मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के बारे में चुनिंदा मुद्दे पर ही बात कर रही है बीजेपी: ओवैसी

हैदराबाद: तीन बार तलाक के बारे में केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडु के बयान पर एमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ऐतराज जताया है. ओवैसी ने बीजेपी नेताओं पर आरोप लगाया कि मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के बारे में वह चुनिंदा मुद्दों पर ही बात कर रही है. नायडु ने कहा था ‘तीन बार तलाक’ को शरीयत में मंजूरी हासिल नहीं है.
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी तीन बार तलाक जैसे मुद्दे इसलिए उठा रही है ताकि ‘सांप्रदायिक’ मुद्दों को हवा दी जा सके.
ओवैसी ने कहा, ‘‘मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की बात कर रहे हैं, नायडु पहलू खान की अंधी मां के अधिकारों के बारे में बात क्यों नहीं करते.’’ अलवर में पहलू खान की कथित तौर पर गौ रक्षकों ने हत्या कर दी थी.
उन्होंने कहा, ‘‘नायडु, जाकिया जाफरी साल 2002 के गुजरात दंगों में मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद अहसान जाफरी की विधवा पत्नी के अधिकारों की बात क्यों नहीं करते? अधिकारों के बारे में चुंनिदा ढंग से बात करना हमें स्वीकार नहीं है.’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने तीन बार तलाक के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करने को कहा था फिर भी नायडु और उत्तर प्रदेश के एक मंत्री अभी भी इस मुद्दे पर बात कर रहे हैं.
हैदराबाद के सांसद ने कहा, ‘‘मूल रूप से भाजपा सांप्रदायिक मुद्दों को हवा देती रहना चाहती है. इस 11 मई को उच्चतम न्यायालय सुनवाई शुरू करने वाला है, तो इससे पहले भाजपा इस बारे में क्यों बात कर रही है? उन्हें कुछ कहना ही है तो जाएं और उच्चतम न्यायालय में अपनी बात रखें. लेकिन वे तो सांप्रदायिक मुद्दों को हवा देते रहना चाहते हैं.’’ नायडु ने कल कहा था कि तीन बार तलाक का मुद्दा धार्मिक नहीं है और शरीयत में इसे मंजूरी हासिल नहीं है.
उन्होंने कहा था, ‘‘तीन बार तलाक धार्मिक मुद्दा नहीं है, इसे शरीयत में मंजूरी हासिल नहीं है. यह समानता के अधिकार का मुद्दा है और अन्य महिलाओं के साथ साथ मुस्लिम महिलाओं के लिए भी सम्मान से जीने के अधिकार का मुद्दा है.’’ नायडु ने कहा था, ‘‘फिर यह भेदभाव क्यों..इसे खत्म कर देना चाहिए और इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए.’’
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