एक्सप्लोरर

विधानसभा चुनाव 2026

(Source:  Poll of Polls)

कौन से कारक बनते हैं IAS प्री-परीक्षा पास करने की राह में रोड़ा, जानें

आईएएस परीक्षा को पास करने के लिये तीन चरण होते हैं पर अधिकतर कैंडिडेट्स पहले चरण यानी प्री-परीक्षा ही पास नहीं कर पाते. यूं तो मुकम्मल तैयारी न होना इसका सबसे बड़ा कारण है पर कुछ छोटे और महत्वपूर्ण कारक हैं जो कैंडिडेट्स को यहीं से पीछे धकेल देते हैं. डालते हैं नजर ऐसे ही कुछ बिंदुओं पर...

Possible Obstructions To Clear IAS Prelims Exam:हर सफलता अपने पीछे न जाने कितनी असफलताओं की कहानी समेटे होती है. मंजिल तक पहुंचने के लिये कितनी मेहनत करनी पड़ती है, कितनी गलतियों से सीखना पड़ता है और कितनी बार गिरकर फिर उठना पड़ता है यह वही जानता है जिसने यह संघर्ष किया है. इस सफर में पड़ाव तक पहुंचने का आनंद पर वही ले पाते हैं जो अपनी गलतियां जान जाते हैं और उनसे सीखते हैं. यही बात यूपीएससी की परीक्षा पर भी लागू होती है. जहां सही करना जितना जरूरी है उससे भी जरूरी है गलत को एवॉएड करना. आईएएस की प्रारंभिक परीक्षा पहली मंजिल है जिसे पार करना इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेस में जाने का रास्ता खोलती है. कई बार पर्याप्त मेहनत और निश्चय के बावजूद सफलता नहीं मिलती. कुछ गलतियां कैंडिडेट्स से हो ही जाती हैं. वैसे तो इन गलतियों का दायरा काफी बड़ा है पर आज हम आपसे साझा करेंगे कुछ बिंदु जिनसे पार पाने पर ही आप अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं.

टाइम मैनेजमेंट

यूपीएससी की इस परीक्षा का कोर्स इतना विस्तृत होता है मानो सागर का पानी, अंत ही नहीं दिखता. इतनी सारी किताबें या स्टडी मैटीरियल को समय के अंदर खत्म करना नामुमकिन सा लगता है. और अगर कुछ भी छोड़ दो तो उस सेक्शन से प्रश्न आने पर समस्या हो सकती है. इन्हीं कारणों से इस परीक्षा की तैयारी के लिये समयबद्ध तरीके से काम करना बहुत जरूरी है. इसलिए टाइम मैनेजमेंट सीखें. किसी सेक्शन को उसके महत्व के हिसाब से कितना समय देना है, किस समय के अंदर खत्म करना है जैसी छोटी पर जरूरी बातों का ध्यान रखें. यहां तक की आईएएस पास कई कैंडिडेट्स का तो यह सुझाव है कि कोर्स की विशालता को देखते हुये कैंडिडेट्स को प्री और मेन्स परीक्षा दोनों की तैयारी साथ ही शुरू कर देनी चाहिए. प्री के बाद मेन्स के लिए इतना समय नहीं होता कि उसमें सबकुछ किया जा सके. टाइम मैनेजमेंट न होना असफल होने का एक बड़ा कारक साबित होता है, इससे बचें.

रिवीजन 

जैसा कि हम पहले ही कह चुके हैं आईएएस परीक्षा का कोर्स बहुत अधिक है इसलिये रिवीजन में भी समय लगता है. कैंडिडेट्स मुख्य तैयारी में ही इतना समय गंवा चुके होते हैं कि रिवीजन के लिए समय ही नहीं निकाल पाते. यह याद रखें कि बिना रिवीज़न के आपकी सारी पुरानी तैयारी व्यर्थ है क्योंकि आप कोई रोबोट नहीं जिसने एक बार सब पढ़कर दिमाग में फीड कर लिया. कई बार देखा गया है कि कैंडिडेट्स की शुरुआत अच्छी होती है पर एंड तक आते-आते समय प्रबंधन गड़बड़ा जाता है जिससे रिवीज़न ठीक से नहीं हो पाता और पिछली तैयारी पर पानी फिर जाता है. इसलिए रिवीज़न के लिये पर्याप्त समय निकालकर चलें.

