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डिजिटल टेक्नोलॉजी से मारुति करेगी शोरूमों की कायापलट, कार खरीदने का एक्सपीरिएंस बनाएगी बेहतर
नये मारुति सुजुकी एरिना शोरूम पूरी तरह डिजिटली कनेक्टेड होंगे और उनमें ओनर्स लाउंज जैसी आधुनिक व आरामदायी सुविधाएं भी होंगी. कंपनी मौजूदा वित्त वर्ष यानी मार्च 2018 तक लगभग 80 मारुति सुजुकी एरिना स्थापित करेगी.

नई दिल्ली: डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन खरीददारी करने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति ने देश भर में अपने शोरूमों का कायापलट करने की आज घोषणा की है. अपनी इस पहल में कंपनी का जोर डिजिटल टेक्नोलॉजी पर है. वह अपने वाहनों के बारे में ग्राहकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन एक्सपीरिएंस को बेहतर बनाना चाहती है. इसलिए अब कंपनी अपने रिटेल नेटवर्क की रिब्रांडिंग करते हुए अपने शोरूमों को मारुति सुजुकी एरिना में बदलेगी. कल की गिरावट से उबरा बाजारः सेंसेक्स 258 अंक ऊपर बंद, निफ्टी 9800 के पार नये मारुति सुजुकी एरिना शोरूम पूरी तरह डिजिटली कनेक्टेड होंगे और उनमें ओनर्स लाउंज जैसी आधुनिक व आरामदायक सुविधाएं भी होंगी. मारुति सजुकी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ केनिचि अयुकावा ने बताया कि यह काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और अगले तीन से पांच साल में कंपनी का पूरा खुदरा नेटवर्क यानी सारे शोरूम पूरी तरह डिजिटली कनेक्टेड होंगे. कंपनी मौजूदा वित्त वर्ष यानी मार्च 2018 तक लगभग 80 मारुति सुजुकी एरिना स्थापित करेगी. 1000 रुपये का नोट फिर लाने का इरादा नहीं: वित्त मंत्रालय 3 से 5 साल में मारुति के सभी शोरूम होंगे नए कंपनी चालू वित्त वर्ष में यानी मार्च 2018 तक लगभग 80 मारुति सुजुकी एरिना स्थापित करेगी. मारुति सजुकी इंडिया के सीईओ केनिचि अयुकावा ने कहा है कि अगले तीन से पांच साल में कंपनी का पूरा खुदरा नेटवर्क यानी सारे शोरूमों का कायापलट हो जाएगा. इस समय देश के 1683 शहरों में कंपनी के 2050 शोरूम हैं. कंपनी हर मिनट में नौ कार बेच रही है और उसका हर दिन 1.26 लाख ग्राहकों से वास्ता रहता है. सीईओ केनिचि अयुकावा ने कहा कि यह सब डिजिटल टेक्नोलॉजी की मदद से ही संभव हो सका है. उन्होंने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी से ही कंपनी अपने ग्राहकों को और ज्यादा सुविधा, ज्यादा सूचना, ज्यादा पारदर्शिता और बेहतर सेवा दे सकेगी. कंपनी का कहना है कि उसने मारुति सुजुकी एरिना की यह पहल ट्रांसफॉर्मेशन 2.0 इनिशिएटिव के तहत की है. भारत में लगभग 75 फीसदी ग्राहक वाहन खरीदने से पहले उसके बारे में ऑनलाइन जांच पड़ताल करके आते हैं. जुलाई में जीएसटी से भरा सरकार का खजाना..हुई इतनी कमाई कि नहीं था अनुमान
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Source: IOCL
























