एक्सप्लोरर

पीएम मोदी और तेजस्वी के चलते राजनीतिक बाणों के बीच बिहार के सियासी भविष्य पर सवाल

देश में लोकसभा चुनाव मात्र एक चरण का बचा हुआ है. सभी पार्टियों ने चुनाव प्रचार में जान फूंक दी है. चुनाव अंत में पहुंचते-पहुंचते तल्खियां काफी बढ़ चुकी है. बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जिन्होंने नौकरी के बदले जमीन ली है, उनके जेल जाने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. इस बयानबाजी को तेजस्वी यादव ने काफी गंभीरता से लेते हुए प्रतिक्रिया दी है. तेजस्वी ने कहा कि बिहारी किसी भी गुजराती से नहीं डरता है. प्रधानमंत्री के बयान को तेजस्वी ने दिल पर ले लिया. इसका असर ये है कि बयानबाजी शुरू हो चुकी है. तेजस्वी यादव ने कहा है कि पांच बार वो पीएम को चिट्ठी जातीय जनगणना को लेकर लिख चुके हैं लेकिन किसी बार भी अब तक जवाब आरक्षण को लेकर नहीं दिया गया.

बात ये ही है कि जातीय जनगणना और आरक्षण दोनों एक तरह के मुद्दे कैसे हो जाते हैं. बात तो तेजस्वी यादव के लिखे पत्र पर भी उठ रहे हैं क्योंकि जो तेजस्वी को जानते हैं उनके लिखावट को देखा है तो कैसे वो पांच बार पत्र लिख दिए. जहां तक तीखी बयानबाजी की बात है तो कई बार सच बातें सीधे तौर पर दिल पर लग जाते हैं. यही एक बात पीएम मोदी की सीधे तौर पर तेजस्वी यादव के दिल पर लगी है. उनकी इस बात को लेकर तेजस्वी काफी भड़के हुए थे. लेकिन इसके बाद क्या होता है वो देखना होगा. अब वोट बैंक की बात की है तो राजद 'माय' समीकरण पर काम करती है.

इसका मतलब मुस्लिम-यादव हो जाता है. पीएम मोदी की ओर से कहा जाता है कि मुजरा किया जा रहा है, तो तेजस्वी यादव अगर उसे दिल पर ले लेते हैं तो इसमें कोई अनोखा बात नहीं है. एक खास समुदाय को विशेष रूप से तरजीह देने की कांग्रेस और अन्य समाजवादी परिवारों की परंपरा रही है. उस परंपरा पर इस बयान से जोरदार हमला किया गया है, उसी का असर अब राजनैतिक रूप से बिलबिलाने के तौर पर देखा जा सकता है. 

पीएम कर रहे हैं आम आदमी के बोलचाल भाषा का उपयोग

कई राजनीतिक विश्लेषक और विपक्ष दोनों का कहना है कि पीएम मोदी ने चुनाव के स्तर को काफी नीचे गिरा दिया है. मंगलसूत्र से शुरू होकर मुजरा तक बयानबाजी पहुंच चुकी है. ये भाषा कोई खास नीचे स्तर का नहीं है. बिहार में स्थानीय भाषा का उपयोग किया जाता है. जिस तरह से लोकल में लोग बात करते हैं, उस तरह से तो ये भाषा पूरी तरह से परिष्कृत भाषा है. आम आदमी की भाषा में अगर कोई तेजस्वी यादव को जवाब दिया तो वो फिर गाली समझने लगेंगे. ये कहना कि भाषा का स्तर गिरा कर रख दिया है ये भाषा का स्तर नीचे की ओर गिरा हुआ नहीं है.

लोकतंत्र में अभी तक अभिजात्य तंत्र बना हुआ था जिसमें एक खास भाषा का उपयोग किया जाता था. ये अभिजात्य का मतलब है कि इसमें दिखावटीपन ज्यादा होता है और जमीनी हकीकत कुछ और होती है. उस भाषा को पहले तरजीह दिया जाता था. पहले उस भाषा में भाषण दिये जाते थे. अब पीएम उस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं जो आम आदमी आम बोलचाल में उपयोग करता है या उसे अच्छे से समझ पाता है. 

