एक्सप्लोरर

7 सरकारी कंपनियों में हिस्सा बेचेगी सरकारः मिल सकते हैं 35,000 करोड़ रुपये

नई दिल्लीः एनटीपीसी और इंडियन ऑयल समेत 7 बड़ी सरकारी कंपनियों में सरकार ने अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरु की है. मौजूदा भाव पर इन कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने से सरकार को 35 हजार करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है.

वित्त वर्ष शुरु हुए अभी मुश्किल से एक पखवाड़े का वक्त गुजरा है, लेकिन उसके साथ ही सरकार ने सरकारी खजाने के घाटे यानी फिस्कल डेफिसिट को बजटीय लक्ष्य में सीमित करने की कवायद तेज कर दी है. इस साल का लक्ष्य 3.2 फीसदी (जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद का) रखा गया है. सरकार ने इस बजट में सरकारी कंपनियों में अपनी कुछ हिस्सेदारी यानी विनिवेश के जरिए 45,500 करोड़ रुपये, रणनीतिक बिक्री यानी सरकारी कंपनियों का मालिकाना हक बेचकर 15 हजार करोड़ रुपये और बीमा कंपनियों में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचकर 11 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. यानी कुल मिलाकर 72,500 करोड़ रुपये. बीते साल सरकार को विनिवेश के जरिए 46 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा मिले थे.

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि अभी ये तय नहीं कि अलग-अलग कंपनियों के शेयर कब बेचे जाएंगे. लेकिन कोशिश यही है कि जरुरी तैयारी पूरी कर ली जाए और उचित समय पर शेयर बेचे जाए. वैसे भी 7 कंपनियों के शेयर बेचने की प्रक्रिया में ओएफस (Offer for Sale through Stock Exchanges) अपनाये जाएंगे.

आम बोलचाल की भाषा में इसे नीलामी प्रक्रिया कहते हैं. पारम्परिक तरीके से आम लोगों को शेयर बेचने के बजाए इस प्रक्रिया में एक दिन में कारोबारी कार्यकाल (सुबह सवा नौ से दिन के साढ़े तीन बजे) के बीच शेयर के लिए संस्थागत और खुदरा निवेशक फ्लोर प्राइस यानी एक निचली कीमत पर या उसके ऊपर बोली लगा सकते हैं. ये पूरी प्रक्रिया ज्यादा से ज्यादा तीन-चार कार्यदिवस में पूरी हो जाती है और शेयरधारकों को शेयर भी मिल जाते हैं. सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए सरकार इस प्रक्रिया को खुलकर अपनाती है. वैसे बाजार पूंजीकरण के लिहाज से 200 बड़ी कंपनियों के लिए ही शेयर बेचने का ये विकल्प उपलब्ध है.

हालांकि बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि नीलामी प्रक्रिया से लंबे समय के निवेशकों को नुकसान होता है. उनकी सलाह कि इसकी जगह एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ की प्रक्रिया अपनायी जानी चाहिए. दूसरी ओर सरकारी अधिकारियों का कहना है कि ईटीएफ तो लाया ही जा रहा है, उसके साथ-साथ बाजार के दूसरे तरीकों को अपनाया जाना जरुरी है.

इस बीच, सरकार ने रेलवे के तहत आने वाली दो सरकारी कंपनियों राइट्स और रेल विकास निगम लिमिटेड के शेयरों की खरीद-फरोख्त स्टॉक एक्सचेंज पर शुरु करने का भी इरादा जताया है. इस बारे में सलाह देने के लिए मर्चेंट बैंकर से आवेदन मंगाए गए हैं.

