रुपये की गिरावट से शेयर बाजार भी थमा, सेंसेक्स 505 अंक टूटकर 38,000 के नीचे बंद
30 कंपनियों के शेयरों वाले बीएसई के सेंसेक्स की शुरूआत कमजोर रही और चौतरफा बिकवाली से जल्द ही 38,000 अंक के नीचे 37,548.93 अंक तक चला गया.

मुंबई: देश में कमजोर होते रुपये का असर शेयर बाजार को भी झेलना पड़ रहा है. सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 505 अंक से ज्यादा लुढ़क गया और 38,000 के स्तर से नीचे जाकर बंद हुआ. इससे पहले, लगातार दो सत्रों में इसमें तेजी दर्ज की गयी थी. सरकार रुपये में हो रही गिरावट को थामने की कोशिश में लगी हुई है लेकिन कुछ खास असर नहीं दिख रहा है. वर्ल्ड ट्रेड वॉर और रुपये में गिरावट की वजह से निवेशकों की हिम्मत टूट रही है और शेयर बाजार प्रभावित हो रहा है.
कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया फिर से 72 के स्तर से नीचे गिरकर 72.69 पर पहुंच गया. 30 कंपनियों के शेयरों वाले बीएसई के सेंसेक्स की शुरूआत कमजोर रही और चौतरफा बिकवाली से जल्द ही 38,000 अंक के नीचे 37,548.93 अंक तक चला गया. अंत में यह 505.13 अंक यानि 1.33 फीसदी की गिरावट के साथ 37,585.51 अंक पर बंद हुआ. इससे पहले, पिछले दो सत्रों में इसमें 677.51 अंक की तेजी आई थी. कारोबारियों के अनुसार, अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर बढ़ने की आशंका की वजह से एशियाई और यूरोपीय बाजारों में नरम रुख का असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है.
इस बीच, नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 137.45 अंक यानि 1.19 फीसदी की गिरावट के साथ 11,377.75 अंक पर बंद हुआ. फाइनेंस सेक्टर में एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक दोनों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गयी. अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने शुक्रवार को 1,090.56 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 115.14 करोड़ रुपये की खरीदारी की.
सरकार ने चालू खाते के घाटे (कैड) पर लगाम लगाने और रुपये में गिरावट को थामने के लिये पिछले शुक्रवार को कई उपायों की घोषणा की थी. इन उपायों में मसाला बॉन्ड पर विदहोल्डिंग कर को हटाना, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिये नियमों में ढील और गैर-जरूरी आयातों पर पाबंदी शामिल हैं.
Source: IOCL























