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IAS Success Story: बचपन में देखा था IAS बनने का सपना, फिर पहले ही अटेम्पट में प्रतिष्ठा बनीं टॉपर

दिल्ली की प्रतिष्ठा ममगेन उन चुनिंदा कैंडिडेट्स में से हैं जो अपने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर लेते हैं. आइये जानें कैसे पायी प्रतिष्ठा ने यह सफलता.

Success Story Of IAS Topper Pratishtha: दिल्ली की रहने वाली प्रतिष्ठा उन गिने-चुने कैंडिडेट्स में से आती हैं, जिनका पहला प्रयास ही इतना सधा हुआ और सही दिशा में होता है कि वे सेलेक्ट हो जाते हैं और उन्हें सालों एक परीक्षा पास करने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता. अपार मेहनत और सही स्ट्रेटजी की इस सफलता में अहम भूमिका होती है. ये शायद वे कैंडिडेट होते हैं जो पहले ही इतनी तैयारी कर लेते हैं कि गलती करने का कोई स्कोप नहीं रह जाता. इसके साथ ही किस्मत भी इनका साथ देती है. आज जानते हैं प्रतिष्ठा से कि कैसे उन्होंने पहली बार में यूपीएससी परीक्षा क्रैक कर ली.

स्कूल के दिनों में देखा था सपना

प्रतिष्ठा ने आईएएस बनने का सपना तभी देख लिया था जब वे नौंवी क्लास में थी. उनकी मां भी हमेशा से यही चाहती थी कि प्रतिष्ठा सिविल सर्विसेस में जाएं, इत्तफाक से दोनों के सपने एक ही थे, जिससे तैयारी में दोगुनी ताकत का समावेश हो गया. प्रतिष्ठा हमेशा से एक ब्राइट स्टूडेंट थी और जिस उम्र में शायद बच्चे बहुत कम गंभीर होते हैं, वे जान चुकी थी कि अपने सपने को पाने के लिए उन्हें कैसे प्रयास करने हैं. इसी कारण से प्रतिष्ठा ने नौंवी से लेकर ग्रेजुएशन तक की अपनी पढ़ाई बहुत अच्छे से की, केवल क्लास पास करना उनका लक्ष्य नहीं थी. दोनों बोर्ड परीक्षाओं में उनके काफी अच्छे अंक आये. इसके बाद उन्होंने सेंट स्टीफेन्स कॉलेज दिल्ली से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया. ग्रेजुएशन पूरा होने के बाद उनकी उम्र सिविल सर्विसेस देने के लिए कम थी इसलिए उन्होंने एक साल इंतजार किया. दरअसल वे इस एक साल में यूपीएससी के लिए इंटेंस प्रिपरेशन भी करना चाहती थी. चूंकि प्रतिष्ठा के दिमाग में काफी समय से आईएएस चल रहा था तो तैयारियों के बेसिक्स के रूप में उन्होंने काफी समय पहले से टॉपर्स के इंटरव्यू पढ़ना, देखना और उनकी स्ट्रेटटजी देखना शुरू कर दिया था. इसके आधार पर उन्होंने अपनी तैयारियों को आरंभ किया. हर तरह की जानकारी इकट्ठा करने के बाद प्रतिष्ठा ने फिर पढ़ाई शुरू की.

प्रतिष्ठा की सलाह

प्रतिष्ठा कहती हैं सबसे पहले यूपीएससी के नोटिफिकेशन को देखकर सिलेबस का ठीक पता लगाएं और फिर सिलेबस के अनुसार लिमिटेड स्टडी मैटीरियल इकट्ठा करें. अपनी स्ट्रेटजी अपने हिसाब से प्लान करें और टाइम-टेबल बनाकर पढ़ाई शुरू कर दें. हर दिन का टारगेट रखें कि आज क्या-क्या पढ़ना है और शेड्यूल ऐसा बनाएं जिसमें अधिकतम विषय आ जाएं ताकि आप पढ़ते समय बोर न हों. शुरुआत उस विषय से कर सकते हैं जो आपकी रुचि का हो. दिन के कुछ घंटे न्यूज पेपर के लिए निकालें जिसका इस परीक्षा में बहुत जरूरी रोल है. सही तरीका सीखें ताकी कम समय में पेपर पढ़ पाएं. प्रतिष्ठा कहती हैं जिन्हें पहले से न्यूज पढ़ना, सुनना पसंद होता है, उन्हें खास दिक्कत नहीं होती. साथ ही वे ये भी सजेस्ट करती हैं कि जब आप किसी भी क्लास की पढ़ाई कर रहे हों, न्यूज पढ़ना और आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस करना तो तभी शुरू कर सकते हैं. ये दो प्वॉइंट बहुत जरूरी हैं पर ऐसे नहीं कि इन्हें तभी अपनाया जाए जब यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दें. अपने केस में टॉपर्स के इंटरव्यू देखकर वे पहले ही जान चुकी थी कि इनकी जरूरत पड़ेगी तो प्रतिष्ठा पहले ही अखबार पढ़ने की और आंसर राइटिंग की खूब प्रैक्टिस कर चुकी थी.

अगला अहम स्टेप प्रतिष्ठा रिवीजन को मानती हैं. वे कहती हैं कि पढ़ता तो हर कोई है पर याद हर कोई नहीं रख पाता. वे भी पढ़ा हुआ बार-बार भूल जाती थी. ऐसे में उन्होंने मल्टीपल रिवीज़न करना शुरू किया. एक चीज को बार-बार पढ़ती थी तब जाकर वह पक्की होती थी. प्रतिष्ठा कहती हैं वे सुबह उठते ही वे हिस्सा उठाती थीं जिसे याद रखना है, जैसे नाम, जगहें, तारीखें फैक्ट्स आदि क्योंकि इस समय उनका दिमाग फ्रेश होता था. उसके बाद अखबार पढ़ती थी और नेक्स्ट स्टेप में ऑप्शनल या जीएस पर आती थी. दिन खत्म होने पर बेड पर जाने से पहले प्रतिष्ठा बुकलेट देखती थी. अंत में उनकी सलाह मॉक टेस्ट्स देने की है ताकि कैंडिडेट को अपनी गलतियां पता चल सकें. प्रतिष्ठा ने साल 2017 में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा 50वीं रैंक के साथ पास करी थी.

प्रतिष्ठा कहती हैं कि अगर कैंडिडेट ठीक से प्लान करके चले और पूरी मेहनत और ईमानदारी से कोशिश करे तो सफलता मिलने में न देर लगती है न ही असफल होने की संभावना बचती है. बस परीक्षा का नेचर और जरूरत समझकर तैयारी शुरू करें.

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