तेजस्वी में राजनैतिक परिपक्वता नहीं

बिहार में एक ऐसा भ्रम फैलाया जा रहा है कि एनडीए को इस चुनाव में खासकर बिहार में नुकसान हो रहा है. मोदी के विजय रथ को रोक देंगे. कई बार आपको ये देखने को मिलता है कि स्थानीय सांसद से लोगों की नाराजगी रहती है. सभी सांसद से खुश नहीं रहते हैं. उन्हें भी पता होता है कि विधानसभा चुनाव से लोकसभा चुनाव किस प्रकार से अलग होते हैं. राजनैतिक रूप से बिहार के लोग परिपक्व होते हैं.

लोकसभा और सांसद चुनाव के क्रम में सांसद से अपनी नाराजगी जाहिर करने के बाद अंत में बीजेपी को ही वोट देते हैं. ये चुनाव पूरी तरफ से मोदी के नाम पर हो चुका है. राजनैतिक दृष्टि से ज्यादा परिपक्वता होने के बाद तेजस्वी थोड़े सामर्थ्य हो सकते हैं. अन्यथा तेजस्वी के बस के बात ये नहीं है. अगर इस बार के चुनाव में अगर तेजस्वी एक भी सीट ले आएं तो ये बड़ी बात होगी, क्योंकि पिछली बार राजद को एक भी सीट चुनाव में नहीं मिली थी.

विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे तेजस्वी 

तेजस्वी यादव बीमार है और उनका कहना है कि वो तब तक बेड रेस्ट नहीं लेंगे जब तक मोदी को बेड रेस्ट के लिए नहीं भेज देते. इन सब बयानों से खुद को तेजस्वी यादव जिस तरह से लोगों के सामने खुद को प्रस्तुत कर रहे हैं. देखा जाए तो बिहार में लोकसभा चुनाव के बाद ही विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो जाएगी. इस चुनाव के समाप्त होने के बाद से ही सभी नेता बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार में दिख सकते हैं. राज परिवारों में देखा जाता है कि चुनाव के बाद छूट्टी मनाने के लिए कहीं चले जाते हैं तो तेजस्वी यादव भी इस राह पर है.

इलाज कराने के बहाने पत्नी और बच्चे के साथ तेजस्वी चुनाव के बाद बाहर जरूर जाएंगे. जमीनी स्तर पर चौक चौराहों पर हो रहे मजाक में सुनने को मिलता है कि चुनाव में विपक्ष की कमर टूट गई लेकिन इस चुनाव में तो राजद की कमर टूट गई. तेजस्वी यादव कह रहे है कि वो आराम नहीं करेंगे तो ये भी देखना होगा कि वो 75 साल के बुजुर्ग से मुकाबला कर रहे हैं और तेजस्वी यादव खुद 30 साल के हैं. शिक्षा और बेरोजगारी और संविधान के बारे में बात करते हैं तो ये बात भी आती है कि संविधान के बारे में उनको ज्यादा ज्ञान नहीं होगा.

मंडल कमिशन के बारे में बात करते हैं जो 1980 में आई थी जिसको 1930 के डाटा पर बनाई गई थी जिसे सही तो नहीं कहा जा सकता है. 25 मुसलमान के जातियों को तेजस्वी यादव गिनाते हैं की गुजरात में उनको आरक्षण मिलता रहा है. बिहार में भी उनको भी आरक्षण मिलना चाहिए. अगर आरक्षण दिया जाता है तो ओबीसी के आरक्षण से ही दिया जाएगा. इसलिए ओबीसी समुदाय नाराज है.

बंटवारा के बात की जो कांग्रेस के घोषणा पत्र की हो रही है तो उसमें संपत्ति के बंटवारे की बात प्रैक्टिकल तरीके से इसी तरह से साबित होती है. ओबीसी कोटा और यादव कोटा दोनों नाराज हो रहा है. इसकी तल्खी ही इस समय के चुनावी बयानों में दिख रहा है. आजकल चुनावी बयानों में विपक्ष की ओर से ये साफ तौर पर देखा जा सकता है. विपक्ष को अब हार थोड़ा स्पष्ट रूप से दिखने लगा है.

