एक्सप्लोरर

हिमाचल प्रदेश चुनाव 2022: पूर्वी हिमाचल है कांग्रेस का गढ़, पश्चिम हिमाचल में BJP का राज, किसको मिलेगी सत्ता

HP News : हिमाचल प्रदेश में कल शनिवार को 68 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने वाले हैं. पश्चिमी हिमाचल में बीजेपी की पकड़ मजबूत है जबकि पूर्वी इलाका कांग्रेस पार्टी का गढ़ रहा है.

Himachal Assembly Elections 2022: हिमाचल प्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां 1990 से ही भारतीय जनता पार्टी (BJP)और कांग्रेस के बीच सत्ता की लड़ाई चल रही है. पिछले कुछ सालों में, कई चुनावी रुझानों को देखकर यह पता चलता है कि हिमाचल जैसे राज्य में यह पैटर्न बदल गया है, जहां बीजेपी एक प्रमुख खिलाड़ी है. यह भगवा पार्टी के मजबूत होने और कांग्रेस के कमजोर होने के कारण ही हो सकता है. उत्तराखंड में बीजेपी मौजूदा पैटर्न को बदलने में सफल रही है. दूसरी ओर, केरल में, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने पिछले रुझानों से मुक्त होकर सत्ता बरकरार रखी.

दोनों ही मामलों में ऐसा कांग्रेस पार्टी के लचर प्रदर्शन के कारण ही हुआ. यह पैटर्न हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के बारे में क्या कहता है? क्या राज्य में हर पांच साल के बाद सत्ता परिवर्तन होगा या मौजूदा रुझान खत्म हो जाएगा जैसा कि केरल और उत्तराखंड में हुआ था?

पश्चिम हिमाचल में बीजेपी की पकड़ मजबूत

बीजेपी पार्टी का पश्चिम हिमाचल में पकड़ काफी मजबूत है. हिमाचल के इस भाग को मैदानी इलाका भी कहा जाता है. इस इलाके भी 34 विधानसभा सीटें है. बीजेपी को साल 2017 में 49% वोट शेयर मिले थे. वहीं कांग्रेस पार्टी को 41 फीसदी ही वोट मिले थे. बाकि 10 फीसदी वोट अन्य को मिले थे. बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा और ऊना जिले पश्चिम हिमाचल के अंतर्गत आते हैं.

पहाड़ी इलाकों में कांग्रेस मजबूत
कांग्रेस पार्टी की मजबूत पकड़ पहाड़ी इलाको में ज्यादा है. इस क्षेत्र में भी 34 विधानसभा सीटें हैं. हिमाचल प्रदेश का यह भाग पूर्वी हिमाचल के नाम से जाना जाता है. साल 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को इस इलाके में 41 % वोट मिले थे. किन्नौर, कुल्लू, लाहौल और स्पीति, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिले पूर्वी हिमाचल के अंतर्गत आते हैं. कांग्रेस पार्टी को 2012 के विधानसभा चुनाव में 43% वोट मिले थे जबकि बीजेपी को मात्र 38% वोट मिले थे.

कौन भेदेगा पश्चिम हिमाचल का किला

हिमाचल में दोनों पार्टियों की किस्मत इस बात पर निर्भर करती है कि दोनों में से कौन दोनों क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करेगा. बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियां पश्चिम और पूर्वी हिमाचल में परंपरागत रूप से मजबूत रही हैं. बीजेपी को सत्ता बने रहने के लिए, उसे पश्चिम हिमाचल में अपना किला को बुलंद रखना होगा. हालांकि यह एक स्विंग क्षेत्र है. इस क्षेत्र में बढ़त वाला पक्ष आमतौर पर जीतता है. यह इलाका  यशवंत सिंह परमार, ठाकुर राम लाल और वीरभद्र सिंह जैसे दिग्गज नेताओं की बदौलत हिल्स कांग्रेस का गढ़ रहा है.

कांग्रेस को अनुसूचित जाति का समर्थन

साल 1990 के बाद से राज्य में चुनावी परिणामों का विश्लेषण करने के बाद पता चला कि कांग्रेस को हमेशा यहां बीजेपी से अधिक वोट मिले हैं. साल 2007 विधानसभा चुनाव  में बीजेपी को एक प्रतिशत अधिक वोट मिले. पूर्व में कांग्रेस के मजबूत होने का एक कारण अनुसूचित जाति (राज्य की आबादी का एक चौथाई) और अनुसूचित जनजाति का मजबूत समर्थन है. दोनों राज्य के मतदाताओं के 30 प्रतिशत से थोड़ा अधिक हैं.

