एक्सप्लोरर

गठिया से हैं परेशान? पतंजलि का दावा- हर्बल-खनिज फार्मूला देता है प्राकृतिक राहत, जानें कैसे?

Rheumatoid Arthritis: गठिया या रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जो जोड़ों में सूजन और दर्द पैदा करती है, खासकर घुटनों को प्रभावित करती है और धीरे-धीरे बढ़ती है.

Rheumatoid Arthritis: गठिया, जिसे रूमेटॉइड आर्थराइटिस कहा जाता है, एक ऑटोइम्यून बीमारी है जो मुख्य रूप से जोड़ों, खासतौर पर घुटनों को प्रभावित करती है. यह बीमारी तब होती है जब शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही शरीर के हिस्सों पर हमला करने लगती है, जिससे जोड़ों में सूजन और दर्द उत्पन्न होता है. दुनिया भर में लगभग 1% लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं. अगर समय पर इसका इलाज ना किया जाए, तो जोड़ों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है और चलने-फिरने मे मुश्किल हो सकती है. यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरू में इसे पहचानना मुश्किल होता है.

गठिया सिर्फ शरीर की परेशानी नहीं है, बलकि यह मानसिक और भावनात्मक रूप से भी लोगों को परेशान करती है. लगातार दर्द और जोड़ों की जकड़न की वजह से रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो जाता है और जीवन की गुणवत्ता पर असर पड़ता है.

गठिया होने के पीछे कई कारण होते हैं. सबसे पहला कारण अनुवांशिकता है; यदि परिवार में किसी को पहले से गठिया रहा हो, तो इसकी संभावना बढ़ जाती है. यह बीमारी आमतौर पर 40 से 60 साल की उम्र के लोगों में अधिक देखी जाती है. हालांकि महिलाओं में पुरुषों की तुलना में गठिया होने की संभावना ज्यादा होती है. खासकर जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनमें इस बीमारी के विकसित होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. इसके अलावा, मोटापा जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे गठिया का जोखिम बढ़ सकता है.

गठिया के लक्षण और प्रभाव 

यह बीमारी कई बार गंभीर रूप धारण कर लेती है और कई बार इसके लक्षण साफ नहीं होते. इस बीमारी में मुख्य रूप से जोड़ों में दर्द और सूजन होती है. सुबह के समय शरीर में जकड़न महसूस होती है, जो 30 मिनट या उससे अधिक समय तक बनी रहती है. इसके अलावा, थकान, हल्का बुखार और भूख में कमी भी गठिया के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं. खास बात यह है कि यह बीमारी अक्सर शरीर के दोनों घुटनों या अन्य जोड़ों पर एक समान प्रभाव डालती है. 

इस बीमारी में दर्द केवल जोड़ों तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि यह शरीर के अन्य भागों जैसे कि कलाई, कोहनी, कंधे, कूल्हे और टखने तक भी फैल सकता है. कुछ मामलों में गठिया से प्रभावित व्यक्ति को त्वचा पर रैश, आंखों में सूजन और फेफड़ों में सूजन जैसी समस्याएं भी हो जाती हैं. लंबे समय तक गठिया बने रहने पर हृदय रोग, फेफड़ों की समस्या, त्वचा विकार और आंखों में जलन जैसी जटिलताएं भी विकसित हो सकती हैं.

गठिया न केवल शारीरिक रूप से परेशानी पैदा करता है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है. लगातार दर्द और गतिशीलता में कमी के कारण रोगी अपनी सामान्य गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले पाते, जिससे उनका सामाजिक जीवन प्रभावित होता है.

आधुनिक चिकित्सा में इसके इलाज के लिए एलोपैथिक दवाओं का उपयोग किया जाता है, लेकिन इन दवाओं के कई दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं. वहीं आयुर्वेद में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और खनिजों के उपयोग से गठिया के लक्षणों में राहत दी जा सकती है, और यह लंबे समय तक सुरक्षित रूप से प्रभावी रहता है.

