ट्रंप के 100% टैरिफ से भारत के 10.5 अरब डॉलर की फॉर्मा इंडस्ट्री पर कितना और कैसा होगा असर?
Trump Tariffs on Pharmaceuticals: राष्ट्रपति ट्रंप का यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट 1962 की धारा 232 के तहत गहन पड़ताल की गई है. यह धारा राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय बनाकर राष्ट्रपति को टैरिफ बढ़ाने का अधिकार देती है.

Trump 100% Tariffs on Branded Pharma Drgus: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक ऐसे फैसले ले रहे हैं, जिनसे दुनियाभर में हलचल मच रही है. अब उन्होंने सभी तरह की ब्रांडेड और पेटेंट वाली दवाओं के ऊपर 100 प्रतिशत का टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. यह टैरिफ तब तक लागू रहेगा, जब तक दवा बनाने वाली कंपनियां अमेरिका के भीतर निर्माण संयंत्र (मैन्युफैक्चरिंग यूनिट) स्थापित नहीं करतीं.
राष्ट्रपति ट्रंप का यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट 1962 की धारा 232 के तहत गहन पड़ताल की गई है. यह धारा राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय बनाकर राष्ट्रपति को टैरिफ बढ़ाने का अधिकार देती है.
कानूनी चुनौती
धारा 232 के तहत टैरिफ का यह ऐलान उस समय हुआ है जब टैरिफ को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के अधिकार पर इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. अगर वहां से ट्रंप के खिलाफ फैसला आता है, तो अमेरिका को सभी देशों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ वापस लेने पड़ सकते हैं.
भारत के फार्मा पर कितना असर?
अमेरिका भारतीय दवा निर्यात का सबसे बड़ा बाजार है. यह भारत के कुल दवा निर्यात का करीब एक-तिहाई हिस्सा है. यहां भारत मुख्य रूप से सस्ती जेनेरिक दवाओं का निर्यात करता है, जिनकी कीमत ब्रांडेड दवाओं की तुलना में काफी कम होती है. वित्त वर्ष 2025 के दौरान भारत ने अमेरिका को करीब 10.5 बिलियन डॉलर मूल्य की दवाओं का निर्यात किया था.
ऐसे में जब ट्रंप ने 100 प्रतिशत टैरिफ केवल ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं पर लगाया है, तो भारतीय जेनेरिक दवाओं पर इसका असर सीमित रहने की संभावना है. हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से निवेशकों के विश्वास और बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.
किन बड़ी कंपनियों पर असर?
Zydus Life: कुल आय का 49% अमेरिका से आता है.
Dr. Reddy’s: करीब 47% आय अमेरिका से होती है.
Aurobindo Pharma: 44% से अधिक आय अमेरिका से आती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों और कंपनियों की नज़र अब इस बात पर होगी कि क्या भविष्य में जेनेरिक दवाओं को भी टैरिफ के दायरे में लाया जाएगा. अगर ऐसा हुआ, तो भारत के दवा निर्यात बाजार को सीधा झटका लग सकता है. ट्रंप के दवाओं पर टैरिफ का सीधा असर फार्मा सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला. गुरुवार को इन शेयरों में करीब 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई और लगभग सभी फार्मा स्टॉक्स रेड जोन में चले गए.
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अब निवेशकों को अमेरिकी व्यापार नीति में होने वाले किसी भी बदलाव पर करीबी नज़र रखनी होगी, क्योंकि इसका सीधा असर जेनेरिक दवाओं पर पड़ सकता है. हालांकि, ट्रंप के 100 प्रतिशत टैरिफ का तत्काल असर भले ही न दिखे, लेकिन इस ऐलान ने फार्मा सेक्टर को लेकर वैश्विक बाजार में हलचल मचा दी है.
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