी ने केंद्र पर साधा निशाना
मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी के मामले में खुलासा, भड़के राहुल गांधी ने केंद्र पर साधा निशाना

वीडियोज

Ram Mandir Donation Scam |Abp Report:1 श्रद्धालु, सिर्फ 15 रुपये दान? गले नहीं उतरी ट्रस्ट की कहानी!
Ram Mandir Daan Chori | Ayodhya: रामलला के चढावे के 'पापी',आखिर कब तक 'माफी'! | Champat Rai | News
Bilauti Mahapanchayat | Bharat Tiwari के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब ! सम्राट लेंगे बड़ा एक्शन?
Sansani | Crime News: बेवफा सिया का 'सोनम कांड'...शहर में सनसनी !
Lexus LM 350h 4 seater review India | #lexuslm #autolive

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दिल्ली से अमृतसर के लिए निकला विमान, घुस गया पाकिस्तान, इस्लामाबाद में मचा हड़कंप, जानें फिर क्या हुआ
दिल्ली से अमृतसर के लिए निकला विमान, घुस गया पाकिस्तान, इस्लामाबाद में हड़कंप, जानें फिर क्या हुआ
केतन अग्रवाल केस: थकने का बहाना कर बैठना था सिया का सिग्नल, जैसे ही बैठी, चेतन ने दिया धक्का
केतन अग्रवाल केस: थकने का बहाना कर बैठना था सिया का सिग्नल, जैसे ही बैठी, चेतन ने दिया धक्का
कौन हैं आकाशदीप की होने वाली दुल्हनिया अक्षिता राज? आज वाराणसी में लेंगे साथ फेरे
कौन हैं आकाशदीप की होने वाली दुल्हनिया अक्षिता राज? आज वाराणसी में लेंगे साथ फेरे
सुनीता आहूजा और टीना आहूजा ने फैमिली इमरजेंसी की वजह से छोड़ा रियलिटी शो, गोविंदा की पत्नी बोलीं- मैं बहुत परेशान हूं
सुनीता आहूजा और टीना आहूजा ने फैमिली इमरजेंसी की वजह से छोड़ा रियलिटी शो, गोविंदा की पत्नी बोलीं- मैं बहुत परेशान हूं
पश्चिम बंगाल में गोदाम ढहने से 4 की मौत, आर्मी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी; CM ने क्या दी जानकारी?
पश्चिम बंगाल में गोदाम ढहने से 4 की मौत, आर्मी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी; CM ने क्या दी जानकारी?
'गाजा में अभी भी बच्चों का नरसंहार कर रहा इजरायल', यूएन का बड़ा दावा, नेतन्याहू के खिलाफ वारंट जारी
'गाजा में अभी भी बच्चों का नरसंहार कर रहा इजरायल', यूएन का बड़ा दावा, नेतन्याहू के खिलाफ वारंट जारी
Explained: फीफा में दहाड़े 'बूढ़े शेर'! रोनाल्डो से लेकर मेसी और गॉर्डन तक, 40 से ज्यादा उम्र के 8 प्लेयर्स का कैसे चला जादू?
फीफा में दहाड़े 'बूढ़े शेर'! रोनाल्डो, मेसी से गॉर्डन तक, 40 से ज्यादा उम्र के 8 प्लेयर्स चमके!
Early Pregnancy Diet: Early pregnancy में क्यों नहीं खाना चाहिए पपीता-पाइनएप्पल, कैसे बनते हैं अनचाहे गर्भपात की वजह?
Early pregnancy में क्यों नहीं खाना चाहिए पपीता-पाइनएप्पल, कैसे बनते हैं अनचाहे गर्भपात की वजह?
Embed widget