पहला चरण: 2014 में इन 91 सीटों में से 11 पर हुई थी कांटे की टक्कर, जीत का अंतर था 2% से भी कम
लोकसभा चुनाव 2014 में इन 11 लोकसभा सीटों पर हार-जीत का अंतर था 2 प्रतिशत से भी कम था. अब इन्हीं सीटों पर पहले चरण में मतदान होने जा रहे हैं. ऐसे में एक बार फिर कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण के लिए कल यानी 11 अप्रैल को वोटिंग होगी. पहले चरण में 20 राज्यों के कुल 91 सीटों पर मतदान होगा. इन 91 सीटों में कई ऐसी सीटें हैं जहां साल 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली थी. आज हम ऐसी ही 11 लोकसभा सीटों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां हार-जीत का अंतर 2 प्रतिशत से भी कम रही थी.
ये हैं वो लोकसभा सीट जहां 2014 में जीत का अंतर 2 प्रतिशत से भी कम रहा
1- नबरंगपुर लोकसभा
दक्षिण-पश्चिम ओडिशा में स्थित नबरंगपुर लोकसभा सीट पर जीत का अंतर साल 2014 में 2 प्रतिशत से भी कम रही थी. यहां साल 2014 में बीजेडी ने एक बेहद कड़े मुकाबले में मात्र 2000 वोट से ये सीट कांग्रेस से छीन ली. साल 2014 में इस सीट पर बीजेडी के बलभद्र मांझी और कांग्रेस के प्रदीप कुमार मांझी के बीच मुकाबला था. बीजेडी को 36.58 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि कांग्रेस को 36.38 प्रतिशत वोट मिले थे. बीजेडी को कांग्रेस से मात्र 0.20 प्रतिशत मत ही ज्यादा मिले थे.
इस बार मुकाबला
पिछला रिकॉर्ड देखते हुए इस सीट पर इस बार भी कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है. बीजेपी के नबरंगपुर के सांसद बलभद्र माझी ने हाल ही में पार्टी से इस्तीफा दे दिया हैं. बलभद्र माझी भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं जबकि बीजद ने रमेश चंद्र माझी को अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं कांग्रेस के प्रदीप कुमार माझी मैदान में हैं. बसपा ने अपने उम्मीदवार के तौर पर चंद्रध्वज माझी को उतारा है. इस तरह इस सीट पर बीजेडी, बीजेपी, कांग्रेस और बसपा के बीच मुकाबला होना है.
2- महबूबनगर सीट
तेलंगाना के महबूबनगर सीट पर भी पिछली बार कांटे की टक्कर हुई थी. टीआरएस और कांर्गेस में जीत का अंतर महज 0.25 प्रतिशत रहा था. इस सीट पर 2014 में टीआरएस ने जीत दर्ज की थी. इस सीट पर 32.91 प्रतिशत वोट मिले थे. वहीं कांग्रेस को 32.86 प्रतिशत सीटें मिली थी. इस सीट पर 2014 में टीआरएस सांसद जितेंद्र रेड्डी ने चुनाव जीता था जबकि कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार जयपाल रेड्डी दूसरे नंबर पर रहे थे.
इस बार का मुकाबला
महबूबनगर लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी से डीके अरुणा, कांग्रेस पार्टी से चल्ला वमशी चंद रेड्डी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) से मन्ने श्रीनिवास रेड्डी, अंबेडकर नेशनल कांग्रेस से इमरान अहमद खान, बहुजन मुक्ति पार्टी से वी दसराम नाइक और इंडियन रक्षक नयाकुडू पार्टी से ई. शिवदुर्गा प्रसाद रेड्डी चुनाव मैदान में हैं.
3- काकीनाडा लोकसभा सीट
आंध्रप्रदेश के काकीनाडा लोकसभा सीट पर साल 2014 में जीत का अंतर सिर्फ 0.31 प्रतिशत था. इस सीट पर टीडीपी के उम्मीदवार को 46.69 प्रतिशत और वाईएसआरसीपी के उम्मीदवार को 46.38 प्रतिशत वोट मिला था. इस सीट पर टीडीपी के तोटा नरसिम्हम चुनाव जीते थे.
