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सोनारपुर के बेटे प्रसन्नजीत चक्रवर्ती की ‘चिंदी पकड़’ का ट्रेलर-म्यूजिक लॉन्च, कचरा बीनने वालों की जिंदगी की अनदेखी सच्चाई दिखाएगी फिल्म

कान्स के बाद अंतरराष्ट्रीय फिल्म सर्किट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाली ‘चिंदी पकड़’ अब भारतीय दर्शकों तक पहुंचने की तैयारी में है.

सोनारपुर में जन्मे फिल्ममेकर प्रसन्नजीत चक्रवर्ती अब अपनी स्वतंत्र हिंदी फिल्म ‘चिंदी पकड़’ के जरिए ऐसी, दुनिया की कहानी बड़े पर्दे पर लेकर आ रहे हैं, जिसे शहरों में हर दिन देखने के बावजूद समाज अक्सर नजरअंदाज कर देता है. फिल्म के ट्रेलर और संगीत का भव्य लॉन्च PVR में किया गया, जहां दिग्गज अभिनेता राकेश बेदी और मकरंद देशपांडे बतौर चीफ गेस्ट शामिल हुए.

बड़े बजट की ग्लैमरस फिल्मों से अलग ‘चिंदी पकड़’ की कहानी उन लोगों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी जिंदगी कचरे के ढेर में गुजरती है. फिल्म शहरों के विशाल डंपिंग ग्राउंड्स के बीच रहने वाले रैगपिकर्स यानी कचरा बीनकर जीवन चलाने वाले लोगों की गरीबी, नशे, शोषण, पारिवारिक संघर्ष और सम्मान के साथ जीने की जद्दोजहद को सामने लाती है.

फिल्म का ट्रेलर एक ऐसी कठोर और वास्तविक दुनिया की झलक देता है, जहां कचरे के ढेर के बीच सिर्फ फेंकी हुई चीजें नहीं मिलतीं, बल्कि टूटे हुए सपने, बिखरे रिश्ते और बेहतर जिंदगी की उम्मीद भी दिखाई देती है. फिल्म की खासियत यह है कि यह इन किरदारों की परेशानियों को तमाशा बनाने के बजाय उनके मानवीय पक्ष को सामने लाने की कोशिश करती है. 

सोनारपुर से निकलकर फिल्म निर्माण की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले प्रसन्नजीत चक्रवर्ती के लिए ‘चिंदी पकड़’ महज एक फिल्म नहीं, बल्कि समाज के हाशिये पर मौजूद लोगों की आवाज को मुख्यधारा तक पहुंचाने की कोशिश है. फिल्म के लेखक-निर्देशक प्रसन्नजीत चक्रवर्ती कहते हैं, “चिंदी पकड़ सिर्फ रैगपिकर्स की कहानी नहीं है, बल्कि उन लोगों की कहानी है जिन्हें हम हर दिन देखते हैं, लेकिन देखने से बचते हैं. मैं उनकी कहानी ईमानदारी और सम्मान के साथ कहना चाहता था. इन किरदारों के भी सपने हैं, रिश्ते हैं, दर्द है और उम्मीद है.”

फिल्म में चित्राली दास, राजकुमार द्विवेदी, मनोज करोतिया, मुस्सू और देबरंजन नाग प्रमुख भूमिकाओं में हैं. वास्तविक लोकेशंस, सहज अभिनय और डॉक्यूमेंट्री जैसी विजुअल शैली फिल्म को एक अलग सिनेमाई अनुभव देने का प्रयास करती है. 

कान्स से लेकर बैंकॉक तक पहुंची फिल्म

‘चिंदी पकड़’ की यात्रा सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही है. फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 78वें कान्स फिल्म फेस्टिवल के Marche du Film में हुआ था. कान्स में फिल्म का आधिकारिक पोस्टर दिग्गज अभिनेता बोमन ईरानी और मकरंद देशपांडे ने लॉन्च किया था. इसके बाद फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्र फिल्म सर्किट में अपनी यात्रा जारी रखी और Bangkok Movie Awards सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में पहचान और चयन हासिल किया.

राकेश बेदी और मकरंद देशपांडे ने बढ़ाया हौसला

मुंबई में हुए ट्रेलर लॉन्च के दौरान राकेश बेदी और मकरंद देशपांडे की मौजूदगी ने स्वतंत्र फिल्म को खास पहचान दी. दोनों कलाकारों ने फिल्म के विषय और टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसी कहानियों की जरूरत पर जोर दिया, जो समाज के उन वर्गों की बात करती हैं, जिनकी आवाज अक्सर मुख्यधारा में दब जाती है. 

चिंदी पकड़’ में संगीत भी एक महत्वपूर्ण तत्व है और फिल्म के संगीत से जुड़े सफर में Red Ribbon Music की अहम भूमिका है. प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए Red Ribbon के मैनेजिंग डायरेक्टर ललित्या मुंशा ने कहा, “‘चिंदी पकड़’ की दुनिया बेहद कच्ची, भावनात्मक और गहराई से मानवीय है. ऐसे में संगीत का उद्देश्य फिल्म की वास्तविकता को और मजबूती देना था, न कि उस पर हावी होना. सभी गायक-जावेद अली, मोहम्मद इरफान और श्रुति पाठक, संगीत निर्देशक सुमन मित्रा और गीतकार प्रियम जी ने शानदार काम किया है. हमें गर्व है कि हम ऐसी फिल्म से जुड़े हैं, जो सिनेमा के माध्यम से उन लोगों की आवाज बनने की कोशिश करती है, जिनकी कहानियां आमतौर पर अनसुनी रह जाती हैं.”

अब देशभर के दर्शकों तक पहुंचने की तैयारी

कान्स के बाद अंतरराष्ट्रीय फिल्म सर्किट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाली ‘चिंदी पकड़’ अब भारतीय दर्शकों तक पहुंचने की तैयारी में है. फिल्म का थिएट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन Theatre King by Lav Singh द्वारा किया जा रहा है.

सोनारपुर में जन्मे प्रसन्नजीत चक्रवर्ती की यह फिल्म अब मुंबई से निकलकर देशभर में उस सवाल को सामने रखने की कोशिश कर रही है-हम अपने शहरों को साफ रखने वाले उन लोगों को कितना देखते हैं, जो खुद कचरे के बीच जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं? ‘चिंदी पकड़’ का ट्रेलर इसी सवाल को दर्शकों के सामने रखता है और एक ऐसी दुनिया में झांकने का मौका देता है, जो हमारे आसपास होते हुए भी अक्सर हमारी नजरों से ओझल रहती है.

डिस्क्लेमर : यह स्पॉन्सर्ड आर्टिकल है. एबीपी नेटवर्क प्रा. लि. और/या एबीपी लाइव इस लेख के कंटेंट या इसमें व्यक्त विचारों का किसी भी रूप में समर्थन या अनुमोदन नहीं करता है. पाठकों से अनुरोध है कि वे अपनी समझ से निर्णय लें.

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