एक्सप्लोरर

आखिर कितने तेज भूकंप में होने लगती हैं मौतें, जानें धरती के अंदर हलचल कैसे बनती है तबाही का कारण

भूकंप की तीव्रता 6 से ऊपर होने पर मौतें होने लगती हैं और 7 से अधिक तीव्रता पर बड़े पैमाने पर तबाही होती है. चलिए जानते हैं कि धरती के अंदर हलचल कैसे बनती है तबाही का कारण?.

अफगानिस्तान में भूकंप ने कहर बरपा रखा है. 1 सितंबर की रात 12:47 बजे आई इस भयंकर प्राकृतिक आपदा के कारण भारी जान-माल की हानि हुई है. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.0 दर्ज की गई है, जिसमें अब तक 800 से भी ज्यादा लोगों मौत हो चुकी है. 

क्यों आते हैं भूकंप?


भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है, जो पृथ्वी की सतह पर अचानक कंपन या हलचल के कारण होती है. यह तबाही मचाने वाली घटना पृथ्वी के अंदर टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव, फिसलन या टूटने से उत्पन्न होती है. भूकंप की तीव्रता और उससे होने वाली क्षति रिक्टर स्केल पर मापी जाती है. जानते हैं कितनी तीव्रता का भूकंप लाता है विनाश और मौतों का कारण बनता है?

कितने तीव्रता का भूकंप लाता है विनाश?

भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 1 से 9 या उससे अधिक तक मापी जाती है. 4.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को हल्का माना जाता है. जैसे-जैसे तीव्रता बढ़ती है, उतना ही नुकसान और मृत्यु का खतरा भी बढ़ता है. जानते हैं कि कितनी तीव्रता के भूकंप में क्या होता है?

4 से 4.9 तीव्रता: इस तीव्रता के भूकंप में तेज झटके महसूस होते हैं. इस स्तर पर खिड़कियां टूट सकती हैं और छोटी-मोटी क्षति हो सकती है. मौतें आमतौर पर नहीं होतीं, जब तक कि इमारतें बहुत कमजोर न हों.

5 से 5.9 तीव्रता: इस तीव्रता के भूकंप में भी तेज झटके महसूस होते हैं. इस तीव्रता के भूकंप पर इमारतों में दरारें पड़ सकती हैं और फर्नीचर हिल सकता है. 

6 से 6.9 तीव्रता: इस तीव्रता का भूकंप लोगों को अच्छे से महसूस होता है. ये गंभीर माना जाता है. इस स्तर पर ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है और नींव कमजोर पड़ सकती है. यदि भूकंप का केंद्र आबादी वाले क्षेत्र में हो तो कुछ मौतें हो सकती हैं. उदाहरण के लिए 2022 में नेपाल के दोती जिले में 6.3 तीव्रता के भूकंप में छह लोगों की मृत्यु हुई थी.

7 से 7.9 तीव्रता: इस तीव्रता पर भूकंप तबाही ला सकता है. बड़े पैमाने पर इमारतें गिर सकती हैं, खासकर पुरानी और अवैज्ञानिक रूप से निर्मित इमारतें. तुर्की और सीरिया में 2023 में आए 7.8 तीव्रता के भूकंप से जान-माल का भारी नुकसान हुआ था.

8 और उससे अधिक: यह अत्यंत विनाशकारी होता है. सुनामी का खतरा बढ़ जाता है और इमारतें, पुल और अन्य कई चीजें पूरी तरह ध्वस्त हो सकती हैं. इस तीव्रता के भूकंप में तबाही का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है.

इसे भी पढ़ें: भारत में सबसे रईस धार्मिक गुरु कौन, जान लें किसके पास कितना पैसा?

