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सावधान! पेरेंट्स मोटे हैं तो बच्चे का डवलपमेंट हो सकता है धीमा

नईदिल्ली : क्या आपके बच्चे की हाथों और उंगलियों का मोमेंट धीमा है? क्या आपका बच्चा अन्य बच्चों से कम बातचीत करता है या कम एक्टिव है? अगर ऐसा है तो, इसमें उसका नहीं बल्कि आपका दोष है. जी हां, एक रिसर्च कुछ ऐसा ही कहती है. क्या कहती है रिसर्च रिसर्च के मुताबिक, पेरेंट्स की हेल्थ का बच्चों के डवलपमेंट पर बहुत असर पड़ता है. रिसर्च में पाया गया कि ऐसे 70 फीसदी बच्चे जिनकी मदर्स मोटी हैं, का स्किल डवलपमेंट दूसरे सामान्य बच्चों की तुलना में 3 साल तक धीमा होता है. वहीं ऐसे 75 फीसदी बच्चे जिनके फादर्स मोटे हैं वे तीन साल की उम्र तक सामान्य बच्चों की तरह बहुत जल्दी सोशल नहीं हो पाते. कपल्स मोटे हो तो... वहीं जो कपल्स बहुत ज्यादा मोटे होते हैं यानि जिन बच्चों के मां-बाप दोनों ही मोटे होते हैं उन्हें 3 साल की उम्र तक कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. क्या कहते हैं एक्सपर्ट यूएस के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ एंड ह्यूमन डवलपमेंट (NICHD) के शोधकर्ता एडविन यींग का कहना है कि रिसर्च के दौरान हमने पाया कि ना सिर्फ मदर्स बल्कि फादर्स के मोटापे का भी बच्चों के डवलपमेंट पर बहुत असर पड़ता है. कपल करें वजन कम बहरहाल, रिसर्च में अभी ये क्लीयर नहीं हुआ है कि पेरेंटल ओबेसिटी कैसे बच्चों के डवलपमेंट को डिले करती है. अगर बच्चों के डवलपमेंट और पेरेंट्स के वेट के बीच लिंक सही हैं तो फीजिशियंस को पेरेंट्स को वजन कम करने की सलाह देनी चाहिए जिससे बच्चों का विकास सही तरह से हो सके.
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Source: IOCL