[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. यह ज़रूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ़ लेखक ही ज़िम्मेदार हैं

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

केरल में सरकार बनते ही कांग्रेस ने किया 'शुभेंदु अधिकारी वाला काम', भड़क उठा विपक्ष, क्या फैसला बदलेंगे वीडी सतीशन?
केरल में कांग्रेस ने किया 'शुभेंदु वाला काम', भड़क उठा विपक्ष, क्या फैसला बदलेंगे वीडी सतीशन?
कोडीन कफ सिरप घोटाला: 40000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, 900 करोड़ के काले कारोबार का खुलासा
कोडीन कफ सिरप घोटाला: 40000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, 900 करोड़ के काले कारोबार का खुलासा
जगदंबिका पाल, निशिकांत दुबे और एकनाथ शिंदे समेत 12 सांसदों को मिलेगा संसद रत्न पुरस्कार, देखें पूरी लिस्ट
जगदंबिका पाल, निशिकांत दुबे, एकनाथ शिंदे समेत 12 MPs को मिलेगा संसद रत्न पुरस्कार, देखें लिस्ट
ऋषभ पंत से छिनेगी लखनऊ की कप्तानी? LSG के क्रिकेट डायरेक्टर के बयान से मची हलचल
ऋषभ पंत से छिनेगी लखनऊ की कप्तानी? LSG के क्रिकेट डायरेक्टर के बयान से मची हलचल

वीडियोज

India-America Relations: 'सुरक्षा, व्यापार और निवेश को लेकर बात हुई'- S. Jaishankar | Marco Rubio
Honda City का नया Facelift आ गया! Hybrid और नए Look के साथ | #honda #hondacity #newupdate #autolive
Honda ZR-V Hybrid debuts in India, Booking open now | Auto Live #hondacity #hondazrv #hybridcars
Best Cars Under ₹30 Lakh in India 2026 | कौन सी कार आपके लिए सही है? #autolive
Desi Jeep SUV with Tata Sierra platform coming soon! #jeep #tatasierra #autolive

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
केरल में सरकार बनते ही कांग्रेस ने किया 'शुभेंदु अधिकारी वाला काम', भड़क उठा विपक्ष, क्या फैसला बदलेंगे वीडी सतीशन?
केरल में कांग्रेस ने किया 'शुभेंदु वाला काम', भड़क उठा विपक्ष, क्या फैसला बदलेंगे वीडी सतीशन?
कोडीन कफ सिरप घोटाला: 40000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, 900 करोड़ के काले कारोबार का खुलासा
कोडीन कफ सिरप घोटाला: 40000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, 900 करोड़ के काले कारोबार का खुलासा
जगदंबिका पाल, निशिकांत दुबे और एकनाथ शिंदे समेत 12 सांसदों को मिलेगा संसद रत्न पुरस्कार, देखें पूरी लिस्ट
जगदंबिका पाल, निशिकांत दुबे, एकनाथ शिंदे समेत 12 MPs को मिलेगा संसद रत्न पुरस्कार, देखें लिस्ट
ऋषभ पंत से छिनेगी लखनऊ की कप्तानी? LSG के क्रिकेट डायरेक्टर के बयान से मची हलचल
ऋषभ पंत से छिनेगी लखनऊ की कप्तानी? LSG के क्रिकेट डायरेक्टर के बयान से मची हलचल
थिएटर रिलीज के बाद ओटीटी पर कहां देख पाएंगे 'है जवानी तो इश्क होना है'? वरुण धवन मचाने आ रहे धमाल
थिएटर रिलीज के बाद ओटीटी पर कहां देख पाएंगे 'है जवानी तो इश्क होना है'? वरुण धवन मचाने आ रहे धमाल
फाल्टा उपचुनाव: जिस सीट पर TMC कैंडिडेट जहांगीर खान ने छोड़ा मैदान, वहां वोटों की गिनती शुरू, जानें कौन आगे?
फाल्टा उपचुनाव: जिस सीट पर TMC कैंडिडेट जहांगीर खान ने छोड़ा मैदान, वहां वोटों की गिनती शुरू, जानें कौन आगे?
PM मोदी पर विवादित टिप्पणी के बाद बुरे फंसे अजय राय, अब वाराणसी में भी केस दर्ज 
PM मोदी पर विवादित टिप्पणी के बाद बुरे फंसे अजय राय, अब वाराणसी में भी केस दर्ज 
CBSE 12th Re-evaluation 2026: छात्रों को वापस मिलेगा अतिरिक्त पैसा, स्कैन कॉपी आवेदन में गड़बड़ी को लेकर CBSE का बड़ा अपडेट
छात्रों को वापस मिलेगा अतिरिक्त पैसा, स्कैन कॉपी आवेदन में गड़बड़ी को लेकर CBSE का बड़ा अपडेट
Embed widget