Ejection Seat: कितने में तैयार होती है फाइटर जेट की इजेक्शन सीट, नॉर्मल सीटों से कितनी अलग?
Ejection Seat: हाल ही में ईरान ने अमेरिका के फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया है. आइए जानते हैं कि फाइटर जेट की इजेक्शन सीट कितने में तैयार होती है.

Ejection Seat: हाल ही में ईरान ने यह दावा किया है कि उसने अमेरिका के दो फाइटर जेट को मार गिराया है. ये फाइटर जेट F-15 Eagle और A-10 Warthog हैं. A 10 Warthog के पायलट ने खाड़ी के ऊपर इजेक्ट किया और बाद में उसे बचा लिया गया. इसी बीच आइए जानते हैं कि फाइटर जेट की इजेक्शन सीट कितने में तैयार होती है और यह नॉर्मल सीट से कितनी अलग होती है.
इजेक्शन सीट की कीमत
एक लड़ाकू विमान की इजेक्शन सीट अपनी जटिल इंजीनियरिंग और जान बचाने की क्षमता की वजह से काफी महंगी होती है. इसकी कीमत आमतौर पर ₹1.02 करोड़ से ₹3.3 करोड़ के बीच होती है. यह मूल्य इस्तेमाल किए गए मॉडल और टेक्नोलॉजी पर निर्भर करता है. दुनिया भर में इसके सबसे बड़े निर्माताओं में से एक मार्टिन बेकर है. इसकी सीटों का इस्तेमाल कई एडवांस्ड लड़ाकू विमानों में किया जाता है.
एक रॉकेट सिस्टम
आम सीट के विपरीत इजेक्शन सीट असल में एक छोटा रॉकेट सिस्टम होता है. आपात स्थिति में सीट के नीचे लगे विस्फोटक और रॉकेट मोटर तुरंत चालू हो जाते हैं और पायलट को आधे सेकंड से भी कम समय में विमान से बाहर निकाल देते हैं. वहीं एक आम सीट चाहे वह कार में हो या फिर यात्री विमान में अपनी जगह पर स्थिर रहती है.
जी फोर्स से बचाव
जब भी कोई पायलट इजेक्ट करता है तो उसके शरीर को जबरदस्त ताकतों का सामना करना पड़ता है. यह ताकत 14जी से 20जी के बीच होती है. इजेक्शन सीटों को खासतौर पर इस झटके को सहने और रीढ़ की हड्डी को गंभीर चोट से बचाने के लिए डिजाइन किया जाता है. इसकी तुलना में आम सीट सिर्फ 2-3जी तक ही संभाल पाती हैं.
अंदर बना सर्वाइवल किट
इजेक्शन सीट एक पूरे सर्वाइवल सिस्टम से लैस होती है. इसमें एक पैराशूट, ऑक्सीजन की सप्लाई, आपातकालीन रेडियो बीकन, पानी और प्राथमिक उपचार की जरूरी चीज शामिल होती हैं. दूसरे तरफ आम सीट सिर्फ सीट बेल्ट या फिर एयर बैग जैसी बुनियादी सुरक्षा सुविधा ही दे पाती है.
जीरो जीरो टेक्नोलॉजी
मॉडर्न इजेक्शन सीट में एक ऐसी सुविधा होती है जिसे जीरो जीरो क्षमता कहा जाता है. इसका मतलब है कि पायलट सुरक्षित रूप से तब भी इजेक्ट कर सकता है जब विमान जमीन पर स्थिर खड़ा हो और उसकी ऊंचाई शून्य हो. रॉकेट, पैराशूट और जान बचाने वाले सामान की वजह से इजेक्शन सीट काफी भारी होती हैं. इनका वजन 80 से 100 किलोग्राम के बीच होता है. वहीं कमर्शियल विमानों की सीटें हल्की बनाई जाती हैं.
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Source: IOCL



























