कपड़े धोने के बाद भी रह जाती है बदबू, डिटर्जेंट नहीं ये चीजें बदलें
कपड़ों में बदबू की वजह डिटर्जेंट नहीं, बल्कि ज़्यादा डिटर्जेंट, मशीन ओवरलोड, गलत पानी का तापमान, एक्स्ट्रा रिंस न करना और मशीन की सफाई न करना जैसी गलतियां होती हैं.

कपड़े धोने के बाद साफ और चमकदार दिखने चाहिए, लेकिन अकसर धुले हुए कपड़ों में भी अजीब सी बदबू रह जाती है. ज्यादातर लोग इसे डिटर्जेंट की क्वालिटी या मशीन की गड़बड़ी समझ लेते हैं, लेकिन असल वजह कुछ और होती है. दरअसल धुलाई के दौरान कपड़ों से शरीर का तेल, बैक्टीरिया, डिटर्जेंट का जमाव और पानी में मौजूद मिनरल्स पूरी तरह नहीं निकलता है, और यही चीजें बदबू की जड़ बन जाती हैं. आइए जानते हैं ऐसी कौन सी आम गलतियां हैं जिनकी वजह से कपड़े धोने के बाद भी बदबू नहीं जाती.
जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट डालना
यह सोचना आम है कि ज्यादा डिटर्जेंट डालने से कपड़े ज्यादा साफ हो जाएंगे, लेकिन इसका उल्टा असर होता है. एक्स्ट्रा डिटर्जेंट पूरी तरह धुल नहीं पाता, जिससे कपड़ों में उसका बचा हुआ भाग रह जाता है, और यही बचा हुआ भाग शरीर के तेल और बैक्टीरिया को अपने अंदर फंसा लेता है,और यही बदबू की वजह होती है.
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मशीन में कपड़े ज्यादा भर देना
वॉशिंग मशीन का ड्रम भरा हुआ तो होना चाहिए, लेकिन ठोस कर भरना सही तरीका नहीं है. एक आसान तरीका यह है, कि ड्रम में हाथ डालकर उसे थोड़ा घुमाने लायक जगह होनी चाहिए, ताके कपड़े सही तरीके से धुल सके.
इन चीजों का रखें ख्याल न
रोजमर्रा के कपड़ों के लिए ठंडा पानी अच्छा बेहतर होता है, खासकर सिल्क, रेयॉन, वूल और स्पैंडेक्स जैसे नाजुक कपड़ों के लिए यह बेहतर माना जाता है. लेकिन तौलिये, बेडशीट और पसीने से भीगे वर्कआउट कपड़ों के लिए गर्म पानी शरीर के तेल और गंदगी को बेहतर तरीके से निकालता है.
इस काम को ज्यादा न करें
कई बार सही मात्रा में डिटर्जेंट डालने के बावजूद कपड़ों में उसका असर रह जाता है, खासकर तौलिये, बेडशीट और वर्कआउट वाले कपड़ों में. ऐसे में एक एक्स्ट्रा रिंस साइकल चलाना फायदेमंद होता है, इससे बचा हुआ डिटर्जेंट, तेल और गंदगी अच्छी तरह बाहर निकल जाती है.
गीले कपड़ों को न छोड़ें
साफ धुले कपड़े भी अगर लंबे समय तक मशीन में गीले रखते हैं, तो उनमें बदबू पैदा हो सकती है. नमी की वजह से बदबू फैलाने वाले बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगते हैं, जिससे कपड़े ड्रायर तक पहुंचने से पहले ही सीली सीली गंध देने लगता है. इसलिए धुलाई खत्म होते ही कपड़ों को ड्रायर में डालना या सुखाने के लिए टांग दें.
सफाई है जरुरी
वॉशिंग मशीन खुद कपड़े साफ करती है, लेकिन उसे भी सफाई की जरूरत होती है. समय के साथ डिटर्जेंट का जमाव, शरीर का तेल और सख्त पानी से बनने वाले मिनरल्स मशीन के अंदर जमा हो जाते हैं, जिससे मशीन की सफाई करने की ताकत कम हो जाती है और बदबू की समस्या और बढ़ जाती है. महीने में एक बार मशीन का सेल्फ क्लीन साइकल या गर्म पानी के साथ क्लीनर इस्तेमाल करना चाहिए.
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