चौथा चरण: समस्तीपुर, लोहरदगा और कन्नौज सीट पर 2 फीसदी से कम था जीत का अंतर, डिंपल यादव के लिए मुश्किल चुनौती
Lok Sabha Election 2019: लोहरदगा, कन्नौज और समस्तीपुर वो सीटें हैं यहां 2014 में उम्मीदवारों की जीत का अंतर 2 फीसदी से भी कम था.

Lok Sabha Election 2019: 29 अप्रैल को 17वीं लोकसभा चुनने के लिए 9 राज्यों की 72 सीटों पर मतदान होना है. इस चरण में बिहार, झारखंड और उत्तरप्रदेश की तीन सीटों पर सबकी नज़रें होंगी. बिहार की समस्तीपुर, यूपी की कन्नौज और झारखंड की लोहरदगा सीट पर 2014 में जीत का अंतर 2 फीसदी से भी कम था. यही वजह है कि इन सीटों पर एक बार फिर से कड़े मुकाबले की उम्मीद जताई जा रही है.
रामचंद्र के मुकाबले में फिर से अशोक कुमार
सबसे पहले बात बिहार की समस्तीपुर सीट की करते हैं. 2014 में एनडीए ने इस सीट से एलजेपी के रामचंद्र पासवान को उम्मीदवार बनाया था और मुकाबला कांग्रेस के अशोक कुमार से था. बेहद ही कांटे की टक्कर में रामचंद्र पासवान अशोक चौधरी को 0.8 फीसदी के अंतर से हराने में कामयाब हुए थे. 2014 के चुनाव में रामचंद्र पासवान को 2,73,654 वोट मिले थे, जबकि अशोक कुमार के खाते में 2,63,529 वोट आए थे. 2019 के चुनाव में ये दोनों कैंडिडेट एक बार फिर से मैदान में हैं.
लोहरदगा पर कांग्रेस ने खेला नया दांव
झारखंड की लोहरदगा भी वो सीट है जहां 2014 में जीत का अतंर एक फीसदी से कम था. यहां बीजेपी के उम्मीदवार सुदर्शन भगत ने कांग्रेस के उम्मीदवार रामेश्वर ओरॉन को 0.99 फीसदी के अंतर से चुनाव हराया था. सुदर्शन को 2014 के चुनाव में 2,26,666 वोट मिले थे, जबकि रामेश्वर के हिस्से में 2,20,177 वोट आए थे. इस बार सुदर्शन भगत का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस ने सुखदेव भगत को मैदान में उतारा है.
डिंपल यादव के लिए मुश्किल इम्तिहान
कन्नौज यूपी की वो सीट है जिस पर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश की नज़रें टिकी हुई हैं. इस सीट पर फोकस होने की खास वजह एसपी प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव का मैदान में होना है. 2014 में डिंपल यादव को इस सीट पर 2 फीसदी से भी कम के अंतर से जीत मिली थी. डिंपल यादव को 2014 में इस सीट पर कुल 4,89,164 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी के उम्मीदवार के हिस्से में 4,69,257 वोट आए थे. हालांकि इस बार डिंपल यादव को बीएसपी का साथ भी मिलेगा तो उनके लिए यह बड़ी राहत की बात है. बीएसपी का उम्मीदवार 2014 में इस सीट पर करीब 1 लाख 27 हजार वोट पाने में कामयाब हुआ था. कन्नौज में डिंपल का मुकाबला करने के लिए बीजेपी ने एक बार फिर से सुब्रत पाठक पर भरोसा जताया है.
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