जेपी नड्डा का इमरजेंसी वाला वीडियो शेयर कर क्या बोले अभिजीत दीपके?
Parliament Monsoon Session 2026: जेपी नड्डा ने कहा कि जब वह स्टूडेंट एक्टिविस्ट थे तब कांग्रेस पार्टी की सत्ता थी और पुलिस उन्हें कई बार क्लासरूम से गिरफ्तार किया गया था.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के सोशल मीडिया पोस्ट को शेयर किया है. इसमें नड्डा राज्यसभा में इमरजेंसी के दौरान हुई खुद की गिरफ्तारी का जिक्र कर रहे हैं. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और CPM सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास ने सीपीएम मुख्यालय में एकेजी भवन में दिल्ली पुलिस के घुसने का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा था कि पुलिस यहां एक छात्र नेता को गिरफ्तार करने पहुंची थी. इस पर जेपी नड्डा ने कहा कि जब वह स्टूडेंट एक्टिविस्ट थे तब कांग्रेस पार्टी की सत्ता थी और पुलिस उन्हें कई बार क्लासरूम से गिरफ्तार किया गया था.
अभिजीत दीपके ने शेयर किया जेपी नड्डा का वीडियो
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के इसी बयान को शेयर करते हुए अभिजीत दीपके ने लिखा, 'इमरजेंसी के दौरान.' सरकार का पक्ष रखते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि इस घटना को अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है और इसे सामान्य कानून-व्यवस्था की कार्रवाई के रूप में देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा, सरकार की ओर से इस विषय पर जवाब दिया. डॉ. जॉन ब्रिटास ने जो मुद्दा उठाया है, वह मूल रूप से कानून-व्यवस्था से जुड़ा एक सामान्य मामला है और इसे उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए.' उन्होंने अपने छात्र जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह स्वयं छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं. आपातकाल के दौरान उन्हें कई बार कक्षा से ही गिरफ्तार किया गया था.
“During the emergency” https://t.co/iWR46vMPNS
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 29, 2026
दो बार क्लास रूम से गिरफ्तार किया गया: नड्डा
उन्होंने कहा कि उन्हें एक बार नहीं, बल्कि दो बार क्लास रूम से गिरफ्तार किया गया और उस समय भी उन्होंने ऐसी परिस्थितियों का सामना किया था. जेपी नड्डा ने कहा कि छात्र आंदोलनों में सक्रिय रहने वालों को कई बार कानून के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ता है और पुलिस अपने दायित्व के अनुसार काम करती है. इस मामले में भी पुलिस ने अपने कर्तव्य के अनुरूप कार्रवाई की है. उन्होंने कहा कि इस घटना को सनसनीखेज बनाने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए.
सदन के नेता ने कहा कि यह कानून-व्यवस्था से जुड़ी सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई है, जिसे पुलिस समय-समय पर करती रहती है. जो लोग छात्र आंदोलन या सक्रिय राजनीति का हिस्सा बनते हैं, उन्हें ऐसी कानूनी प्रक्रियाओं का सामना करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए.























