एक्सप्लोरर

भारत में यहां है मिनी अफ्रीका, हर तरफ नजर आते हैं अफ्रीकी मूल के हजारों लोग!

कहा जाता है कि आज से लगभग 750 साल पहले पुर्तगाली लोग इन्हें गुलाम बनाकर भारत लाए थे. इसके अलावा अरब से जो शेख भारत व्यापार करने आए, वह भी अपने साथ ऐसे ही सैकड़ों अफ्रीकी गुलाम लेकर आए थे.

अब तक आपने भारत में अलग-अलग धर्मों और जातियों के बारे में सुना होगा. हो सकता है कि आपने भाषा और वेशभूषा के आधार पर भी भारत में हर राज्य में अलग-अलग तरह के लोगों को देखा होगा. लेकिन क्या आपको पता है कि इसी भारत देश में आज से लगभग 750 साल पहले से कुछ अफ्रीकी मूल के लोग रह रहे हैं. हालांकि, लगभग पचास हजार के करीब आबादी वाले सिद्दी समुदाय के ये लोग आज भी बिल्कुल अफ्रीकन की तरह दिखाई देते हैं. इनके शरीर की बनावट से लेकर इनके बाल और इनका रंग रूप पूरी तरह से अफ्रीकन जैसा है. इसे भारत का मिनी अफ्रीका भी कहा जाता है.

भारत में कहां है मिनी अफ्रीका

भारत के गुजरात में एक गांव है जंबूर गांव. इस गांव में अफ्रीकी मूल के हजारों लोग कई सौ सालों से रह रहे हैं. दुनिया भर में यह मिनी अफ्रीका के नाम से मशहूर है. यहां रहने वाले सिद्दी जनजाति के लोग इस्लाम धर्म को मानते हैं. जबकि कुछ सिद्दी लोग हिंदू और ईसाई धर्म को भी अब मानने लगे हैं. यह समुदाय मूल रूप से अफ्रीका के बंनतु समुदाय का हिस्सा है जो दक्षिण पूर्व अफ्रीका में रहते हैं.

भारत कैसे पहुंचे लोग

इन लोगों का भारत में आने का इतिहास बेहद दिलचस्प है. कहा जाता है कि आज से लगभग 750 साल पहले पुर्तगाली लोग इन्हें गुलाम बनाकर भारत लाए थे. इसके अलावा अरब से जो शेख भारत व्यापार करने आए थे वह भी अपने साथ ऐसे ही अफ्रीकी सैकड़ों गुलाम लेकर आए थे. इन गुलामों को इन व्यापारियों ने भारत के राजाओं को सौंप दिया और तभी से सिद्दी जनजाति के लोग गुजरात के इस इलाके में रह रहे हैं. वहीं दूसरी कहानी में यह कहा जाता है कि जूनागढ़ के नवाब जब अफ्रीका गए थे तो उन्हें वहां एक अफ्रीकी महिला से प्यार हो गया था और जब वह महिला भारत आई तो अपने साथ 100 गुलामों को भी लेकर आए और यहीं से भारत में सिद्दी समुदाय बस गया.

कैसे रहते हैं इस समुदाय के लोग

मिनी अफ्रीका कहे जाने वाले इस गांव में रहने वाले सिद्दी समुदाय के लोग बेहद बदहाल स्थिति में रहते हैं. आजादी के 76 साल बाद भी इनके घरों के दस्तावेज इनके नाम पर नहीं हैं. यह लोग आज भी ज्यादातर मिट्टी के बने कच्चे मकानों में रहते हैं और मजदूरी करके अपना पालन पोषण करते हैं. उनकी भाषा पूरी तरह से गुजराती है. भारत सरकार अगर इस पर ध्यान दे और इसे एक टूरिस्ट प्लेस की तरह डिवेलप करे तो इस क्षेत्र के साथ-साथ इस समुदाय के लोगों का भी विकास हो सकता है. हालांकि, इस समुदाय के लोग सिर्फ गुजरात में ही नहीं है बल्कि कर्नाटक और हैदराबाद में भी इस समुदाय के लोग आपको मिल जाएंगे.

ये भी पढ़ें: खंभा,अद्धा और पौआ शब्द शराब के लिए क्यों इस्तेमाल होते हैं?

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

गृह मंत्री के काफिले में कितनी गाड़ियां? राहुल गांधी के दावे के बीच जानें
गृह मंत्री के काफिले में कितनी गाड़ियां? राहुल गांधी के दावे के बीच जानें
बच्चों की संख्या से क्यों लक्ष्मी योजना का कनेक्शन? जानें वजह
बच्चों की संख्या से क्यों लक्ष्मी योजना का कनेक्शन? जानें वजह
क्या POK के लोगों की मदद कर सकता है भारत, क्या हैं नियम?
क्या POK के लोगों की मदद कर सकता है भारत, क्या हैं नियम?
World Tiger Day: किस राज्य में सबसे ज्यादा टाइगर, लोगों के लिए क्यों बन रहे खतरा?
किस राज्य में सबसे ज्यादा टाइगर, लोगों के लिए क्यों बन रहे खतरा?

वीडियोज

Samay Raina का Munawar Faruqui पर Aamir Khan वाला Joke हुआ Viral, India’s Got Latent में मचा हंगामा
Ramayana Trailer Update: 30 July को आएगा ट्रेलर, फैंस में बढ़ी जबरदस्त Excitement
Batwara 1947 Trailer Review: Sunny Deol छा गए, लेकिन क्या ट्रेलर बना उम्मीदों जितना दमदार?
New Maruti Brezza 2026 Price Revealed | ₹7.40 Lakh से शुरू | #maruti #brezza #autolive
Avore EX2S Review: 260KM Range वाली Electric Bike! Worth Buying? #avore #bikelaunch #autolive

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास, हंगामे के बाद ध्वनि मत से मिली मंजूरी
लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास, हंगामे के बाद ध्वनि मत से मिली मंजूरी
बिहार: आंगनबाड़ी में 22 हजार भर्ती, सम्राट कैबिनेट से 24 एजेंडे पास
बिहार: आंगनबाड़ी में 22 हजार भर्ती, सम्राट कैबिनेट से 24 एजेंडे पास
सिद्धारमैया ने मांगा प्रह्लाद जोशी का इस्तीफा, बोले - 'वह भी...'
सिद्धारमैया ने मांगा प्रह्लाद जोशी का इस्तीफा, बोले - 'वह भी...'
'मैं सही समय...', सदन में भाषण पूरा न होने पर राहुल का रिएक्शन
'मैं सही समय...', सदन में भाषण पूरा न होने पर राहुल का रिएक्शन
ICC रैंकिंग में वैभव सूर्यवंशी का कमाल, 230 पायदान की लगाई छलांग
ICC रैंकिंग में वैभव सूर्यवंशी का कमाल, 230 पायदान की लगाई छलांग
न आलिया न राहा, फिर रणबीर के फोन के वॉलपेपर पर है किसकी तस्वीर? जानकर नम हो जाएंगी आखें
न आलिया न राहा, फिर रणबीर के फोन के वॉलपेपर पर है किसकी तस्वीर?
क्या एसटी-एससी की जमीन जनरल में करा सकते हैं शिफ्ट, कितना आता है खर्च?
क्या एसटी-एससी की जमीन जनरल में करा सकते हैं शिफ्ट, कितना आता है खर्च?
‘मौत भी मंजूर, लेकिन...’, बांग्लादेश लौटने पर शेख हसीना का बड़ा बयान
‘मौत भी मंजूर, लेकिन...’, बांग्लादेश लौटने पर शेख हसीना का बड़ा बयान
Embed widget