बिहार शेल्टर होम कांड पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ऐसा लगता है, ये घटनाएं राज्य पोषित हैं
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम चलाने वाले गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) को पैसे देने पर खिंचाई की जिसमे लड़कियों के साथ कथित तौर पर बलात्कार और यौन उत्पीड़न किया गया.

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने भारत में रेप की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि महिलाओं के साथ हर तरफ बलात्कार की घटनायें हो रही हैं. न्यायालय ने राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो का हवाला देते हुए कहा कि भारत में हर छह घंटे में एक महिला के साथ रेप होता है. इसी सिलसिले में बिहार की नीतीश सरकार को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऐसा लगता है, ये घटनाएं राज्य पोषित हैं.
एनजीओ की जांच क्यों नहीं की गई सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम चलाने वाले गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) को पैसे देने पर खिंचाई की जिसमें लड़कियों के साथ कथित तौर पर बलात्कार और यौन उत्पीड़न किया गया. कोर्ट ने पूछा कि जिस एनजीओ को फंड दिए जा रहे थे उनकी जांच क्यों नहीं की गई.
#MuzaffarpurShelterHome case: Supreme Court raps the shelter home, asks 'who is giving money to the shelter home in the state?'
— ANI (@ANI) August 7, 2018
15 अन्य आश्रय गृह जांच के घेरे में इस मामले में न्याय मित्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, "मुजफ्फरपुर आश्रय गृह में यौन उत्पीड़न की कथित पीड़िताओं को कोई मुआवजा नहीं दिया गया है." वहीं कोर्ट ने पूछा कि इन आश्रय गृह को कौन पैसे दे रहा था. कोर्ट को बताया गया था कि मुजफ्फरपुर आश्रय गृह अपनी तरह का अकेला नहीं है, बल्कि ऐसे 15 और आश्रय गृह हैं जो जांच के घेरे में हैं. इन्हें सरकार से फंड मिलता है.
मंजू के बचाव में आए नीतीश न्यूज़ एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक और शेल्टर होम से लापता 11 महिलाओं में से एक का पता लगा लिया गया है. आपको बता दें कि बिहार के मुजफ्फपुर के एक शेल्टर होम में 34 बच्चियों के साथ हुए रेप के मामले को सीएम नीतीश कुमार ने सिस्टम का फॉल्ट बताया था. साथ ही उन्होंने अपनी समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को ये कहते हुए हटाने से मना कर दिया कि मंजू ने उनपर लगे आरोपों को नकारा है. आपको बता दें कि मंजू के पति पर शेल्टर होम में अक्सर जाने का आरोप लगा है.
यूपी में भी हुई बिहार जैसी घटना कल के अपने बयान में नीतीश ने ये भी कहा कि ऐसे शेल्टर होम्स का जिम्मा अब एनजीओ के हाथों से ले लिया जाएगा और राज्य सरकार इन्हें चलाएगी. आपको ये भी बता दें कि बिहार शेल्टर होम रेप जैसा ही मामला यूपी के देवरिया से सामने आया है जिसके बाद केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने राज्यों को निर्देश जारी किया है. उन्होंने राज्यों के ऐसी केंद्रीय व्यवस्था बनाने को कहा है जिसके तहत ऐसी बच्चियों को एक जगह रखा जा सके और एनजीओ को ऐसे गलत कामों से रोका जा सके.
जेल में नहीं मुख्य आरोपी ब्रजेश सिंह मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर 2 जून को ही गिरफ़्तार हो चुका है लेकिन गिरफ्तार होने के बाद 9 जून से 27 जून तक वह मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) के कैदी वार्ड में भर्ती था. जिसके बाद उसे जेल अस्पताल में शिफ्ट किया गया. एसकेएमसीएच में भर्ती किए जाने के पीछे की वजह जानने के लिए एबीपी न्यूज़ ने एसकेएमसीएच के मेडिकल सुपरिटेंडेंट सुनील कुमार शाही से बात की.
सुनील कुमार शाही ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर गठित मेडिकल बोर्ड की सलाह पर ही जेल सुपरिटेंडेंट के निर्देश के बाद ब्रजेश ठाकुर को एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया था. लेकिन कुछ दिन बाद ही नए जेल सुपरिटेंडेंट ने ब्रजेश ठाकुर को जेल हॉस्पिटल में शिफ़्ट करने का निर्देश दिया. इसके बाद ब्रजेश ठाकुर को जेल हॉस्पिटल में शिफ़्ट किया गया.
कैसे समाने आया मामला सेवा संकल्प और विकास समिति की तरफ से चलाए जाने वाले बालिका गृह में 34 लड़कियों से रेप की बात एक सोशल ऑडिट में सामने आई थी. बिहार समाज कल्याण विभाग ने मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) से बिहार के सभी आश्रय गृहों का सर्वेक्षण करवाया था, जिसके बाद इन नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था.
देखें वीडियो



















