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धड़कन घटने-बढ़ने का शारीरिक क्षमता पर पड़ता है नकारात्मक असर

उम्रदराज व्यक्तियों के दिल की धड़कन अगर अनियमित हैं, तो इससे उनके चलने की तीव्रता, ताकत, संतुलन और अन्य शारीरिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं. एक नए शोध में पता चला है कि अनियमित हृदयगति का वृद्ध व्यक्तियों की शारीरिक क्षमता से सीधा संबंध है. शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि जो उम्रदराज व्यक्ति एट्रियल फाइब्रिलेशन (अनियमित हृदयगति का सबसे आम प्रकार) से पीड़ित हैं, उनकी ताकत, चाल, संतुलन और अन्य शारीरिक गतिविधियों के प्रभावित होने की संभावना अधिक होती है. अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी से इस शोध की मुख्य शोधार्थी जेयर्ड डब्ल्यू मगनानी ने बताया, "विशेष रूप से वृद्ध व्यक्तियों में यह ध्यान रखना आवश्यक है कि एट्रियल फाइब्रिलेशन के प्रभाव बाद में हृदयघात और स्ट्रोक के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं." इस शोध के लिए अध्ययनकर्ताओं ने 70, 74, 78 और 82 आयुवर्ग के 2,753 प्रतिभागियों पर अध्ययन किया था, जिनमें 52 प्रतिशत महिलाएं और 41 प्रतिशत पुरुष थे. इस अध्ययन के निष्कर्षो में हालांकि एट्रियल फाइब्रिलेशन और शारीरिक क्षमता में गिरावट के बीच सीधा संबंध होना नहीं बताया गया है. यह शोध 'सर्कुलेशन : एरिहाइथिमिया एंड एलेक्ट्रोसाइकोलॉजी' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.
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Source: IOCL



























