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बजट 2019: वो पांच बातें जो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडस्ट्री को कर सकती हैं प्रभावित

अब जब सरकार अपना छठा और अपने 2014 के कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करने जा रही है तो 1 फरवरी को आने वाले बजट पर सभी सेक्टर्स के साथ साथ कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडस्ट्री की भी नजरें रहेंगी.

नई दिल्लीः भारतीय कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडस्ट्री लगातार ग्रोथ के पथ पर अग्रसर है और मोदी सरकार के विकास के एजेंडा में इस सेक्टर का बड़ा योगदान है. अपने 2014 से अब तक के कार्यकाल के दौरान बीजेपी सरकार ने कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडस्ट्री के लिए कई ऐसी योजनाओं पर काम किया है जिनके जरिए इस सेक्टर को काफी बूस्ट मिला है. जैसे एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए एफडीआई को बढ़ावा देने के साथ साथ जीएसटी दरों में संशोधन करने जैसे कई फैसले सरकार ने लिए हैं जिनके जरिए इस सेक्टर की विकास दर को सहारा मिला है.

अब जब सरकार अपना छठा और अपने 2014 के कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करने जा रही है तो 1 फरवरी को आने वाले बजट पर सभी सेक्टर्स के साथ साथ कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडस्ट्री की भी नजरें रहेंगी. इस लिए इस बार इन पांच बातों पर खास ध्यान रहेगा जो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडस्ट्री के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. 1. इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव सबसे बड़ी उम्मीद तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर को यही है कि सरकार इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव कर दे जिससे 5 लाख रुपये तक की आय इनकम टैक्स फ्री हो जाए, इससे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडस्ट्री के लिए सबसे अच्छी बात तो ये ही होगी कि लोगों के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा होगा जिससे वो इलेक्ट्रोनिक उत्पादों, स्मार्टफोन्स, घर के उपयोग के अन्य सामानों के लिए ज्यादा पैसा निकालने के बारे में सोचना चाहेंगे. इसके अलावा कई इंडस्ट्री बॉडीज ने 80सी के तहत ज्यादा टैक्स छूट सीमा को लाने की बात कही है. कम इनकम टैक्स मतलब लोगों के पास खर्च करने लायक ज्यादा पैसा रहेगा जिसके जरिए लोग कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की ज्यादा खरीदारी कर पाएंगे. 2. जीएसटी दरों को और तर्कसंगत बनाना अगर कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के लिए सरकार जीएसटी दरों में और बदलाव करती है और इसमें मौजूदा 18 फीसदी के स्लैब को 12 फीसदी में बदलती है तो इन बदले टैक्स रेट से एलसीडी टीवी, रेफ्रिजरेटर्स. वॉशिंग मशीन जैसे कई आइटम सस्ते हो पाएंगे. एयर कंडीशनर्स पर जीएसटी 28 फीसदी से घटा दिया जाए तो इससे ग्रामीण इलाकों में भी एसी की मांग बढ़ सकेगी जो अभी भी मांग के लिहाज से अछूता है. 3. ग्रामीण अर्थव्यवस्था मोदी सरकार के पिछले 5 बजट खासतौर पर ग्रामीण जनसंख्या को ध्यान में रखकर बनाए गए. चाहे वो गावों का विद्युतीकरण हो या सड़कों का निर्माण, स्वच्छ भारत अभियान हो या सरकार की स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं. बीजेपी की सरकार ने ग्रामीण भारत को कई इलाकों में मजबूत करने की कोशिश की है. ग्रामीण इलाकों में सरकार के ध्यान देने से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की मांग में तेजी देखी जाएगी. लिहाजा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए बजट 2019 में कई क्षेत्रों पर काम किए जाने की उम्मीद की जा रही है. 4. एमएसएमई और ऑनलाइन मार्केटप्लेस सरकार देश को एक डिजिटल इकोनॉमी बनाने के लिए जोर दे रही है. ऑनलाइन मार्केटप्लेस की बढ़ती तादाद से भी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और स्मार्टफोन्स की बिक्री में तेजी आई है. लिहाजा सरकार को ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस को रेगुलेट करने की जरूरत है. वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार ने पिछले बजट में 250 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले लघु व मध्यम कंपनियों को कॉर्पोरेट टैक्स में राहत दे दी है. इनके लिए 30 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी कॉर्पोरेट टैक्स किया गया है. इसके अलावा बजट 2019 में एमएसएमई प्रॉपर्टी बेचने पर लगने वाले एलटीसीजी टैक्स को हटाए जाने की उम्मीद भी ये सेक्टर कर रहा है जिसके जरिए उत्पादन लागत में कमी हो सके. साथ ही साथ बड़े कंज्यूमर ड्यूरेबल्स मैन्यूफैक्चर्रस कॉर्पोरेट टैक्स में कुछ राहत की उम्मीद कर रहे हैं. 5. रोजगार रोजगार सृजन करना जीडीपी ग्रोथ के लिए सबसे अहम कारकों में से एक है और ये अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सबसे जरूरी भी है. अगर मोदी सरकार अपने तय वादों के मुताबिक नौकरी के मौके पैदा करने में सक्षम हो पाती है तो ये बड़े पैमाने पर कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर को बढ़ावा देगा. राशिफल, 21 जनवरी सोमवार: वृषभ राशि वालों को मिलेगा समय का भरपूर साथ, जानें अपनी किस्मत PM की ‘बचाओ, बचाओ’ टिप्पणी पर बोले राहुल-100 दिन में मोदी सरकार से मिल जाएगी आजादी (नोट- ABP न्यूज फ्री टू एयर चैनल है... ABP न्यूज को अपने बेसिक पैक का हिस्सा बनाने के लिए केबल/डीटीएच ऑपरेटर से संपर्क करें. जब चैनल चुनें...सबसे आगे रखें ABP न्यूज, क्योंकि ABP न्यूज देश को रखे आगे.)
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