इस बार मुकाबला
इस बार टोटा तोटा नरसिम्हम टीडीपी का दामन छोड़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो चुके हैं. जबकि 2014 के चुनाव में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर हार चुके चेलमाशेट्टी सुनील इस बार टीडीपी के टिकट पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
4- खम्मम लोकसभा सीट
तेलंगाना की खम्मम लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद पी. श्रीनिवास रेड्डी हैं. वह साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की थी. इस सीट पर साल 2014 में जीत का अंतर 1.02 प्रतिशत रहा था. वाईएसआर कांग्रेस को इस चुनाव में 35.53 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि टीडीपी को 34.51 प्रतिशत वोट मिले थे.
इस बार किस पार्टी का कौन उम्मीदवार मैदान में
भारतीय जनता पार्टी के टिकट से देवकी वसुदेव राव, तेलंगाना राष्ट्र समिति के टिकट से नामा नागेश्वर राव सीपीआई (एम) से वोडा वेंकट, कांग्रेस पार्टी के टिकट से रेनुका चौधरी, तेलंगाना युवा शक्ति से उमामहेश्वर राव चेरुकुपल्ली, एकीकृत संक्षेम राष्ट्रीय प्रजा पार्टी से कट्टा श्रीनिवास, तेलंगाना कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया से गोपोजू रमेश बाबू, बहुजन मुक्ति पार्टी से नागेश्वर राव लकावथ, जनसेना पार्टी से नरला सत्यनारायण और पिरामिड पार्टी ऑफ इंडिया से वेंकटेश्वर राव चुनाव मैदान में हैं.
5- नेल्लोर लोकसभा सीट
आंध्र प्रदेश का नेल्लोर संसदीय क्षेत्र वहां की 25 लोकसभा सीटों में से एक है. यहां से कांग्रेस के दबदबे वाली सीट मानी जाती रही है. साल 2014 में इस सीट पर हार-जीत का अतंर 1.13 प्रतिशत रही थी. इस सीट से पिछली बार वाईएसआर कांग्रेस के नेता मेकापति राजामोहन रेड्डी को 48.48 प्रतिशत वोट मिले थे. जबकि दूसरे नंबर पर इस सीट पर टीडीपी के अदाला प्रभाकर रेड्डी रही थे जिन्हें 47.35 प्रतिशत वोट मिले थे.
इस बार का मुकाबला
अदाला प्रभाकर रेड्डी अब YSR कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं. इस बार पार्टी ने नेल्लोर सीट से उन्हें ही मैदान में उतारा है. अदाला प्रभाकर रेड्डी का मुकाबला टीडीपी नेता मस्तान राव से हैं.
6- ओंगोल लोकसभा सीट आंध्र प्रदेश की ओंगोल लोकसभा सीट पर पिछली बार हार-जीत का अंतर 1.28 प्रतिशत रही थी. इस सीट पर 2014 में इस सीट से YSR कांग्रेस के वाईवी सुब्बा रेड्डी चुनाव जीते थे, उन्होंने टीडीपी के श्रीनिवासुलु रेड्डी को चुनाव में हराया था. YSR कांग्रेस को पिछली बार 48.79 प्रतिशत वोट और टीडीपी को 47.51 प्रतिशत वोट मिला था.
इस बार मुकाबला
कांग्रेस ने इस सीट से इस बार एसडीजेएम प्रसाद को टिकट दिया है. भारतीय जनता पार्टी इस सीट से थोंगटी श्रीनिवासुलु को टिकट दिया है. जनसेना पार्टी ने इस सीट से साईबाबू को कैंडिडेट बनाया है.
7-मिजोरम लोकसभा सीट
भारत के पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम की एकमात्र लोकसभा सीट पर भी साल 2014 में कांटे की टक्कर देखने को मिली थी. इस सीट पर 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के सीएल रुआला सांसद चुने गए थे. उन्होंने आईएनडी के उम्मीदवार को 1.41 प्रतिशत के वोट अंतर से हराया था. इस चुनाव में कांग्रेस के प्रतियाशी को 48.39 और आईएनडी के उम्मीदवार को 46.98 प्रतिशत वोट मिले थे.
