एक्सप्लोरर

BLOG: अब बीजेपी की नजरें पूर्वोत्तर की ओर हैं!

एमसी मैरी कॉम की बीजेपी में आने की चर्चाएं शुरू हो गई. राज्यसभा के लिए नामिनेट होने के बाद से ही यह कहा जाने लगा था कि मैरी कॉम पूर्व-उत्तर में बीजेपी के लिए एक बडे सेलिब्रीटी चेहरे के रूप में काम कर सकती है. सूत्रों की माने तो मैरी कॉम की बीजेपी अध्यक्ष अमित शाहसे मुलाकात हुई है. उत्तर प्रदेश सहित पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में चुनाव की घोषणा के बाद मैरी कॉम को मणिपुर में स्टार प्रचारक के रूप में बीजेपी उतार सकती है.

लेकिन यहां बात चुनाव के स्टार प्रचारकों की नहीं बल्कि बीजेपी की हो रही है जो पूर्व उत्तर के राज्यों में धीरे-धीरे अपनी जडे मजबूत करने में लगी है. आमतौर पर पूर्वोत्तर के राज्यों के चुनाव पर भारत के बाकी हिस्से के लोगों की नजर नहीं रहती लेकिन जब से भारतीय जनता पार्टी ने पूर्वोत्तर में राजनीति तेज की है, तब से इन राज्यों की खबरेंभी राष्ट्रीय मीडिया में आने लगी है.

इस बार मणिपुर में विधानसभा का चुनाव होने जा है. पूर्वोत्तर में कांग्रेस के पास जिन तीन राज्यों में सत्ता बची है, उसमें एक राज्य मणिपुर भी है. बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस दोनों यहां कांग्रेस को कड़ी चुनौती दे रहे हैं. कभी कांग्रेस पार्टी की विरासत रहे सेविस सिस्टर के नाम से मशहूर पूर्व-उत्तर के राज्यों में बीजेपी ने अपनी रणनीति के तहत यहां कमल का फूल वहां खिला दिया है.जिसके लिए बीजेपी ने या तो वहां की लोकल पार्टी से गठबंधन किया या फिर कांग्रेस पार्टी के असंतुष्टों को अपनी ओर कर वहां बीजेपी के बीज बो दिए.

पिछले साल के एक बार नहीं बल्कि दो-दो बार अरूणाचल प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने के बाद अब बीजेपी की निगाहें अब पूर्व- उत्तर के एक और राज्य मणिपुर पर गढा दी. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने असम और अरूणाचल प्रदेश की तरह मणिपुर को भी कांग्रेस मुक्त करने के लिए वहां के नेता हिमंता बिस्वा सरमा को सौंपी गई है जो खुद कांग्रेस से बीजेपी में आए है. 2016 में असम में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनेवाल के साथ ही सरमा की भी असरदार भूमिका थी और उन्होनें अरूणाचल में भी कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने में प्रमुख भूमिका निभाई थी.

बात मणिपुर की करें तो 2012 विधानसभा चुनाव में यहां बीजेपी को एक भी सीट नहीं मिली थी लेकिन पिछले साल दो सीटों पर हुए उपचुनाव में जरूर बीजेपी को दो सीटें जीती थी और इम्फाल नगर निगम चुनाव में 27 में से 10 सीटे जीत कर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करवाई थी क्योकिं इससे पहले 2011 में वह स्थानीय चुनावों में सिर्फ 1 सीट ही जीत पाई थी.मणिपुर विधानसभा की 60 सदस्यी विधानसभा में कांग्रेस के पास 48 सीटें है लेकिन बीजेपी के लगातार बढते प्रभाव से कांग्रेसी नेता चिंतित नज़र आते है.

उनका मानना है कि शहरी क्षेत्रों में बीजेपी का प्रभाव बढा है वही केन्द्र में सत्ताधारी पार्टी होने के चलते वह इन राज्यों में धन बल दोनों का उपयोग जमकर कर रही है.अरूणाचल प्रदेश का मामला किसी से छुपा नही है. वही पिछले 15 सालों से कांग्रेस मणिपुर में अपनी सरकार बनाती आई है ऐसे में उसे सत्ताविरोधी लहर का सामना भी करना पड़ रहा है. मणिपुर की 60 में से 40 विधानसभा सीटों पर मेती

समुदाय निर्णायक भूमिका निभाता है. समर्थन के लिए भाजपा इसी समुदाय से आस लगाए हुए है. यह समुदाय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हिन्दुत्व के एजेंडे से प्रभावित है.और आरएसएस पिछले कई साल से मणिपुर में सक्रिय है. यह बात अलग है कि भाजपा अब जाकर कहीं पूर्वोत्तर में अपनी जड़ें जमाने की स्थिति में आ पाई है. इन तमाम तथ्यों के मद्देनजर भाजपा आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत मेती उम्मीदवारों की तलाश में है .बताया जाता है कि इस समुदाय से ताल्लुक रखने वाले कांग्रेस के कई दमदार नेता भाजपा के साथ आने को तैयार बैठे हैं.

दूसरी तरफ भाजपा की रणनीति में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार भी मदद कर रही है. केन्द्र सरकार ने नगालैंड के उग्रवादी संगठन- नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएन)-आइसाक मुइवा के साथ जिस शांति समझौते पर दस्तखत किए थे, उसे लागू करने की रफ्तार धीमी कर दी गई है. हालांकि इसे लागू करने के तौर-तरीकों परबातचीत जरूर जारी है. इस समझौते का एक अहम बिन्दु है वृहद् नगालैंड की स्थापना. इसके लिए असम,मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश के उन नगा बहुल इलाकों को नगालैंड में शामिल करना होगा. केन्द्र सरकार ने इसी मुद्दे को अब तक छेड़ना जरूरी नहीं समझा है. क्योंकि उसे पता है कि राज्यों की भौगोलिक सीमा में बदलाव की किसी भी कोशिश का तीखा विरोध होगा. इसका मणिपुर जैसे चुनावी राज्यों में भाजपा की संभावना पर उल्टा असर पड़ सकता है.

