बजट सत्र 2018: श्रम सुधारों पर पहला विधेयक पारित हो सकता है
लोकसभा में इस विधेयक का ड्राफ्ट अगस्त 2017 में पेश किया गया था जिसके बाद इसे समीक्षा के लिए प्रवर समिति के पास भेज दिया गया था.

नई दिल्ली: सरकार इस साल श्रम क्षेत्र में व्यापक सुधारों को आगे बढ़ाना चाहती है. इसकी शुरुआत बजट सत्र में हो सकती है. इस दौरान सरकार श्रम क्षेत्र में 'वेतन संहिता विधेयक' को पारित कराने का प्रयास करेगी. इससे सरकार को कई क्षेत्रों के लिए न्यूनतम वेतन तय करने का अधिकार मिल जाएगा.
एक सूत्र ने कहा, "वेतन संहिता विधेयक पहली श्रम संहिता होगी जिसे पारित करने के लिए बजट सत्र में पेश किया जाएगा. श्रम मंत्रालय को उम्मीद है कि संसद की प्रवर समिति इस महीने के आखिर में शुरू हो रहे बजट सत्र में इस विधेयक को पेश कर देगी."
लोकसभा में इस विधेयक का ड्राफ्ट अगस्त 2017 में पेश किया गया था जिसके बाद इसे समीक्षा के लिए प्रवर समिति के पास भेज दिया गया था. इस विधेयक में वेतन भुगतान अधिनियम 1936, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1949, बोनस भुगतान अधिनियम 1965 और समान मेहनताना अधिनियम 1976 को मिलाकर एक संहिता बना दिया गया है. श्रम व रोजगार मंत्रालय 44 दूसरें श्रम कानूनों को मिलाकर चार विस्तृत संहिताएं बनाने पर काम कर रहा है.
सूत्र ने कहा, "तीन संहिताएं संबंधित पक्षों से परामर्श के कई स्तरों पर हैं. इन विधेयकों को भी इसी साल संसद में पेश किया जा सकता है."
Source: IOCL























