एक्सप्लोरर

साइरस मिस्त्री के दुनिया छोड़ जाने से कितना नुकसान झेलेगा उद्योग-जगत?

बगैर किसी हथियार के दुनिया के कई देशों के दुश्मन बन चुके ओशो रजनीश ने कहा था कि, "लोग मृत्यु से नहीं डरते, वे अपनी अलग पहचान खोने से डरते हैं, वे अपना अहंकार खोने से डरते हैं एक बार जब तुम अस्तित्व से अलग महसूस करने लगते हो, तब मृत्यु का भय खड़ा हो जाता है क्योंकि तब मृत्यु खतरनाक लगने लगती है. तब तुम अलग नहीं रह जाते, तुम्हारे अहंकार, तुम्हारे व्यक्तित्व का क्या होगा? और तुमने इस पहचान को इतनी देखभाल, इतनी मेहनत से बनाया है तुमने अपना पूरा जीवन इसकी साज-सवांर में लगाया है और मृत्यु आकर इसे नष्ट कर देगी."

आपको कुदरत का ये अजूबा जानकार थोड़ी हैरानी होगी कि टाटा संस के चेयरमैन रहे जिस साइरस मिस्त्री को लेकर देश की सरकार से लेकर उद्योग-जगत भी आज इतना गमगीन है उन्हीं के पिता पालोनजी शापूरजी मिस्त्री की ठीक सवा दो महीने पहले यानी 28 जून को मुंबई में ही  मृत्यु हुई थी. हालांकि वो तब 93 बरस के हो चुके थे लेकिन कौन जानता था कि इतनी जल्द वे बेटे को भी अपने पास बुला लेंगे और वह भी इतने दर्दनाक तरीके से.

जाहिर है कि साइरस मिस्त्री का इतनी कम उम्र में दुनिया से ऐसे विदा हो जाना सिर्फ टाटा समूह के लिए ही नहीं बल्कि देश के समूचे कारोबारी जगत के लिए एक ऐसा बड़ा नुकसान है जिसकी भरपाई अब पारसी परिवार से शायद ही कोई कर पाये. साइरस मिस्त्री ऐसे इंसान थे जिन्होंने टाटा समूह के सुप्रीमो रहे रतन टाटा से अपना हक लेने के लिए हर तरह की लड़ाई लड़ी और वे उसमें कामयाब भी हुए. लेकिन शायद वे भी नहीं जानते थे कि बेतहाशा दौलत हासिल करने की इस अंधी दौड़ में अपनी उम्र के 54 बरस और ठीक दो महीने पूरे करते ही कुदरत उन्हें पीछे छोड़ डालेगी.

दरअसल, साइरस मिस्त्री को आधुनकि भारत की अर्थव्यवस्था को ताकतवर बनाने का ऐसा दिमाग समझा जाता था जो वक़्त से आगे की सोचा करते थे और समय-समय पर सरकार को ये भी सुझाया करते थे कि हम दुनिया की तीन महाशक्तियों से आर्थिक मोर्चे पर किस तरह से मुकाबला करते हुए उन्हें पछाड़ने की ताकत रखते हैं. बताते हैं कि पीएम मोदी उनके दिए सुझावों से बेहद प्रभावित थे और उन्होंने अपनी अध्यक्षता वाली एक कौंसिल में उन्हें सदस्य नियुक्त करने के लिए भी मनाया था. लेकिन अहम बात ये भी है कि अपने निजी स्वार्थों को ताक पर रखकर देश की आर्थिक तरक्की के लिए बहुत बड़ा विज़न रखने वाले एक शख्स का अचानक यों चले जाना सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं बल्कि समूचे उद्योग व वाणिज्य जगत के लिए एक बड़ा झटका है. इन आठ सालों में हमने कभी नहीं देखा कि किसी उद्योगपति के ऐसे असामयिक निधन की खबर सुनकर पीएम मोदी इतने भावुक हुए हों.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइरस मिस्त्री की मौत को स्तब्ध करने वाला बताया है. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'साइरस मिस्त्री का असामयिक निधन स्तब्ध करने वाला है. वह एक होनहार व्यवसायी थे, जो भारत की आर्थिक शक्ति में विश्वास करते थे. उनका निधन वाणिज्य और उद्योग जगत के लिए एक बड़ी क्षति है. उनके परिवार और मित्रों के लिए संवेदनाएं. उनकी आत्मा को शांति मिले.'

बता दें कि साइरस मिस्त्री और रतन टाटा के बीच काफी विवाद था, उसके बावजूद वे टाटा ग्रुप के छठे चेयरमैन बने थे और इकलौते ऐसे थे जिनके सरनेम में टाटा नहीं जुड़ा हुआ था. उन्हें दिसंबर 2012 में रतन टाटा ने ही टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद की कमान सौंपी थी लेकिन विवादों के चलते साल 2016 में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था. बताया जाता है कि दोनों के बीच विवाद का सबसे बड़ा कारण था कंपनी को लेकर होने वाले फैसले. इन चीजों को लेकर मनमुटाव बढ़ने लगा था कि आखिर किन प्रोजेक्ट में निवेश करना है और क्या टाटा ग्रुप को अमेरिकी फास्ट फूड चेन से जोड़ा जाना चाहिए. बहरहाल, लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से आखिरकार जीत रतन टाटा की ही हुई.

दरअसल, साइरस मिस्त्री के पिता पालोनजी शापूरजी मिस्त्री भारतीय मूल के एक आयरिश अरबपति, कंस्ट्रक्शन टाइकून और शापूरजी पालोनजी समूह के अध्यक्ष थे और सबसे अमीर आयरिश व्यक्ति कहलाते थे. उन्हें भारत सरकार ने पद्मभूषण सम्मान से भी नवाज़ा था. दुनिया की चर्चित मैगज़ीन  फोर्ब्स के अनुसार, अक्टूबर 2019 तक उनकी संपत्ति 14.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई थी.

