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Israel Intelligence Agency Mossad: इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद में कैसे भर्ती होते हैं एजेंट, पढ़ाई से लेकर ट्रेनिंग तक क्या होता है प्रोसेस?

Israel Intelligence Agency Mossad: मोसाद का नाम दुनिया की सबसे प्रभावशाली जासूसी एजेंसियों में लिया जाता है. यह खुफिया एजेंसी अपने कई ऑपरेशन को लेकर दुनियाभर में चर्चा का विषय बन जाती है.

Israel Intelligence Agency Mossad: इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद अपने सीक्रेट मिशनों के लिए दुनियाभर में जानी जाती है. यह खुफिया एजेंसी अपने कई ऑपरेशन इतने गुपचुप तरीके से अंजाम देते हैं कि दुश्मन को सोचने का वक्त तक नहीं मिलता. हाल के दिनों में चल रहे अमेरिका-इजरायल और ईरान तनाव के बाद एक बार फिर से मोसाद सुर्खियों में है.

मोसाद की काम करने की प्रणाली, वहां के एजेंट्स की जिंदगी हमेशा आम लोगों के लिए रोमांच का विष्य रहे हैं. ऐसे में इसे लेकर लोगों के मन में अक्सर सवाल उठते रहते हैं कि आखिर इसमें एजेंट की भर्ती कैसे होती है और उन्हें किस तरह तैयार किया जाता है. चलिए तो आज हम आपको बताते हैं कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद में एजेंट कैसे भर्ती होते हैं और पढ़ाई से लेकर ट्रेनिंग तक इनकी प्रक्रिया क्या होती है. 

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क्या है मोसाद और कैसे काम करती है ये एजेंसी?

मोसाद का पूरा नाम इंस्टीट्यूट फॉर इंटेलिजेंस एंड स्पेशल ऑपरेशंस है. इसकी स्थापना 13 दिसंबर 1949 को इजरायल के पहले प्रधानमंत्री के निर्देश पर की गई थी. यह एजेंसी देश की बाहरी खुफिया एजेंसी, खुफिया जानकारी जुटाना, सीक्रेट ऑप्शन चलाने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मिशनों को अंजाम देने का काम करती है. इजरायल के इंटेलिजेंस नेटवर्क में इसके अलावा सैन्य खुफिया और आंतरिक सुरक्षा भी शामिल है, जो अलग-अलग मोर्चों पर काम करते हैं. 

कैसे होती है एजेंट की भर्ती?

मोसाद में भर्ती की प्रक्रिया बहुत सख्त और बहुत स्तरीय होती है. इच्छुक उम्मीदवार आवेदन करते हैं, जिसके बाद शुरुआती छंटनी की जाती है. इसके बाद कई तरह के टेस्ट, इंटरव्यू और मेंटल स्थिति का मूल्यांकन होता है. उम्मीदवारों की पर्सनल और प्रोफेशनल जिंदगी की गहराई से जांच की जाती है. इसके अलावा उनकी मानसिक मजबूती, दबाव में काम करने की क्षमता और खतरनाक परिस्थितियों से निपटने की योग्यता को रखा जाता है. इस भर्ती प्रक्रिया में सिर्फ तकनीकी या शैक्षिक योग्यता नहीं, बल्कि ईमानदारी और भरोसेमंद व्यवहार को भी बहुत अहम माना जाता है. 

क्या होते हैं कात्सा, किडोन और सायानम?

मोसाद की कार्यप्रणाली को समझने के लिए तीन बहुत जरूरी शब्दों को जानना जरूरी है. इनमें पहला शब्द कात्सा है, यह फील्ड इंटेलिजेंस ऑफिसर होते हैं, जो एजेंट की भर्ती और ऑपरेशन को लीड करते हैं. इसके अलावा दूसरे किडोन होते हैं, इन्हें प्रोफेशनल ऑपरेटिव या स्पेशल मिशन के लिए प्रशिक्षित एजेंट माना जाता है. इन्हें जरूरत पड़ने पर गुप्त ऑपरेशन में लगाया जाता है. इसके अलावा तीसरे सायानम होते हैं, यह ऐसे लोग होते हैं जो बिना किसी पेमेंट के एजेंसी की मदद करते हैं और सूचनाएं उपलब्ध कराते हैं. 

कैसे होती है ट्रेनिंग?

मोसाद में चयन के बाद उम्मीदवारों को कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है. इसमें फील्ड ऑपरेशन, खुफिया एजेंट, जानकारी जुटाने, नई पहचान बनाकर काम करना और कठिन परिस्थितियों में खुद को संभालना सिखाया जाता है. ट्रेनिंग के दौरान रियल लाइफ जैसी कंडीशन बनाई जाती है. जहां उम्मीदवारों को अचानक चुनौतियां का सामना करना पड़ता है. कई बार उन्हें ऐसी परिस्थितियों में डाला जाता है जहां उन्हें अपनी पहचान छुपाकर काम करना होता है या मानसिक दबाव झेलना पड़ता है. इस दौरान यह भी देखा जाता है कि उम्मीदवार तनाव, डर और अनिश्चितता में कैसे रिएक्शन देते हैं. 

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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