यूपी : 100 नंबर पर की सैकड़ों कॉल, पुलिस को झूठी सूचना देकर फैलाता था 'सनसनी'

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पुलिस ने इमरजेंसी सेवा 100 को लेकर जोर-शोर से प्रचार किया है. नए वाहन भी इस सेवा में लगाए गए हैं. पुलिस का दावा है कि 100 नंबर पर जवान मुस्तैद हैं और प्रतिक्रिया का समय भी काफी कम है. लेकिन, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस इमरजेंसी सेवा का इस्तेमाल 'मस्ती' के लिए कर रहे हैं. जाली कॉल्स कर के वे पुलिस का समय तो बर्बाद करते ही हैं, साथ ही दहशत फैलाने की कोशिश भी करेत हैं.
ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला कर लिया
लेकिन, यूपी पुलिस ने अब ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला कर लिया है. ऐसे ही एक शख्स को पुलिस गिरफ्तार भी कर लिया है. भदोही पुलिस ने रविवार को यूपी-100 डायल सेवा का दुरुपयोग करने वाले मिर्जापुर के युवक को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की.
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कुल 424 बार '100' का उसकी तरफ से दुरुपयोग किया गया
पुलिस के दावे की माने तो इस सेवा के लांच होने के बाद दिसंबर-2016 से अब तक कुल 424 बार '100' का उसकी तरफ से दुरुपयोग किया गया है. लखनऊ कंट्रोल रूम को घटनाओं की फर्जी सूचना दी गई है. रविवार को भी इसने भदोही पुलिस को जिले के गोपीगंज थाने के धनापुर एवं रामपुर घाट में गुलाब पासी नामक व्यक्ति की हत्या कर शव को तालाब में फेंके जाने की गलत सूचना दी.
100 नंबर डायल कर सूचना दी गई थी, सभी सूचनाएं फर्जी
पुलिस वहां पहुंची तो सूचना फर्जी निकली. एसपी डीपीएन पांडेय ने इसे गंभीरता से लेते हुए गिरफ्तारी के लिए ज्ञानपुर के सीओ श्याम शंकर पांडेय को कमान सौंपी. इंटेलीजेंस विंग और सर्विलांस टीम ने मोबाइल नंबर (8726694577) की कॉल डिटेल निकाली. इसके बाद लगातार पांच बार 100 नंबर डायल कर सूचना दी गई थी और हत्या की सभी सूचनाएं फर्जी निकली.
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भाई की हत्या होने की भी कंट्रोल रूम को गलत खबर दी
यहां तक उसने अपने खुद सगे भाई की हत्या होने की भी कंट्रोल रूम को गलत खबर दी. पुलिस ने रविवार सुबह 11:30 बजे गोपीगंज-मीरजापुर बॉर्डर पर रामपुर घाट से फर्जी काल करने वाले युवक को दौड़ाकर पकड़ लिया. वह मिर्जापुर जिले के गैपुरा थाना विंध्याचल के निफरा गांव का निवासी है. उसका नाम बंधूराम पासी है.
आइडिया और एक एयरटेल सिम का उपयोग किया जाता था
फर्जी सूचना देने के लिए उसकी तरफ से मोबाइल नंबर आइडिया और एक एयरटेल सिम का उपयोग किया जाता था. पुलिस ने मोबाइल सेट भी बरामद किया है. गिरफ्तारी के बाद उसने कबूला है की टोल-फ्री नंबर होने की वजह से कोई पैसा खर्च न होने से वह फर्जी कॉल करता था. सूचना देने के बाद अपना मोबाइल बंद कर स्थान बदल देता था और दूर से पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखता था.
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पुलिस अब यूपी-100 पर गलत सूचना देने वालों पर लगाम कसेगी
जिस नंबर का वह प्रयोग करता था वह दूसरे के नाम पर जारी था. इसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यूपी-100 पर गलत सूचना देने वालों पर लगाम कसेगी. उसने हत्या, मारपीट, छिनैती़, अपहरण की गलत सूचना के जरिए लखनऊ कंट्रोल रूम के अलावा भदोही, मीरजापुर, इलाहाबाद, वाराणसी, कानपुर, लखीमपुर खीरी, प्रतापगढ़, रायबरेली, हरदोई, सुल्तानपुर पुलिस की नाक में दम कर रखा था.
यात्रा के दौरान वह जिन जनपदों से गुजराता था, वहां कॉल कर देता था
यात्रा के दौरान वह जिन जनपदों से गुजराता था. वहां की पुलिस को फर्जी कॉल कर परेशान करता था. पुलिस ने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है. गौरतलब है कि देश की राजधानी दिल्ली में भी पुलिस ऐसे फर्जी कॉल करने वाले लोगों से परेशान है. दिल्ली में पुलिस कंट्रोल रूम के पास भी कई फर्जी कॉल्स आती हैं.
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Source: IOCL





















