एक्सप्लोरर

Yawning Effect On Ears : जम्हाई लेते ही सुनाई क्यों देने लगता है साफ? जानिए इसके पीछे का कारण और एक्सपर्ट की राय

Yawning Effect On Ears : आपने कई बार देखा होगा कि जम्हाई लेने के तुरंत बाद आसपास की आवाजें थोड़ी ज्यादा साफ और तेज सुनाई देने लगती हैं. यह कोई भ्रम नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण मौजूद हैं.

Yawning Effect On Ears : हम सभी दिन में कई बार जम्हाई लेते हैं. कभी नींद आने पर, कभी थकान में, या कभी बिना किसी खास वजह के, आमतौर पर हम इसे सिर्फ नींद या बोरियत से जोड़कर देखते हैं, लेकिन शरीर में होने वाली यह साधारण सी क्रिया असल में कई काम करती है. आपने कई बार देखा होगा कि जम्हाई लेने के तुरंत बाद आसपास की आवाजें थोड़ी ज्यादा साफ और तेज सुनाई देने लगती हैं. यह कोई भ्रम नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण मौजूद हैं. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि जम्हाई लेते ही साफ सुनाई क्यों देने लगता है और इसके पीछे का कारण और एक्सपर्ट की राय क्या है. 

जम्हाई का कानों पर क्या असर होता है?

हमारे कान के अंदर एक छोटी सी नली होती है जिसे Eustachian tube (यूस्टेशियन ट्यूब) कहा जाता है. यह नली हमारे मिडिल ईयर को गले से जोड़ती है. आमतौर पर यह बंद रहती है. जब हम जम्हाई लेते हैं, तो मुंह और जबड़े के खिंचाव की वजह से यह नली खुल जाती है. इससे कान के अंदर और बाहर के हवा के प्रेशर में संतुलन बन जाता है. ईयरड्रम  सही तरीके से हिलने लगता है. आवाजें ज्यादा साफ सुनाई देने लगती हैं. जम्हाई एक तरह से आपके कानों का रीसेट बटन दबा देती है. 

जम्हाई लेते ही साफ सुनाई क्यों देने लगता है?

जम्हाई लेते समय कान के अंदर मौजूद दो छोटे मांसपेशियां Tensor tympani muscle और Stapedius muscle, कुछ समय के लिए सक्रिय हो जाती हैं. ये कान की हड्डियों को थोड़ी देर के लिए टाइट कर देती हैं. इससे आवाज थोड़ी देर के लिए कम सुनाई देती है. जैसे ही ये मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं, सुनने की क्षमता बेहतर महसूस होती है. इसलिए जम्हाई के बाद आपको आवाजें क्लियर लगती हैं. 

प्लेन में कान क्यों बंद हो जाते हैं और जम्हाई क्यों मदद करती है?

आपने महसूस किया होगा कि हवाई जहाज में सफर करते समय कान बंद हो जाते हैं और पॉप की आवाज आती है. इसका कारण भी वही प्रेशर का असंतुलन है. ऐसे में जम्हाई लेने से यूस्टेशियन ट्यूब खुलती है, दबाव बराबर होता है. साथ ही कान तुरंत हल्के और साफ महसूस होते हैं.

इसके पीछे का कारण

जम्हाई लेने से शरीर में ब्लड फ्लो थोड़ा बढ़ जाता है. इससे दिमाग ज्यादा एक्टिव महसूस करता है, सुनने की प्रक्रिया थोड़ी बेहतर हो सकती है और आप आसपास की आवाजों को ज्यादा ध्यान से पकड़ पाते हैं. 

यह भी पढ़ें - Aspirin Cancer Prevention: क्या कैंसर के खतरे को कम कर सकती है एस्पिरिन? जान लें इसके पीछे की वजह

एक्सपर्ट की राय क्या है?

कुछ एक्सपर्ट मानते हैं कि जम्हाई हमारे शरीर का एक प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र (defence mechanism) भी हो सकती है. यह कान के अंदर की मांसपेशियों को एक्टिव करती है. ये मांसपेशियां तेज या अंदरूनी आवाजों जैसे अपनी आवाज, दांत पीसना से कान को बचाती हैं. यह अंदरूनी शोर को कम करके बाहरी आवाजों को बेहतर सुनने में मदद करती है. 

कब हो सकती है समस्या?

अगर आपको बार-बार जम्हाई लेकर ही कान खोलने पड़ते हैं, या एक कान खुलता है, दूसरा नहीं, कान में भारीपन बना रहता है, बार-बार पॉप की जरूरत महसूस होती है तो यह यूस्टेशियन ट्यूब में दिक्कत का संकेत हो सकता है. इसके कारण एलर्जी, साइनस की समस्या या एसिड रिफ्लक्स हो सकते हैं. ऐसे में डॉक्टर, ENT स्पेशलिस्ट से सलाह लेना जरूरी है.  