पलोनजी मिस्‍त्री भारतीय मूल के सबसे सफल और ताकतवर कारोबारियों में से एक रहे हैं. उनके नियंत्रण में एक ऐसा कंस्ट्रक्शन साम्राज्‍य रहा है जो भारत, पश्चिम एशिया और अफ्रीका तक फैला हुआ है. अपने बेटों के साथ मिलकर उनकी टाटा संस में भी 18.5 फीसदी हिस्सेदारी रही है. पलोनजी मिस्‍त्री ग्रुप का कारोबार कपड़े से लेकर रियल एस्टेट, हॉस्पिटेलिटी और बिजनेस ऑटोमेशन तक फैला हुआ है.

मशहूर दार्शनिक सुकरात ने सदियों पहले कहा था- "मृत्यु से भयभीत होना कायरों का काम है, वजह ये कि वास्तविक जीवन तो मृत्यु ही है." लेकिन हमारा उद्योग-जगत इस हक़ीक़त को समझेगा और क्या उसे पचा भी पायेगा?

नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. ये जरूरी नहीं कि एबीपी न्यूज ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

'घुसपैठियों को जमीन देकर देश को खतरे में डाला', प्रधानमंत्री मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला
'घुसपैठियों को जमीन देकर देश को खतरे में डाला', प्रधानमंत्री मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला
Bihar Next CM: निशांत कुमार होंगे बिहार के मुख्यमंत्री? अटकलों पर JDU का बड़ा बयान- 'अगला CM…'
निशांत कुमार होंगे बिहार के मुख्यमंत्री? अटकलों पर JDU का बड़ा बयान- 'अगला CM…'
'IPL खेलना छोड़ देंगे...', एमएस धोनी की रिटायरमेंट पर दिग्गज की भविष्यवाणी से सब हैरान
'IPL खेलना छोड़ देंगे...', एमएस धोनी की रिटायरमेंट पर दिग्गज की भविष्यवाणी से सब हैरान
Inside Mika Singh Farmhouse: 100 एकड़ में फैला है मीका सिंह का लग्जरी फार्महाउस, गुरुद्वारा-मंदिर से लेकर हेलीपैड तक सब मौजूद
Inside Mika Singh Farmhouse: 100 एकड़ में फैला है मीका सिंह का लग्जरी फार्महाउस, गुरुद्वारा-मंदिर से लेकर हेलीपैड तक सब मौजूद
ABP Premium

वीडियोज

LPG Gas Emergency: 800 वाला गैस सिलेंडर 3000 में, भड़क उठी महिलाएं | Gas Shortage
LPG Gas Emergency: 800 वाला गैस सिलेंडर 3000 में, भड़क उठी महिलाएं | Gas Shortage | Breaking
Iran-Israel War Update: महायुद्ध के बीच US का यू-टर्न! रूसी तेल खरीद पर दी छूट! | Trump
Iran-Israel War Update: झुक गया अमेरिका? सभी रूसी तेल खरीद सकेंगे सभी देश! | Trump | Netanyahu
Iran Israel US War: ईरान ने Dubai को फिर से दहलाया, आसमान में दिखा धुंए का गुबार!| Mojtaba Khamenei

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'घुसपैठियों को जमीन देकर देश को खतरे में डाला', प्रधानमंत्री मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला
'घुसपैठियों को जमीन देकर देश को खतरे में डाला', प्रधानमंत्री मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला
Bihar Next CM: निशांत कुमार होंगे बिहार के मुख्यमंत्री? अटकलों पर JDU का बड़ा बयान- 'अगला CM…'
निशांत कुमार होंगे बिहार के मुख्यमंत्री? अटकलों पर JDU का बड़ा बयान- 'अगला CM…'
'IPL खेलना छोड़ देंगे...', एमएस धोनी की रिटायरमेंट पर दिग्गज की भविष्यवाणी से सब हैरान
'IPL खेलना छोड़ देंगे...', एमएस धोनी की रिटायरमेंट पर दिग्गज की भविष्यवाणी से सब हैरान
Inside Mika Singh Farmhouse: 100 एकड़ में फैला है मीका सिंह का लग्जरी फार्महाउस, गुरुद्वारा-मंदिर से लेकर हेलीपैड तक सब मौजूद
Inside Mika Singh Farmhouse: 100 एकड़ में फैला है मीका सिंह का लग्जरी फार्महाउस, गुरुद्वारा-मंदिर से लेकर हेलीपैड तक सब मौजूद
पेड पीरियड लीव पर याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- ऐसे महिलाओं को कोई नौकरी....
पेड पीरियड लीव पर याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- ऐसे महिलाओं को कोई नौकरी....
LPG Cylinder: सिलेंडर की सांस अटकी! कई शहरों में LPG की बुकिंग ठप, एजेंसियों पर लंबी कतारें, जानें कैसी है मौजूदा स्थिति
सिलेंडर की सांस अटकी! कई शहरों में LPG की बुकिंग ठप, एजेंसियों पर लंबी कतारें, जानें कैसी है मौजूदा स्थिति
Fruit Vs Juice: जूस पीने के बजाय फल खाने को क्यों कहते हैं डॉक्टर्स, क्या है वजह?
जूस पीने के बजाय फल खाने को क्यों कहते हैं डॉक्टर्स, क्या है वजह?
Adobe के CEO शांतनु नारायण ने दिया इस्तीफा, जानिए कितनी है उनकी सैलरी और नेटवर्थ
Adobe के CEO शांतनु नारायण ने दिया इस्तीफा, जानिए कितनी है उनकी सैलरी और नेटवर्थ
Embed widget