बिहार के बाद अब मध्यप्रदेश में पत्रकार की हत्या, रेत माफिया के खिलाफ की थी स्टोरी
एमपी के भिंड में संदीप शर्मा नाम के एक पत्रकार की ट्रक से कुचल कर हत्या कर दी गई. संदीप पिछले कई महीनों से बालू माफिया पर स्टोरी कर रहे थे.

भोपाल: रविवार को बिहार में हुई पत्रकार की हत्या के बाद अब मध्य प्रदेश में एक पत्रकार की हत्या का मामला सामने आया है. एमपी के भिंड में संदीप शर्मा नाम के एक पत्रकार की ट्रक से कुचल कर हत्या कर दी गई. संदीप पिछले कई महीनों से बालू माफिया पर स्टोरी कर रहे थे. उन्होंने पुलिस में शिकायत भी की थी कि उनके जान को खतरा है.
भिंड में पत्रकार संदीप शर्मा के एक्सीडेंट का वीडियो,परिजनों ने हत्या का संदेह जताया। शर्मा ने कुछ महीने पहले पुलिस का स्टिंग किया था। @abpnewshindi pic.twitter.com/u7KjyzJIzq
— Brajesh Rajput (@brajeshabpnews) March 26, 2018
इस हत्या का एक सीसीटीवी फुटेज जारी हुआ है जिसमें ये साफ दिख रहा है कि एक ट्रक एक बाइक सवार युवक के उपर से निकल जाती है. एक बार फिर राज्य सरकारें पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में हैं. दोनों ही राज्यों में बीजेपी की सरकार है.
इससे पहले बिहार के भोजपुर जिले में रविवार की रात को अपराधियों ने एक पत्रकार समेत दो लोगों को गाड़ी से कुचल कर मार डाला. यह वारदात आरा-सासाराम स्टेट हाईवे पर गड़हनी थाना क्षेत्र के नहसी गांव के नजदीक हुई. आरोप है कि गड़हनी के एक पूर्व मुखिया के परिजनों ने इस हत्या को अंजाम दिया है. हत्या में स्कॉर्पियो गाड़ी इस्तेमाल की गई थी.
पत्रकारों पर हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इससे एक साल पहले सिवान में पत्रकार राजदेव रंजन की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वहीं पिछले साल कर्नाटक में पत्रकार गौरी लंकेश की उनके घर के बाहर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. गुंडे-बदमाशों के अलावा पत्रकारों को सरकारों से भी खतरा बना रहता है.
मीडिया वॉचडॉग "द हूट" की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2017 में तीन पत्रकारों की हत्या की गई और 46 पत्रकारों पर हमला किया गया. वहीं इस दौरान पत्रकारों से जुड़े 27 ऐसे मामले सामने आए जिसमें पुलिस कार्रवाई की गई है. साल 2017 में पत्रकारों को धमकी देने के 12 मामले सामने आए थे.
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Source: IOCL






