यह भी पढ़ें - Oral Cancer Causes: क्या तंबाकू और शराब न पीने वालों को भी हो सकता है मुंह का कैंसर, जवाब सुन नहीं होगा यकीन
 
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

मानसी उपाध्याय करीब दो साल से डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मूल रूप से उत्तराखंड से जुड़ी मानसी ने अपनी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से पूरी की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए (ऑनर्स) हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की और वर्तमान में राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म कर रही हैं. पत्रकारिता में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अक्टूबर 2024 में एबीपी नेटवर्क से की. अब वह डिजिटल कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें फीचर और इंफॉर्मेटिव स्टोरीज लिखने के साथ-साथ स्क्रिप्ट राइटिंग, सोशल मीडिया और रिसर्च आधारित कंटेंट तैयार करने में रुचि है. हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ रखने वाली मानसी ऐसी स्टोरीज लिखना पसंद करती हैं, जो पाठकों को नई और जरूरी जानकारी आसान भाषा में दें. उनकी कोशिश रहती है कि कंटेंट सिर्फ जानकारी देने वाला ही नहीं, बल्कि पढ़ने में दिलचस्प और पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ भी हो.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Epilepsy Symptoms: मिर्गी के साथ कैसे जिएं सामान्य जिंदगी? एक्सपर्ट से जानें सच
मिर्गी के साथ कैसे जिएं सामान्य जिंदगी? एक्सपर्ट से जानें सच
Gender Affirming Surgery: क्या है जेंडर अफर्मिंग सर्जरी, जानें प्रक्रिया और कितना आता है खर्च?
क्या है जेंडर अफर्मिंग सर्जरी, जानें प्रक्रिया और कितना आता है खर्च?
सोते-सोते सुन्न हो जाता है हाथ, हो सकती है गंभीर वजह 
सोते-सोते सुन्न हो जाता है हाथ, हो सकती है गंभीर वजह 
केवल 6 महीने में कैंसर को कैसे दें मात? आज से ही फॉलो करें ये टिप्स
केवल 6 महीने में कैंसर को कैसे दें मात? आज से ही फॉलो करें ये टिप्स

वीडियोज

सोशल मीडिया की हसीन 'विष कन्या !
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल का पूरा प्लान क्या है?
चाय की चुस्की CEC के खिलाफ विपक्ष की 'नई रणनीति' !
एक चाय, दो बिस्किट-SIR की जंग में कौन 'हिट'
राहुल का प्रोटेस्ट..अमित शाह ने संभाल लिया 'मोर्चा'

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
राहुल गांधी ने अभिजीत दीपके को दिया सीधा मैसेज- 'भले ही बैनर अलग हों...'
राहुल गांधी ने अभिजीत दीपके को दिया सीधा मैसेज- 'भले ही बैनर अलग हों...'
'बिल्कुल बेतुका...' सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत पर बोले अरविंद केजरीवाल
'बिल्कुल बेतुका...' सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत पर बोले अरविंद केजरीवाल
आशुतोष रांका-सौरव दास की न्यायिक हिरासत पर बोले अभिजीत दीपके- 'मोदी जी हिम्मत है तो...'
आशुतोष रांका-सौरव दास की न्यायिक हिरासत पर बोले अभिजीत दीपके- 'मोदी जी हिम्मत है तो...'
'ब्रेकिंग बैड' एक्टर आरजे मिट्टे की मौत की असल वजह का हुआ खुलासा, पुलिस ने किसी गड़बड़ी से किया इंकार
'ब्रेकिंग बैड' एक्टर आरजे मिट्टे की मौत कैसे हुई? असल वजह का हुआ खुलासा
यशस्वी 0, केएल राहुल ने बनाए 4 और 1, रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में फ्लॉप रहे ये 4 धुरंधर
यशस्वी 0, केएल राहुल ने बनाए 4 और 1, रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में फ्लॉप रहे ये 4 धुरंधर
आशुतोष रांका-सौरव दास को न्यायिक हिरासत, CJP की पहली प्रतिक्रिया- 'सिर ऊंचा करके...'
आशुतोष रांका-सौरव दास को न्यायिक हिरासत, CJP की पहली प्रतिक्रिया- 'सिर ऊंचा करके...'
'पिछलग्गू बनकर मजा आया...', राहुल के पीछे खड़े अखिलेश पर राजभर ने कसा तंज
'पिछलग्गू बनकर मजा आया...', राहुल के पीछे खड़े अखिलेश पर राजभर ने कसा तंज
Epilepsy Symptoms: मिर्गी के साथ कैसे जिएं सामान्य जिंदगी? एक्सपर्ट से जानें सच
मिर्गी के साथ कैसे जिएं सामान्य जिंदगी? एक्सपर्ट से जानें सच
Embed widget