गुजरात से लोकसभा चुनाव जीतकर पिछले 30 सालों में कोई भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं बना सांसद
जिस राज्य में मुसलमानों की संख्या कुल जनसंख्या का 9.5 प्रतिशत है उस राज्य में पिछले 30 सालों से कोई भी मुस्लिम उम्मीदबार लोकसभा चुनाव नहीं जीता है.

नई दिल्ली: एक बहस जो हमेशा से चलती रही है वो यह कि क्या चुनावों में मुस्लिम उम्मीदवारों को उनकी जनसंख्या के हिसाब से प्रतिनिधत्व का मौका मिलता है. गुजरात जैसे राज्यों को देखकर यह सवाल और वाजिब हो जाता है. गुजरात से पिछले 30 सालों में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार एमपी नहीं बना है. 1984 में आखिरी बार गुजरात से कांग्रेस के अहमद पटेल लोकसभा चुनाव जीते थे. इसके बाद 1989 के चुनाव में वह भारतीय जनता पार्टी के चंदू देशमुख से हार गए थे.
बता दें कि गुजरात में मुसलमानों की संख्या 9.5 प्रतिशत है. 1962 में जब गुजरात में पहली बार लोकसभा चुनाव हुए तो केवल 1 मुस्लिम उम्मीदवार जीत पाया था. इस चुनाव में जोहरा चावड़ा बनासकांठा से चुनाव जीते थे. इसके बाद 1977 में राज्य के दो मुस्लिम उम्मीदवार कांग्रेस के टिकट पर जीते थे. यह दोनों उम्मीदवार थे बहराइच से एहमद पटेल और अहमदाबाद एहसान जाफरी थे.
बहराइच लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा मुस्लिम वोटर्स हैं. यहां 15.64 लाख वोटर्स हैं जिसमें 22 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स हैं. वहीं अहमदाबाद (वेस्ट) सीट पर 25 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स हैं. 1962 के बाद से अब तक 8 मुस्मिल उम्मीदवारों को बहराइच की सीट से राष्ट्रीय पार्टियों द्वारा टिकट दिया गया है. इनमें से केवल अहमद पटेल जीतने में कामयाब हो पाए हैं. वह तीन बार लगातार 1977, 1982 और 1984 में इस सीट से जीते थे.
राज्य में हमेशा से ही बहुत कम मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है. 1962 में कुल 68 उम्मीदवार थे जिसमें केवल 2 मुस्लिम उम्मीदवार थे. वहीं, 1967 में 80 में एक भी उम्मीदवार मुस्लिम नहीं था. 1971 में 1, 1977 में 3, 1980 में 1, 1984 में 1, 1989 में 2, 1991 में 1, 1996 में एक भी नहीं, 1998 में 1, 1999 में एक भी नहीं , 2004, 2009 और 2004 में 1-1 मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट दिया गया था.
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Source: IOCL
