7 सरकारी कंपनियों में हिस्सा बेचेगी सरकारः मिल सकते हैं 35,000 करोड़ रुपये

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

बड़ी राहत! चाहे कितना लंबा चले ईरान वॉर, नहीं पड़ेगा कच्चे तेल संकट का असर, भारत की ओर चला क्रूड ऑयल शिप
चाहे कितना लंबा चले ईरान वॉर, नहीं पड़ेगा कच्चे तेल संकट का असर! भारत की ओर चला क्रूड ऑयल शिप
तनाव के बीच कच्चे तेल पर भारत सरकार का बड़ा अपडेट, अभी नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल और LPG के दाम
तनाव के बीच कच्चे तेल पर भारत सरकार का बड़ा अपडेट, अभी नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल और LPG के दाम
Stock Market News: US-ईरान तनाव के बीच 900 अंक उछलकर बंद सेंसेक्स, 24750 के स्तर पर पहुंचा निफ्टी, इन शेयरों में तेजी
US-ईरान तनाव के बीच 900 अंक उछलकर बंद सेंसेक्स, 24750 के स्तर पर पहुंचा निफ्टी, इन शेयरों में तेजी
कुकिंग ऑयल से लेकर केसर-पिस्ता तक... ईरान में छिड़े जंग से भारत में महंगी हुई चीजें, आम आदमी की बढ़ी मुश्किलें
कुकिंग ऑयल से लेकर केसर-पिस्ता तक... ईरान में छिड़े जंग से भारत में महंगी हुई चीजें, आम आदमी की बढ़ी मुश्किलें

वीडियोज

UP News: Hathras में भयंकर सड़क हादसा Etah-Aligarh Highway पर स्कॉर्पियो ने बाइक में मारी टक्कर
Chitra Tripathi: बेटे Nishant की लॉन्चिंग के लिए Nitish Kumar ने BJP को सौंपी सत्ता? | JDU | Bihar
Bharat Ki Baat: बिहार में BJP से CM की रेस में कौन आगे, क्या होगा फॉर्मूला? | Nitish Kumar | JDU
Sandeep Chaudhary: बिहार का CM कौन...BJP क्यों है मौन? | Nitish Kumar | Bihar | BJP | JDU
Bihar Politics: दिल्ली में Nitish Kumar..बिहार में BJP? निषाद या महिला कौन होगी मुख्यमंत्री? | JDU

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'नॉट अवर बिजनेस,' ईरान के युद्धपोत को डुबाने पर कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल तो BJP ने दिया जवाब
'नॉट अवर बिजनेस,' ईरान के युद्धपोत को डुबाने पर कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल तो BJP ने दिया जवाब
नीतीश कुमार के फैसले से उनके गांव के ही लोग नहीं खुश! कहा- RJD को देंगे समर्थन
नीतीश कुमार के फैसले से उनके गांव के ही लोग नहीं खुश! कहा- RJD को देंगे समर्थन
चीन ही नहीं, भारत को भी मिलेगी राहत... ईरान के ऐलान ने अमेरिका-यूरोप की बढ़ाई टेंशन, अब क्या करेंगे ट्रंप?
चीन ही नहीं, भारत को भी मिलेगी राहत! ईरान के ऐलान ने US-यूरोप की बढ़ाई टेंशन, क्या करेंगे ट्रंप?
ये दो ओवर रहे भारत की जीत के टर्निंग प्वाइंट, वरना इंग्लैंड ने कर दिया था 'खेला'; चेज हो जाते 254 रन
ये दो ओवर रहे भारत की जीत के टर्निंग प्वाइंट, वरना इंग्लैंड चेज कर देता 254 रन
'ये उसका रोज का है' अनुराग डोभाल के वायरल वीडियो पर भाई ने किया रिएक्ट, बोले- 'वो बीवी को मारता था'
'ये उसका रोज का है' अनुराग डोभाल के वायरल वीडियो पर भाई ने किया रिएक्ट, बोले- 'वो बीवी को मारता था'
खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद भारत ने जताया दुख, ईरानी दूतावास पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी, लिखा शोक संदेश
खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद भारत ने जताया दुख, ईरानी दूतावास पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी, लिखा शोक संदेश
Citroen Basalt Vs Kia Syros: इंजन और फीचर्स के मामले में कौन सी SUV है बेहतर? यहां जानें अंतर
Citroen Basalt Vs Kia Syros: इंजन और फीचर्स के मामले में कौन सी SUV है बेहतर? यहां जानें अंतर
Strait of Hormuz: क्या है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जानें कैसे मिला था इसे इसका यह नाम?
क्या है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जानें कैसे मिला था इसे इसका यह नाम?
Embed widget