आयुर्वेदिक समाधान: दिव्य आमवातारि रस

पतंजलि ने आयुर्वेदिक दवा दिव्य आमवातारि रस के सूजन कम करने और गठिया (आर्थराइटिस) पर असर का वैज्ञानिक अध्ययन किया. यह एक हर्बल-खनिज औषधि है, जिसका जिक्र आयुर्वेद की प्राचीन किताबों जैसे रसेंद्र चिंतामणि, भैषज्य रत्नावली, और आयुर्वेदिक फार्मुलरी ऑफ इंडिया 2003 में मिलता है. इस दवा में हरड़, बहेड़ा, आंवला, चित्रक, गुग्गुल, एरंड, बबूल के साथ आयुर्वेदिक तरीके से तैयार पारा (मरकरी) और गंधक (सल्फर) भी शामिल हैं.
पहले किए गए अध्ययनों में यह दवा गठिया से होने वाली सूजन और दर्द को कम करने में कारगर पाई गई थी. हाल ही में इसके असर को प्रयोगशाला में चूहों पर जांचा गया.

चूहों पर किया गया अध्ययन:

  • Rat Model में कैरेजीनन नामक पदार्थ से गठिया पैदा किया गया. इस दौरान दिव्य आमवातारि रस ने पैरों की सूजन कम करने में अहम भूमिका निभाई. इससे यह पता चला कि दवा की सूजन-रोधी क्षमता मजबूत है.
  • Mouse Model में कोलेजन एंटीबॉडी और बैक्टीरियल एंडोटॉक्सिन से गठिया पैदा किया गया. इस परीक्षण में देखा गया कि दवा ने जोड़ों की सूजन, पैरों और घुटनों की मोटाई और दर्द के प्रति संवेदनशीलता में सुधार किया.

अध्ययन के दौरान चूहों को उनके वजन के मुताबिक मानव के लिए उचित मात्रा दी गई. इसके परिणामस्वरूप सूजन कम हुई, जोड़ों की मोटाई में सुधार आया और दर्द में राहत मिली. साथ ही, दवा ने गठिया से होने वाली जिगर की हानि को भी कम किया.

अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट पर जाएं

https://www.patanjaliayurved.net/

सूजन और इम्यून प्रतिक्रिया पर नियंत्रण

गठिया में सूजन को बढ़ाने वाले साइटोकाइन IL-6 के स्तर को नियंत्रित करने में दिव्य आमवातारि रस प्रभावी साबित हुआ. इसका असर एलोपैथिक दवा मेथोट्रेक्सेट के बराबर पाया गया, जो गठिया के इलाज में सामान्य रूप से उपयोग की जाती है.

गठिया एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही स्वस्थ ऊतकों पर हमला करने लगती है. अध्ययन में देखा गया कि दिव्य आमवातारि रस ने सूजन बढ़ाने वाली श्वेत रक्त कोशिकाओं (मैक्रोफेज) पर नियंत्रण स्थापित किया और सूजन से जुड़े सिग्नलिंग पाथवे को भी संतुलित करने में मदद की.

Disclaimer: This is a sponsored article. ABP Network Pvt. Ltd. and/or ABP Live do not endorse/subscribe to its contents and/or views expressed herein. All information is provided on an as-is basis. The information does not constitute a medical advice or an offer to buy. Consult an expert advisor/health professional before any such purchase. Reader discretion is advised.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

नकली नोटों पर सपा-BJP में छिड़ी रार! अखिलेश यादव ने काली टोपी का जिक्र कर पूछा 5 बड़ा या 7?
नकली नोटों पर सपा-BJP में छिड़ी रार! अखिलेश यादव ने काली टोपी का जिक्र कर पूछा 5 बड़ा या 7?
Iran-US War: अमेरिकी एयरफोर्स को तगड़ा झटका! ईरान ने A-10 फाइटर जेट मार गिराने का किया दावा
अमेरिकी एयरफोर्स को तगड़ा झटका! ईरान ने A-10 फाइटर जेट मार गिराने का किया दावा
'धुरंधर 2' की सुपर सक्सेस के बाद बदली रणवीर सिंह की चाल-ढाल, NMACC के इवेंट में 'जसकीरत' का दिखा रॉयल अंदाज, लोग बोले- 'ये है सुपरस्टार'
'धुरंधर 2' की सक्सेस के बाद बदली रणवीर सिंह की चाल-ढाल, इवेंट में रॉयल अंदाज में दिखे 'जसकीरत'
तेल लेकर भारत के लिए चला था ईरान का जहाज, अब जा रहा चीन, जानें ऐसा क्यों हुआ
तेल लेकर भारत के लिए चला था ईरान का जहाज, अब जा रहा चीन, जानें ऐसा क्यों हुआ
Advertisement