कैसा प्रदर्शन करता है बीजेपी
पश्चिमी हिमाचल बीजेपी का गढ़ रहा है, वहीं पश्चिम में भी कांग्रेस का एक महत्वपूर्ण मतदाता आधार है. हालांकि, गौर करने वाली बात यह भी है कि इस क्षेत्र में जब भी कांग्रेस बीजेपी से पीछे हुई है, वह हार गई है. इसलिए राज्य में सत्ता परिवर्तन करने के लिए कांग्रेस को पश्चिम हिमाचल में बीजेपी पार्टी से बेहतर प्रदर्शन करना होगा. पश्चिम इलाके में ऐसे खेल होते हैं. इसलिए, यह देखना उचित होगा कि इस क्षेत्र में बीजेपी और कांग्रेस कैसा प्रदर्शन करती है. पश्चिम हिमाचल के चुनावी नतीजे राज्य के भविष्य का निर्धारण करेंगे.
 
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

तेज प्रताप यादव गिरफ्तार, आधी रात को ले गई पुलिस, इस मामले में हुए अरेस्ट
तेज प्रताप यादव गिरफ्तार, आधी रात को ले गई पुलिस, इस मामले में हुए अरेस्ट
NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक..., CJP आंदोलन ने कैसे हिला दी हुकूमत
NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक..., CJP आंदोलन ने कैसे हिला दी हुकूमत
'तुरंत गिरफ्तारी हो...', छात्रों से गाली गलौज करते BJP नेता का वीडियो शेयर कर भड़के अखिलेश यादव
'तुरंत गिरफ्तारी हो...', छात्रों से गाली गलौज करते BJP नेता का वीडियो शेयर कर भड़के अखिलेश यादव
Jana Nayagan BO Collection: 'द ओडिसी' और 'धमाल 4' समेत 'जन नायकन' ने सैटरडे को 10 फिल्मों के तोड़े रिकॉर्ड, जानें कलेक्शन
'द ओडिसी' और 'धमाल 4' समेत 'जन नायकन' ने सैटरडे को 10 फिल्मों के तोड़े रिकॉर्ड, जानें कलेक्शन

वीडियोज

Sansani|Strange Marriage Video:एक दूल्हा और 3 सगी बहनें! रील बनाने वाली बहनों ने कैमरामैन से रचाई शादी!
Salman Khan का नया पोस्ट बना चर्चा का विषय,
Saanvie Tallwar ने Karan Kundrra पर लगाया थप्पड़ और बिना सहमति Kiss का आरोप, सालों बाद बड़ा खुलासा
Ishqnama Review: Shehnaaz Gill और Jai Randhhawa की दिल छू लेने वाली लव स्टोरी
The India Story Review: खाने और सेहत पर बड़ा सवाल उठाती Shreyas Talpade की फिल्म

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
तेज प्रताप यादव गिरफ्तार, आधी रात को ले गई पुलिस, इस मामले में हुए अरेस्ट
तेज प्रताप यादव गिरफ्तार, आधी रात को ले गई पुलिस, इस मामले में हुए अरेस्ट
NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक..., CJP आंदोलन ने कैसे हिला दी हुकूमत
NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक..., CJP आंदोलन ने कैसे हिला दी हुकूमत
'तुरंत गिरफ्तारी हो...', छात्रों से गाली गलौज करते BJP नेता का वीडियो शेयर कर भड़के अखिलेश यादव
'तुरंत गिरफ्तारी हो...', छात्रों से गाली गलौज करते BJP नेता का वीडियो शेयर कर भड़के अखिलेश यादव
Jana Nayagan BO Collection: 'द ओडिसी' और 'धमाल 4' समेत 'जन नायकन' ने सैटरडे को 10 फिल्मों के तोड़े रिकॉर्ड, जानें कलेक्शन
'द ओडिसी' और 'धमाल 4' समेत 'जन नायकन' ने सैटरडे को 10 फिल्मों के तोड़े रिकॉर्ड, जानें कलेक्शन
जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 में जीत के बाद क्या बोले श्रेयस अय्यर? दुनिया हैरान
जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 में जीत के बाद क्या बोले श्रेयस अय्यर? दुनिया हैरान
कौन हैं प्रह्लाद जोशी, जिन्हें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सौंपी गई शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी?
कौन हैं प्रह्लाद जोशी, जिन्हें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सौंपी गई शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी?
Gen Z को लेकर इस राज्य के CM का बड़ा ऐलान, चुनाव लड़ने की उम्र घटाने का प्रस्ताव लाएगी सरकार
Gen Z को लेकर इस राज्य के CM का बड़ा ऐलान, चुनाव लड़ने की उम्र घटाने का प्रस्ताव लाएगी सरकार
'आ गया सरकार को हटाने का वक्त', प्रधान के इस्तीफे पर हमलावर राहुल, जानें पहला रिएक्शन
'आ गया सरकार को हटाने का वक्त', प्रधान के इस्तीफे पर हमलावर राहुल, जानें पहला रिएक्शन
Embed widget