टेस्ट

कुछ कैंडिडेट्स यह मानकर चलते हैं खासकर प्री परीक्षा के लिये कि अगर आता होगा तो सारे प्रश्न हल कर ही लेंगे इसलिए ज्यादा जरूरी है कि वे दिन-रात बस पढ़ते रहें. यह रवैया घातक सिद्ध हो सकता है. इस परीक्षा का कोर्स बहुत है पर प्रश्नपत्र में सीमित प्रश्न ही आते हैं इसलिये एक समय के बाद टेस्ट देना शुरू कर दें. इससे आपको परीक्षा के विषय में अंदाजा मिलेगा. एक बहुत अच्छा तरीका है पिछले साल के प्रश्न-पत्रों को जितना हो सके हल करना. जब आप ऐसा नहीं करते तो प्री परीक्षा में फेल होने के लिए ग्राउंड आप खुद ही तैयार कर लेते हैं.

समसामयिक घटनाओं पर नहीं रखते पैनी नजर

करेंट अफेयर्स को नेगलेक्ट करना भी असफल होने का एक बड़ा कारण है. इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है नियमित रूप से अखबार पढ़ना और समाचार सुनना. प्री परीक्षा का एक बड़ा भाग इसी तरह के प्रश्नों पर आधारित होता है. इसे पक्का करके आधी जंग जीती जा सकती है. जिन्हें लगता है कि यह समय की बर्बादी है और केवल किताबें व अन्य स्टडी मैटीरियल ही सफलता के लिये काफी है उन्हें भी परीक्षा के समय दिक्कत पेश आती है. समय निकालकर कोई स्तरीय न्यूज़ पेपर रोज़ पढ़ें और खासकर उनके एडिटोरियल्स को जरूर देखें जिसमें देश-दुनिया के गंभीर मुद्दों पर जानकार लोगों की राय जानने को मिलती है. यह आदत आपको आगे चलकर साक्षात्कार के समय भी बहुत काम आएगी.

गलत अप्रोच दिलाती है असफलता

पहले के समय में आईएएस परीक्षाओं को पास करने के लिए जितनी अधिक लर्निंग और राइटिंग एबिलिटीज़ मैटर करती थीं, अब नहीं करतीं. पिछले कई सालों से देखा जा रहा है कि यह परीक्षा भी एक प्रकार का एप्टीट्यूड टेस्ट जैसी हो गयी है. इसे पास करने के लिये सही अप्रोच का होना बहुत जरूरी है. अब केवल रट्टू तोता बनने से काम नहीं चलता. इसी प्रकार हर किसी की अपनी स्ट्रैटजी होती है. गलत एनालिसेस और गलत स्ट्रैटजी भी आपको असफल बना सकती है. इसलिए अपनी क्षमताओं के अनुसार अपने लिए चीज़ें प्लान करें और उन्हीं के अनुरूप कार्य करें. केवल एक बात दिमाग में रखें कि यह परीक्षा ऐसी नहीं जिसे पास करने के लिए कोई शॉर्ट कट काम आए. जमकर मेहनत, अनुशासित जीवन, समय प्रबंधन जैसे गुण न होने पर इस परीक्षा में सफल होना नामुमकिन होता है.

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

CISCE Board 10th 12th Result 2026 Live: आज सुबह 11 बजे जारी होंगे ICSE-ISC के नतीजे, ऐसे करें रिजल्ट चेक, यहां पढ़ें लाइव अपडेट्स
आज सुबह 11 बजे जारी होंगे ICSE-ISC के नतीजे, ऐसे करें रिजल्ट चेक, यहां पढ़ें लाइव अपडेट्स
CUET UG 2026 परीक्षा के लिए परीक्षा सिटी स्लिप जारी, एडमिट कार्ड जल्द ही जारी होगा
CUET UG 2026 परीक्षा के लिए परीक्षा सिटी स्लिप जारी, एडमिट कार्ड जल्द ही जारी होगा
ICSE-ISC Result 2026: आज सुबह 11 बजे जारी होगा 10वीं-12वीं रिजल्ट, ऐसे करें सबसे पहले चेक
ICSE-ISC Result 2026: आज सुबह 11 बजे जारी होगा 10वीं-12वीं रिजल्ट, ऐसे करें सबसे पहले चेक
CISCE Result 2026: आज सुबह 11 बजे जारी होगा CISCE 10वीं-12वीं का रिजल्ट, जानें इसे चेक करने का तरीका
आज सुबह 11 बजे जारी होगा CISCE 10वीं-12वीं का रिजल्ट, जानें इसे चेक करने का तरीका

