'मैं ये कहकर चंपत राय का बचाव नहीं कर रहा...', राम मंदिर चंदा चोरी पर VHP का विस्फोटक जवाब
Ram Mandir Donation Row: वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि न तो उत्तर प्रदेश की सरकार किसी को बचाना चाहती है और न वीएचपी किसी को बचाना चाहती है.

राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि चंपत राय का इस्तीफा बैठक में रखा जाएगा और उस पर विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा, 'FIR के दो दिन के अंदर उनका त्यागपत्र हुआ. इसको मैं अनुचित नहीं मानता हूं. इस देश के दो पीएम ऐसे रहे और एक वो जो प्रधानमंत्री पद का दावा करते हैं, उनके ऊपर भी गंभीर आरोप लगे. वो जमानत पर रहे. उन्होंने तो आजतक त्यागपत्र नहीं दिया. मैं ये कहकर चंपत राय का बचाव नहीं कर रहा हूं. मैं ये नहीं कर रहा कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया था तो ये भी नहीं दें.'
ट्रस्ट को भंग करने के सवाल पर क्या बोले आलोक कुमार?
आलोक कुमार ने कहा, 'हमने तो सबसे पहले सार्वजनिक रूप से कहा कि एफआईआर करो. अगले दिन एफआईआर हो गई. हम जीरो टॉलरेंस और निष्पक्षता चाहते हैं. दो ट्र्स्टी पर आरोप हैं. उन दोनों ने त्यागपत्र दिया. बाकी ट्रस्टी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है तो फिर इन दोनों ट्रस्टी को लेकर 6 तारीख को निर्णय हो जाएगा. एफआईआर में भी समग्र जांच की मांग की गई है. सब पर पूरी गहराई से जांच होगी और जो भी दोषी होगा उसको जेल की चक्की पीसनी पड़ेगी.
उन्होंने कहा, 'न वहां की सरकार किसी को बचाना चाहती है और न वीएचपी किसी को बचाना चाहती है. हम इस बात की निगरानी भी करेंगे कि जांच में कोई ढील न हो. हम जानते हैं कि इस घटना से हिंदू समाज को कितना अघात पहुंचा है. इस अघात को कम करने का उपाय निष्पक्ष जांच ही है. दोषी पकड़े जाएं, फास्ट ट्रैक कोर्ट में दंडित हों और अब से 4-5 महीने में उनका जेल जाना सुनिश्चित हो.'
कांग्रेस ने चंपत राय पर SIT रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की
कांग्रेस ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की एसआईटी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए और मंदिर ट्रस्ट से इस्तीफा दे चुके चंपत राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए. कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में चुप्पी तोड़नी चाहिए और लोगों की आस्था के साथ हुए विश्वासघात के लिए माफी मांगनी चाहिए.
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ‘श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कोई साधारण ट्रस्ट नहीं है. इसकी घोषणा फरवरी, 2020 में नरेंद्र मोदी ने की थी. इसके पदाधिकारी वो लोग हैं, जो आजीवन आरएसएस से जुड़े रहे, संघ के सेवक रहे. इसमें से कोई मोदी जी का दुलारा है तो कोई योगी जी की आंखों का तारा है. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि जिन्हें मंदिर निर्माण और संचालन का काम मिला, उन्होंने ही भगवान राम के दरबार को लूट लिया.
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