कश्मीर में सेना की मांओं से अपील, बेटों को आतंकवादी बनने से रोकें
जम्मू कश्मीर में सेना ने आतंक का रास्ता अपनाने वाले युवाओं को वापस सामान्य जीवन में लाने के लिए उनकी मांओं से अपील की है. सेना ने कहा है कि कृपया अपने बच्चों को आतंकवादी बनने से रोकिए.

श्रीनगर: कश्मीर में आतंक का रास्ता अपनाने वाले युवाओं को वापस मुख्यधारा में लाने के लिए सेना ने एक खास अपील की है. सेना की ये अपील कश्मीर की मांओं से हैं. सेना के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि माताएं अपने बच्चों को आतंक के रास्ते से वापस सामान्य जीवन में लाने के लिए सेना की मदद करें.
इस दौरान सेना की 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल के जे एस ढिल्लन ने ऐसे युवाओं की सुरक्षा का आश्वासन भी दिया. उन्होंने कहा, “मैं व्यक्तिगत तौर पर कश्मीर की सभी मांओं से आग्रह करता हूं कि वे अपने बच्चों को आतंकवादी बनने से रोकें और गुमराह हो चुके बच्चों को वापस लाएं. मैं आपको उनकी सुरक्षा और मुख्याधारा में उनको 100 फीसदी शामिल किए जाने की गारंटी देता हूं.’’
सैन्य अधिकारी रंगरेथ में जम्मू-कश्मीर लाइट इंफेंट्री (जाकली) के रंगरूटों की पासिंग आउट परेड को संबोधित कर रहे थे. कोर कमांडर ने कहा कि जीवन ईश्वर का सबसे खूबसूरत तोहफा है और यह परिवार के साथ खुशी-खुशी रहने के लिए है. उन्होंने कहा, “कृपया उन्हें मुख्यधारा में वापस ले आएं. जीवन को अपने परिवार के साथ अच्छे से जिएं और खुश रहें.” कश्मीर घाटी के 26 कैडेट समेत कुल 152 कैडेट छह महीने के कठिन प्रशिक्षण के बाद जाकली रेजिमेंट में भर्ती किए गए.
यह भी पढ़ें-
पत्नी टीना और बेटों के साथ आकाश और श्लोका की शादी में पहुंचे अनिल अंबानी, देखें तस्वीरें
आकाश और श्लोका की शादी: बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान और रणबीर कपूर ने जमकर किया डांस असिस्टेंट प्रोफेसर्स की बहाली तेज करने का UGC ने दिया विश्वविद्यालयों को निर्देश राम मंदिर को लेकर सीएम योगी का बड़ा बयान, कहा- अगर मध्यस्थता से हल होगा तो स्वागत करूंगा देखें वीडियो- 





















