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How to buy Mutual Fund: म्यूचुअल फंड में करना चाहते हैं निवेश? इन 3 मंत्रों की बांध लें गांठ, कभी न होगा घाटा!

Mutual Fund Buying: शेयर बाजार की तेजी का फायदा उठाने के लिए म्यूचुअल फंड काफी काम के साबित होते हैं, लेकिन इन फंडों में निवेश करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है...

शेयर बाजार में फिर से रिकॉर्ड रैली वाले दिन वापस आ चुके हैं. दोनों घरेलू सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में शानदार तेजी देखी जा रही है. निफ्टी जल्दी ही पहली बार 20 हजार अंक के ऐतिहासिक स्तर को पहली बार पार करने की दहलीज पर है. ऐसे में आप भी बाजार की रैली का भागीदार बनकर अच्छे से अच्छा रिटर्न पाना चाह सकते हैं, लेकिन इसमें सबसे बड़ी रुकावट बाजार की समझ नहीं होने से आ सकती है.

सबसे जरूरी है सही चुनाव

आपकी इस समस्या को दूर कर सकते हैं म्यूचुअल फंड. हालांकि म्यूचुअल फंड में निवेश करने के अपने रिस्क होते हैं. आप इन फंडों के सहारे बाजार की तेजी का भागीदार बन सकते हैं और रैली से अपने लिए शानदार रिटर्न जेनरेट कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए सही म्यूचुअल फंड का चुनाव करना जरूरी है. आम तौर पर लोग म्यूचुअल फंड का चुनाव करने के लिए उनके पिछले प्रदर्शन अथवा फंड मैनेजर व फिर फंड हाउस के नाम का सहारा लेते हैं. हालांकि यह फॉर्मूला ठीक नहीं है.

कभी न करें ये आम गलतियां

बार-बार एक्सपर्ट इस बारे में हिदायत भी देते रहते हैं कि पास्ट परफॉर्मेंस इस बात की गारंटी नहीं है कि आने वाले समय में भी वह फंड उसी हिसाब से रिटर्न देगा. वहीं फंड मैनेजर या फंड हाउस भी रिटर्न की गारंटी नहीं होते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किस आधार पर अपने लिए सही म्यूचुअल फंड का चुनाव करें? आज हम आपको इस काम में मदद करने वाले हैं और 3 ऐसे मंत्र बताने वाले हैं, जो म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय आपके बहुत काम आने वाले हैं.

पहला मंत्र: प्रोसेस फ्रेमवर्क

लंबे समय में सफलता पाने के लिए सबसे जरूरी चीज एक मजबूत प्रक्रिया है. इस संदर्भ में निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड का एक हालिया इन्वेस्टर एजुकेशन कैम्पेन प्रासंगिक हो जाता है. कैम्पेन में सवाल उठाया गया कि एक व्यक्ति की काबिलियत से अधिक मजबूत क्या है? इसका जवाब सामने आया कि व्यक्ति के काम करने का प्रोसेस सबसे ज्यादा ठोस चीज है. म्यूचुअल फंड के चुनाव में यही चीज देखनी चाहिए कि आखिर संबंधित फंड के काम करने का प्रोसेस क्या है.

दूसरा मंत्र: मजबूत जोखिम प्रबंधन

शेयर बाजार जोखिम से भरा होता है. यहां अच्छा रिटर्न तो मिलता है, साथ ही पैसे डूबने का भी खतरा रहता है. इस कारण म्यूचुअल फंड को चुनते समय यह देखना जरूरी है कि उसका फंड हाउस रिस्क को किस तरह से मैनेज करता है. यह म्यूचुअल फंड को चुनने का सबसे अहम पैरामीटर है. बाजार में अस्थिरता से लेकर क्रेडिट रिस्क, ब्याज दरों और महंगाई तक से जुड़े जोखिम हो सकते हैं. आप म्यूचुअल फंड का चुनाव करने से पहले यह देखें कि आपका फंड हाउस इन जोखिमों को किस तरह से प्रबंधित करता है.

अंतिम मंत्र: लगातार प्रयास और स्थिर रिटर्न पर फोकस

Nippon India Mutual Fund के अनुसार, निवेशकों को कभी भी बहुत ज्यादा रिटर्न के लोभ में नहीं पड़ना चाहिए. उसके बजाय निवेशकों को टिकाऊ व स्थिर रिटर्न पर फोकस करना चाहिए. ज्यादा रिटर्न के लोभ में पड़कर आप अपनी सेविंग्स को गंवा सकते हैं, वहीं स्थिर रिटर्न पर ध्यान लगाते हुए लंबे समय तक लगातार बने रहने से आप वेल्थ क्रिएट कर सकते हैं.

अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय इन 3 मंत्रों को याद रखते हैं तो आपके लिए जोखिम कम से कम रहेगा, साथ ही अच्छा रिटर्न हासिल कर पाने की संभावना ज्यादा से ज्यादा होगी.

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.

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