UPI: 5 में से 2 दुकानदारों का MDR पर विरोध, 40% चार्ज के लिए तैयार नहीं- सर्वे
अगर आप दुकान या कारोबार चलाते हैं और यूपीआई से पेमेंट लेते हैं, तो 2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर एमडीआर लगने की खबर आपको परेशान कर सकती है. जानिए दुकानदारों की क्या है राय और क्या बदलेगा?

यूपीआई से पेमेंट करना लोगों के लिए आसान और तेज है, लेकिन 2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर चार्ज लगने की चर्चा ने दुकानदारों और कारोबारियों की परेशानियां बढ़ा दी है. एक सर्वे में सामने आया है कि बड़ी संख्या में कारोबारी ऐसे किसी भी चार्ज का बोझ उठाने के लिए तैयार नहीं हैं. करीब 5 में से 2 दुकानदारों ने कहा है कि वो 2,000 से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं देना चाहेंगे.
लोकल सर्वे के मुताबिक, देशभर के 242 जिलों के दुकानदारों और कारोबारियों से 32 हजार से ज्यादा जवाब मिले. इनमें 41% लोगों ने कहा कि वो 2,000 से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर किसी भी तरह का चार्ज देने को तैयार नहीं हैं. वहीं, 9% लोगों ने बताया कि वो यूपीआई से पेमेंट लेते ही नहीं हैं.
सिर्फ 17% कारोबारी ज्यादा चार्ज देने को तैयार
सर्वे में ये भी सामने आया कि सिर्फ 17% कारोबारी 0.3% या उससे ज्यादा चार्ज देने के लिए तैयार हैं. इनमें 12% लोग 1% तक और 5% कारोबारी 0.5% तक चार्ज देने को तैयार हैं. इसके अलावा 15% लोगों ने सबसे ज्यादा 0.04%, 8% ने 0.25% और 5-5% ने 0.2% और 0.1% तक चार्ज देने की बात कही. अगर चार्ज की कीमत 0.3% के बजाय 0.25% भी रखी जाती है, तब भी सिर्फ 25% कारोबारी ही इतना या इससे ज्यादा चार्ज देने को तैयार होंगे. यानी ज्यादातर दुकानदार यूपीआई पेमेंट पर एक्ट्रा चार्ज लगाए जाने के तरफ में नहीं हैं.
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यूपीआई पर अभी नहीं लगता ये चार्ज
MDR यानी डिजिटल पेमेंट एक्सेप्ट करने के बदले दुकानदारों से ली जाने वाली फीस है. यूपीआई पर जनवरी 2020 से शून्य एमडीआर की व्यवस्था लागू है. इसका मकसद देश में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना था. अब 2,000 या उससे ज्यादा के कुछ दुकानदारों वाले यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर लगाने की चर्चा हो रही है.
चार्ज लगा तो कस्टमर भी बदल सकते हैं तरीका
लोकल के एक सर्वे में 53% यूपीआई इस्तेमाल करने वाले लोगों ने कहा कि अगर ज्यादा रकम के पेमेंट पर चार्ज उनसे लिया गया तो वो यूपीआई का इस्तेमाल कम कर सकते हैं. इनमें 27% लोग क्रेडिट कार्ड, 14% डेबिट कार्ड और 12% कैश या बैंक से सीधे पैसे भेजने का तरीका अपनाने की बात कही. लेकिन, केंद्र सरकार ने कहा है कि बताए जा रहे बदलाव की जिम्मेदारी कस्टमर पर डालना मकसद नहीं है. वित्त मंत्रालय के मुताबिक, अगर एमडीआर लागू किया जाता है तो ये फिक्स सीमा से ऊपर कुछ खास दुकानदारों वाले पेमेंट पर मामूली कीमत से लगाई जाएगी. एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले यूपीआई पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं होगा.
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