यूएस से ट्रेड टेंशन के बीच सोना सस्ता हुआ या महंगा, जानें आज 11 अगस्त 2025 को अपने शहर का ताजा भाव
Gold Price: इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 8 अगस्त को 24 कैरेट सोना 1,00,942 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,14,732 रुपये प्रति किलो थी.

Gold Price Today: टैरिफ के कारण वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं और इसी के साथ हाल के समय में सोना और चांदी के दामों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. सुबह के कारोबार में दाम बढ़ते हैं, जबकि दिन के अंत तक इनमें हल्की गिरावट आ जाती है. हालांकि 24 कैरेट सोना अभी भी 1 लाख रुपये से ऊपर है और यह रुझान पिछले कुछ हफ्तों से जारी है. चांदी भी 1 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच चुकी है, जिससे खरीदारों- खासकर महिलाओं में चिंता बढ़ गई है.
सोने के दाम में उतार चढ़ाव
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 8 अगस्त को 24 कैरेट सोना 1,00,942 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,14,732 रुपये प्रति किलो थी. शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहने के कारण दाम स्थिर रहे. सोमवार, 11 अगस्त को दोपहर 12 बजे नया भाव जारी किया गया. IBJA वेबसाइट के अनुसार, 8 अगस्त को 995 प्योरिटी सोना 1,00,538 रुपये 916 कैरेट सोना 92,463 रुपये और 750 प्योरिटी सोना 75,707 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा था.
किस भाव से बिक रहा सोना
आज, 11 अगस्त 2025 को दिल्ली में सोने की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. 24 कैरेट सोना 1,03,460 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 94,850 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. पिछले दिन की तुलना में इन कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. यह स्थिरता बाजार में फिलहाल किसी बड़े उतार-चढ़ाव के अभाव को दर्शाती है. ऐसे में खरीदारों के लिए यह समय संतुलित निर्णय लेने का है, जिसमें आगामी वैश्विक आर्थिक संकेतकों जैसे करेंसी ट्रेंड, ब्याज दरों की घोषणाएं और व्यापार टैरिफ पर नजर रखना फायदेमंद रहेगा.
कैसे तय होता है रेट?
सोने और चांदी की कीमत मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तय होने वाली स्पॉट प्राइस, डॉलर-रुपया विनिमय दर, आयात शुल्क और कर, वैश्विक आर्थिक हालात, भारत की सांस्कृतिक मांग और मुद्रास्फीति जैसे कारकों पर निर्भर करती है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन धातुओं की कीमत लंदन बुलियन मार्केट और COMEX जैसे एक्सचेंजों में ट्रॉय औंस (लगभग 31.1 ग्राम) के हिसाब से अमेरिकी डॉलर में तय होती है. चूंकि भारत में सोना और चांदी का अधिकांश हिस्सा आयात किया जाता है, इसलिए डॉलर-रुपया विनिमय दर में बदलाव का सीधा असर इनकी कीमतों पर पड़ता है; रुपया कमजोर होने पर कीमतें बढ़ जाती हैं. इसके अलावा, आयात पर लगने वाले सीमा शुल्क, कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास उपकर (AIDC) और GST भी कीमत में जुड़ जाते हैं.
वैश्विक स्तर पर युद्ध, आर्थिक मंदी, ब्याज दरों में बदलाव या बैंकिंग संकट जैसी स्थितियां सोने को “सेफ हेवन” निवेश बनाती हैं, जिससे इसकी मांग और दाम बढ़ जाते हैं. भारत में सोना केवल निवेश ही नहीं, बल्कि शादी-ब्याह, त्योहार और धार्मिक अवसरों पर शुभ माने जाने के कारण इसकी मांग साल भर बनी रहती है. साथ ही, महंगाई बढ़ने पर लोग ऐसी संपत्ति में निवेश करना पसंद करते हैं जो मूल्य को लंबे समय तक सुरक्षित रख सके, और सोना इस भूमिका को बखूबी निभाता है.
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Source: IOCL





