वीडियोज

Sansani: हिजबुल्लाह के सीक्रेट ठिकानों की अनदेखी पिक्चर ! | Crime News | America
Sandeep Chaudhary On Exit Poll: कहां किसकी जीत..किसका सूपड़ा साफ | BJP | TMC | Poll of Polls on ABP
West Bengal Exit Poll 2026: क्या हार रही हैं दीदी ? | PM Vs Mamata | Chanakya Exit Poll
West Bengal Exit Poll 2026: ममता बनर्जी की सत्ता पर संकट? जानिए पूरा गणित | BJP Vs TMC | Mamata
West Bengal 2026 Phase 2 Voting: बंगाल में एक्शन मोड पर प्रशासन... | BJP | TMC | ABP News

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अमेरिका-ईरान युद्ध ने डुबोई पाकिस्तान की लुटिया, शहबाज शरीफ का कबूलनामा, बोले - 'बीते दो साल में...'
अमेरिका-ईरान युद्ध ने डुबोई पाकिस्तान की लुटिया, शहबाज शरीफ का कबूलनामा, बोले - 'बीते दो साल में...'
Delhi Weather Update: दिल्ली में दिन की शुरुआत ठंडक के साथ, आज हल्की बारिश के साथ चलेंगी तेज हवाएं
दिल्ली में दिन की शुरुआत ठंडक के साथ, आज हल्की बारिश के साथ चलेंगी तेज हवाएं
West Bengal Exit Poll 2026 Live: फिर बंगाल में 100 सीटों तक सिमट जाएगी BJP, TMC चौथी बार बनाएगी सरकार, इस एग्जिट पोल ने सबको चौंकाया
Bengal Exit Poll 2026 Live: फिर बंगाल में 100 सीटों तक सिमट जाएगी BJP, TMC चौथी बार बनाएगी सरकार, इस एग्जिट पोल ने सबको चौंकाया
'अगर इतनी चिंता है तो काम देने में मदद करो', कंटेंट क्रिएटर संग वायरल रील पर हुई ट्रोलिंग के बाद राहुल रॉय ने तोड़ी चुप्पी
कंटेंट क्रिएटर संग वायरल रील पर हुई ट्रोलिंग के बाद राहुल रॉय ने तोड़ी चुप्पी, कह दी ये बात
Tamil Nadu Exit Poll 2026: तमिलनाडु के एग्जिट पोल में ट्विस्ट! स्टालिन नहीं इन्हें CM बनाना चाहती है जनता, जानें नाम
तमिलनाडु के एग्जिट पोल में ट्विस्ट! स्टालिन नहीं इन्हें CM बनाना चाहती है जनता, जानें नाम
प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई मुंबई इंडियंस? MI vs SRH मैच के बाद अंक तालिका में क्या बदला, जानिए
प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई मुंबई इंडियंस? MI vs SRH मैच के बाद अंक तालिका में क्या बदला, जानिए
Smart TV बार-बार हो रहा हैंग? बस ये एक सीक्रेट ट्रिक अपनाओ, पुराना टीवी भी चलेगा नए जैसा
Smart TV बार-बार हो रहा हैंग? बस ये एक सीक्रेट ट्रिक अपनाओ, पुराना टीवी भी चलेगा नए जैसा
Pesticides Exposure Cancer Risk : पेस्टिसाइड्स के लगातार संपर्क से बढ़ सकता है 150% तक कैंसर का खतरा, नई स्टडी का दावा, जानें क्या है वजह
पेस्टिसाइड्स के लगातार संपर्क से बढ़ सकता है 150% तक कैंसर का खतरा, नई स्टडी का दावा, जानें क्या है वजह
Embed widget