About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Dream Science: क्या अंधों को भी आते हैं सपने? जो बचपन से नहीं देख सकते वो सपने में क्या देखते होंगे- यहां जानिए
क्या अंधों को भी आते हैं सपने? जो बचपन से नहीं देख सकते वो सपने में क्या देखते होंगे- यहां जानिए
Pm Modi Australia Visit: समंदर पार से आ रहा है भारत का नया 'पावरहाउस'! यूरेनियम भंडार वाले इस देश से क्या है PM मोदी की महा-डील?
समंदर पार से आ रहा है भारत का नया 'पावरहाउस'! यूरेनियम भंडार वाले इस देश से क्या है PM मोदी की महा-डील?
अपने शासन काल में कितनी तनख्वाह लेता था बादशाह अकबर? क्या उस वक्त भी होते थे बैंक खाते
अपने शासन काल में कितनी तनख्वाह लेता था बादशाह अकबर? क्या उस वक्त भी होते थे बैंक खाते
तिजोरी में बंद है इस कोल्ड ड्रिंक का सीक्रेट फॉर्मूला! सिर्फ दो लोगों को है पता, साथ सफर करने पर भी बैन
तिजोरी में बंद है इस कोल्ड ड्रिंक का सीक्रेट फॉर्मूला! सिर्फ दो लोगों को है पता, साथ सफर करने पर भी बैन

वीडियोज

Sansani: ट्रेन के 'सुहागरात कोच' का बवाल ! | Train Honeymoon Coach Video
Monsoon Alert | Weather: भारी बारिश से कहीं सड़कें बनी तालाब, कहीं घरों में घुसा पानी | Delhi Rain
Monsoon Alert | Flood 2026 | Janhit: चमकते वादे, डूबी सड़कें...स्मार्ट सिटी की कड़वी हकीकत | Rain
UP Election 2027: रोजगार और महंगाई के मुद्दे छोड़ 'सनातन' पर होगा यूपी चुनाव? | Akhilesh Yadav
PM Modi in Australia: Melbourne में पीएम ने गिनाईं भारत की उपलब्धियां | Operation Sindoor |

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दिल्ली-NCR पानी-पानी, देश भर में आसमानी आफत की कहानी; कहीं लगा जाम, कहीं करंट से गई जान
दिल्ली-NCR पानी-पानी, देश भर में आसमानी आफत की कहानी; कहीं लगा जाम, कहीं करंट से गई जान
बदले की आग में उबल रहा ईरान, मशहद में नम आंखों के बीच अयातुल्ला अली खामनेई को किया गया सुपुर्द-ए-खाक
बदले की आग में उबल रहा ईरान, मशहद में नम आंखों के बीच खामनेई को किया गया सुपुर्द-ए-खाक
बांकीपुर उपचुनाव: कार-बाइक, सोना-चांदी, BJP प्रत्याशी अभिषेक सिन्हा की संपत्ति कितनी? 10वीं तक की पढ़ाई
बांकीपुर उपचुनाव: कार-बाइक, सोना-चांदी, BJP प्रत्याशी अभिषेक सिन्हा की संपत्ति कितनी? 10वीं तक की पढ़ाई
ZIM vs BAN: जिम्बाब्वे का एक और धमाका, बांग्लादेश को 13 रन से हराकर जीती सीरीज; कर दिया बड़ा कारनामा
जिम्बाब्वे का एक और धमाका, बांग्लादेश को 13 रन से हराकर जीती सीरीज; कर दिया बड़ा कारनामा
'इक्का' की स्क्रीनिंग में दिखीं सनी देओल की पत्नी पूजा, अक्षय खन्ना को लेकर एक्टर ने कहा ये
'इक्का' की स्क्रीनिंग में दिखीं सनी देओल की पत्नी पूजा, अक्षय खन्ना को लेकर एक्टर ने कहा ये
चीन की जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 28 लोगों की जलकर मौत, सामने आया खौफनाक Video
चीन की जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 28 लोगों की जलकर मौत, सामने आया खौफनाक Video
Explained: ...तो जंग की वजह सिर्फ तेल और होर्मुज स्ट्रेट नहीं! ईरानी जमीन के नीचे दबा कौन सा 'खजाना' चाहते ट्रंप?
...तो जंग की वजह सिर्फ तेल और होर्मुज नहीं! ईरानी जमीन के नीचे दबा कौन सा 'खजाना' चाहते ट्रंप?
गगनयान से 5G तक और ऑपरेशन सिंदूर से ग्रो मोर-अचीव मोर तक…, मेलबर्न में पीएम मोदी की बड़ी बातें
गगनयान से 5G तक और ऑपरेशन सिंदूर से ग्रो मोर-अचीव मोर तक…, मेलबर्न में पीएम मोदी की बड़ी बातें
Embed widget