इस बार मुकाबला
लोकसभा सीट के लिए छह उम्मीदवरों में एमएनएफ के सी लालसरंगा, जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी लालनघिंगलोवा हमार, बीजेपी के निरम चक्कमा, पीपुल्स राइट टू आइडेंटिटी एंड स्टेटस ऑफ मिजोरम (PRISM) के टी.बी.सी. और दो निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
8- नगरकुरनूल लोकसभा सीट
तेलंगाना की नगरकुरनूल लोकसभा सीट पर पिछली बार जीत-हार का अंतर 1.50 प्रतिशत रही थी. इस सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार येल्ला नंदी ने 37.64 प्रतिशत वोट हांसिल किए थे. जबकि इस सीट पर टीआरएस के उम्मीदवार को 36.14 प्रतिशत वोट मिले थे.
कौन है इस बार मैदान में
तेलंगाना राष्ट्र समिति से पोथुगंति रामुलु, कांग्रेस से डॉ मल्लू रवि, बहुजन समाज पार्टी से बी योसेफ, भारतीय जनता पार्टी से श्रुति बंगारू, इंडिया प्रजा बंधु पार्टी से वी अमरनाथ और बहुजन मुक्ति पार्टी से गद्दम विजय चुनाव मैदान में हैं.
9-मलकाजगिरी लोकसभा सीट
मलकाजगिरी लोकसभा सीट तेलंगाना राज्य में हैं. इस सीट पर साल 2014 में टीडीपी और टीआरएस के प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर हुई थी. इस पर टीडीपी के माला रेड्डी ने 1.73 प्रतिशत वोटों के अंतर से चनाव जीते थे. इस चुनाव में टीडीपी को 32.21 प्रतिशत वोट और टीआरएस को 30.48 प्रतिशत वोट मिला है. यहां आपको बता दें कि 14 दिसंबर 2018 को माला रेड्डी ने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद यह सीट खाली हो गई है.
इस बार किससे मुकाबला
इस सीट से तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) ने राजशेखर रेड्डी मर्री, भारतीय जनता पार्टी ने रामचंद्र राव नरापराजू और कांग्रेस ने अनमोल रेवंत रेड्डी को चुनाव मैदान में उतारा है. इसके अलावा इस सीट से सोशल जस्टिस पार्टी ऑफ इंडिया ने चामकुरा राजैयाह, प्रजा सत्ता पार्टी ने धर्मसनम भानुमूर्ति, इंडिया प्रजा बंधु पार्टी ने बालमणि बुरु, जनसेना पार्टी ने महेंद्र रेड्डी बोंगनूरी को टिकट दिया है.
10- अलीपुरद्वार लोकसभा सीट
पश्चिम बंगाल की अलीपुरद्वार लोकसभा पर पिछली बार 2014 लोकसभा चुनाव में जीत का अंतर 1.74 प्रतिशत रहा था. इस सीट पर लेफ्ट फ्रंट के तीन बार विधायक रहे दशरथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस के चिटक पर चुनाव लड़े और 29.58 प्रतिशत वोट हांसिल किए. इस सीट पर दूसरे नंबर पर आरएसपी के उम्मीदवार रहे थे जिनको 27. 84 प्रतिशत वोट मिले थे.
इस बार कौन मैदान में
मुख्य मुकाबला इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच रहेगा. जबकि सीपीआई और कांग्रेस भी बड़ी टक्कर दे सकते हैं. रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी से मिली ओरान, तृणमूल कांग्रेस से दसरथ टिर्की, कांग्रेस से मोहनलाल बासुमाता के अलावा भारतीय जनता पार्टी जॉन बारला मैदान में हैं.
11- कोरापुट लोकसभा सीट
कोरापुट लोकसभा सीट ओडसा का आदिवासी बहुल इलाका है. इस सीट पर साल 2014 में बीजद के झीना हिक्का को यहां से जीत मिली. उन्होंने कांग्रेस के प्रतियाशी से 1. 95 प्रतिशत वोट ज्यादा हांसिल किए थे. इस सीट पर उन्हें 39.88 प्रतिशत मत मिले जबकि कांग्रेस के गिरधर गमांग चुनाव हार गए और उन्हें 37.93 प्रतिशत वोट मिला था.
इस बार टक्कर
बीजेपी के तरफ से जयराम पांगी, बीजे़डी की तरफ से कौशल्या हिकाका और कांग्रेस ने सप्तगिरि उल्का को इस सीट से मैदान में उतारा है.
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