कांग्रेस अध्यक्ष के परिवार पर BJP का बड़ा हमला: ‘100 करोड़ की जमीन से लेकर 19 एकड़ सार्वजनिक भूमि तक’
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट में मल्लिकार्जुन खरगे, उनके बेटे प्रियंक खरगे, दामाद और पत्नी शामिल हैं.

भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके परिवार पर जमीन आवंटन को लेकर गंभीर आरोप लगाए. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान खरगे परिवार से जुड़े सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को नियमों के विपरीत जमीनें आवंटित की गईं और सार्वजनिक भूमि को निजी ट्रस्ट के नियंत्रण में पहुंचाया गया.
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह कथित "भूमि लूट" का पहला मामला नहीं है, बल्कि ऐसे कई मामलों की श्रृंखला है, जिन्हें भाजपा आने वाले दिनों में सामने रखेगी.
#WATCH | Delhi | BJP leader Pradeep Bhandari says, “We allege that Congress President Mallikarjun Kharge and his son (Priyank Kharge) are looting land through a trust called Siddharth Vihar Trust... I will present several cases of corruption in which Mallikarjun Kharge, through… pic.twitter.com/VS1JK3acl3
— ANI (@ANI) June 24, 2026
उन्होंने कहा, "भूमि लूट का पहला मामला मैं आपके सामने सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट का रखना चाहता हूं. 2024 में कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट बोर्ड (KIADB) ने इस ट्रस्ट को पांच एकड़ जमीन आवंटित की थी. उस समय कर्नाटक में कांग्रेस सरकार थी. मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस अध्यक्ष थे और आज भी हैं, जबकि प्रियांक खरगे मंत्री थे."
भंडारी के अनुसार, इस जमीन का घोषित उद्देश्य एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में रिसर्च एंड डेवलपमेंट था. उन्होंने आरोप लगाया कि बाजार में इस पांच एकड़ जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये है, लेकिन जिस उद्देश्य से जमीन दी गई थी, उस दिशा में कोई गतिविधि नहीं हुई.
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उन्होंने कहा, "इस पांच एकड़ जमीन का मौजूदा बाजार मूल्य लगभग 100 करोड़ रुपये है. यह जमीन किसी औद्योगिक या एयरोस्पेस संस्थान को मिलनी चाहिए थी. इसके बजाय इसे कांग्रेस अध्यक्ष के निजी ट्रस्ट को दे दिया गया और इस ट्रस्ट ने कोई रिसर्च एंड डेवलपमेंट गतिविधि नहीं की."
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट में मल्लिकार्जुन खरगे, उनके बेटे प्रियांक खरगे, दामाद और पत्नी शामिल हैं. उन्होंने कहा, "हम आरोप लगाते हैं कि मल्लिकार्जुन खरगे और उनके बेटे एक ट्रस्ट के जरिए कर्नाटक में जमीन हड़पने और भ्रष्टाचार में शामिल हैं. इस ट्रस्ट का नाम सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट है. मैं एक नहीं बल्कि कई ऐसे मामलों को सामने रखूंगा, जिनमें इस ट्रस्ट के जरिए अलग-अलग जमीनों पर कब्जा किया गया और प्रभाव का इस्तेमाल कर गरीबों की जमीन हड़पने की कोशिश की गई."
भंडारी ने गुलबर्गा जिले में 19 एकड़ जमीन के आवंटन को भी विवादास्पद बताया. उन्होंने दावा किया, "19 एकड़ सार्वजनिक भूमि कांग्रेस सरकार ने खरगे के निजी ट्रस्ट को दे दी. इसका मतलब है कि 19 एकड़ सार्वजनिक जमीन एक ऐसे निजी ट्रस्ट के नियंत्रण में चली गई, जिसके सदस्यों में मल्लिकार्जुन खरगे के परिवार के लोग शामिल हैं."
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