वीडियोज

Sansani: महायुद्ध का सबसे 'विध्वंसक' चैप्टर ! | Iran-israel War | Middle East War | Trump | abp News
Iran Israel War Update: ट्रंप का नया टारगेट सेट...पावर सेंटर पर करेंगे अटैक! | Middle East
Janhit With Chitra Tripathi: ईरान के मारे...Trump बेचारे, गुरूर..चूर-चूर! | Iran US Israel War
Khabar Filmy Hain: रोमांस से एक्शन तक... सलमान खान की 'सिकंदर' का फर्स्ट लुक आउट | Mathrubhumi
Saas Bahu Aur Saazish :Mihir-Noina की शादी का मंडप तैयार! Tulsi फोड़ेगी शादी के मंडप में सच्चाई का बम | Kyunki Saas Bhi
Advertisement
Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
नकली नोटों पर सपा-BJP में छिड़ी रार! अखिलेश यादव ने काली टोपी का जिक्र कर पूछा 5 बड़ा या 7?
नकली नोटों पर सपा-BJP में छिड़ी रार! अखिलेश यादव ने काली टोपी का जिक्र कर पूछा 5 बड़ा या 7?
Iran-US War: अमेरिकी एयरफोर्स को तगड़ा झटका! ईरान ने A-10 फाइटर जेट मार गिराने का किया दावा
अमेरिकी एयरफोर्स को तगड़ा झटका! ईरान ने A-10 फाइटर जेट मार गिराने का किया दावा
'धुरंधर 2' की सुपर सक्सेस के बाद बदली रणवीर सिंह की चाल-ढाल, NMACC के इवेंट में 'जसकीरत' का दिखा रॉयल अंदाज, लोग बोले- 'ये है सुपरस्टार'
'धुरंधर 2' की सक्सेस के बाद बदली रणवीर सिंह की चाल-ढाल, इवेंट में रॉयल अंदाज में दिखे 'जसकीरत'
तेल लेकर भारत के लिए चला था ईरान का जहाज, अब जा रहा चीन, जानें ऐसा क्यों हुआ
तेल लेकर भारत के लिए चला था ईरान का जहाज, अब जा रहा चीन, जानें ऐसा क्यों हुआ
RCB को पछाड़ चेन्नई सुपर किंग्स ने रचा इतिहास, IPL का 'महारिकॉर्ड' CSK के नाम
RCB को पछाड़ चेन्नई सुपर किंग्स ने रचा इतिहास, IPL का 'महारिकॉर्ड' CSK के नाम
Explained: क्या आने वाले दिनों में कैश लेनदेन का होगा द एंड? 57% की पसंद UPI, कोई भी ट्रांजेक्शन छिप नहीं पाएगा
क्या आने वाले दिनों में कैश लेनदेन का होगा द एंड? कोई भी ट्रांजेक्शन छिप नहीं पाएगा
Cataract Prevention Tips: धुंधली न हो आंखों की रोशनी...मोतियाबिंद के खतरे को कम करने के लिए अपनाएं ये आसान आदतें
धुंधली न हो आंखों की रोशनी...मोतियाबिंद के खतरे को कम करने के लिए अपनाएं ये आसान आदतें
मूंगफली की खेती में न करें ये गलती, सही समय पर बुवाई से मिलेगा तगड़ा मुनाफा
मूंगफली की खेती में न करें ये गलती, सही समय पर बुवाई से मिलेगा तगड़ा मुनाफा
Embed widget