खिलौने हों या कंटेनर, प्लास्टिक बन रहा है 'साइलेंट किलर', सीधे दिल पर कर रहा वार
Plastic Health Risk: अध्ययन के अनुसार, प्लास्टिक में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स हमारी सेहत के लिए गंभीर खतरा हैं. इसकी वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का भी खतरा रहता है.

Plastic Health Risk: हमारी डेली लाइफ में प्लास्टिक इतनी बुरी तरह घुस चुकी है कि अब इससे पीछा छुड़ाना आसान नहीं है. खाने के डिब्बे, पानी की बोतलें, टॉयज, माइक्रोवेव कंटेनर हर जगह प्लास्टिक ही प्लास्टिक है, जो हमारी सेहत के लिए खतरनाक है. वैसे तो प्लास्टिक से शरीर के हर अंग को खतरा है लेकिन यह दिल की सेहत पर सीधे अटैक करती है.
एक रिसर्च में चौंकाने वाली बात सामने आई है. न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के लैंगोन हेल्थ रिसर्च में पता चला है कि प्लास्टिक के सामान में मौजूद एक खतरनाक केमिकल DEHP (डाय-2-एथाइलहेक्सिल फ्थेलेट) की वजह से हजारों लोगों की जान जा रही है. ये रिसर्च लांसेट ईबायोमेडिसिन नाम के मेडिकल जर्नल में पब्लिश किया गया है.
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DEHP क्या है और क्यों इतना खतरनाक
DEHP वो केमिकल है जो प्लास्टिक को मुलायम और टिकाऊ बनाने के लिए डाला जाता है. यानी वही चीज जो खाने के डिब्बे, बच्चों के खिलौने, अस्पताल की IV ट्यूब, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में भरी होती है. ये केमिकल धीरे-धीरे टूटता है और छोटे-छोटे प्लास्टिक कणों के साथ हमारे शरीर में पहुंच जाता है. जब ये शरीर में घुसता है, तो यह दिल की धमनियों (Arteries) में सूजन पैदा करता है और यही सूजन धीरे-धीरे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसे सीरियस रिस्क का कारण बन जाती है.
चौंकाने वाले आंकड़े
रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में दुनियाभर में करीब 3.56 लाख लोगों की मौत ऐसे ही केमिकल्स की वजह से हुई थी. भारत में सबसे ज्यादा 1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत DEHP से जुड़ी बीमारियों की वजह से हुई. इससे जुड़े हेल्थ इश्यूज का आर्थिक नुकसान 510 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.
ये चीजें ज्यादा खतरनाक
प्लास्टिक की पानी की बोतलें और खाने के डिब्बे
माइक्रोवेव में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक कंटेनर
बच्चों के सस्ते, मुलायम प्लास्टिक खिलौने
अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले ब्लड बैग्स और IV ट्यूब
नेल पॉलिश, परफ्यूम और हेयर स्प्रे
क्या करें, क्या न करें
प्लास्टिक की जगह स्टील, ग्लास या मिट्टी के बर्तन यूज करें.
खाने को कभी भी प्लास्टिक कंटेनर में माइक्रोवेव न करें.
बच्चों को हमेशा BPA फ्री और अच्छे क्वालिटी के टॉयज दें.
प्लास्टिक बोतलों का बार-बार यूज करने से बचें.
कॉस्मेटिक प्रोडक्ट खरीदते वक्त Ingredient List जरूर चेक करें.
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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Source: IOCL
