लेकिन इसके अलावा एक और कारण से इस बार मणिपुर का चुनाव चर्चा में है. बरसों तक सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून, आफ्स्पा हटाने के लिए आंदोलन करने वाली इरोम शर्मिला अपनी पार्टी बना कर चुनाव में उतर रही हैं. उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री ओकरम इबोबी सिंह को चुनौती देने का ऐलान किया है. सो, वहां चुनाव प्रचार में इरोम शर्मिला बनाम मैरी कॉम होगा. राज्य के चुनाव में प्रचार करने वाली महिलाओं में तीसरा नामपश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का होगा. केन्द्र में बीजेपी की सरकार है. बेरोजगारी, उग्रवाद और भ्रष्ट्राचार बडी समस्याओं के रूप में इन मुद्दों को लेकर बीजेपी चुनावी मैदान में उतरेगी और इन समस्याओं को हल करने के वादे के साथ वोट मांगेगी.

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

बंगाल ने शुरुआती घंटों में ही सुनाया बड़ा फैसला, तमिलनाडु से ज्यादा वोटिंग, जानें 9 बजे तक आंकड़ा कितना?
बंगाल ने शुरुआती घंटों में ही सुनाया बड़ा फैसला, तमिलनाडु से ज्यादा वोटिंग, जानें 9 बजे तक आंकड़ा कितना?
Delhi Weather: दिल्ली में लू का वार, आज भी नहीं मिलेगी राजधानी को गर्मी से राहत, येलो अलर्ट जारी
दिल्ली में लू का वार, आज भी नहीं मिलेगी राजधानी को गर्मी से राहत, येलो अलर्ट जारी
यूपी: मिर्जापुर में ट्रक-बोलेरो की टक्कर में 11 लोगों की मौत, PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
यूपी: मिर्जापुर में ट्रक-बोलेरो की टक्कर में 11 लोगों की मौत, PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
Rishabh Pant Statement: क्यों हार गई लखनऊ सुपर जायंट्स? ऋषभ पंत के बयान में झलका दर्द, जानें किसको बताया जिम्मेदार
क्यों हार गई लखनऊ सुपर जायंट्स? ऋषभ पंत के बयान में झलका दर्द, जानें किसको बताया जिम्मेदार

वीडियोज

Sandeep Chaudhary: चुनाव आयोग के 'AI' ने कैसे छीना बंगाल का वोट? | Bengal Election 26 | Seedha Sawal
Pahalgam Attack Anniversary: पहलगाम हमले की बरसी पर पर्यटकों की घाटी पर सैलाब  | Kashmir Terror
Chitra Tripathi: सीजफायर के पीछे ट्रंप की क्या है रणनीति? | Janhit | Iran US Ceasefire | Hormuz
Pratima Mishra: 'झालमुड़ी' के बाद चर्चा में 'माछ-भात'!  | Bharat Ki Baat | PM Modi | Anurag Thakur
Pratima Mishra:  क्या ट्रंप का 'माइंड गेम' उन पर ही उल्टा पड़ा?   | Bharat Ki Baat | America

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बंगाल ने शुरुआती घंटों में ही सुनाया बड़ा फैसला, तमिलनाडु से ज्यादा वोटिंग, जानें 9 बजे तक आंकड़ा कितना?
बंगाल ने शुरुआती घंटों में ही सुनाया बड़ा फैसला, तमिलनाडु से ज्यादा वोटिंग, जानें 9 बजे तक आंकड़ा कितना?
Delhi Weather: दिल्ली में लू का वार, आज भी नहीं मिलेगी राजधानी को गर्मी से राहत, येलो अलर्ट जारी
दिल्ली में लू का वार, आज भी नहीं मिलेगी राजधानी को गर्मी से राहत, येलो अलर्ट जारी
यूपी: मिर्जापुर में ट्रक-बोलेरो की टक्कर में 11 लोगों की मौत, PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
यूपी: मिर्जापुर में ट्रक-बोलेरो की टक्कर में 11 लोगों की मौत, PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
Rishabh Pant Statement: क्यों हार गई लखनऊ सुपर जायंट्स? ऋषभ पंत के बयान में झलका दर्द, जानें किसको बताया जिम्मेदार
क्यों हार गई लखनऊ सुपर जायंट्स? ऋषभ पंत के बयान में झलका दर्द, जानें किसको बताया जिम्मेदार
अमिताभ बच्चन आधी रात को करते हैं फोन, दिव्या दत्ता का खुलासा, बोलीं- 'वे हमेशा ठीक रात 12 बजे...'
अमिताभ बच्चन आधी रात को करते हैं फोन, दिव्या दत्ता का खुलासा, बोलीं- 'वे रात 12 बजे...'
Iran War: होर्मुज में नाकेबंदी के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा एक्शन, आर्मी चीफ के बाद अब नेवी चीफ को किया बर्खास्त
होर्मुज में नाकेबंदी के बीच ट्रंप का बड़ा एक्शन, आर्मी चीफ के बाद अब नेवी चीफ को किया बर्खास्त
WhatsApp Web पर चैट को बनाएं सेफ! ये है App Lock सेट करने का तरीका, जानें स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
WhatsApp Web पर चैट को बनाएं सेफ! ये है App Lock सेट करने का तरीका, जानें स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
झालमुड़ी नहीं ये है बंगाल का सबसे फेमस स्ट्रीट फूड, भारत नहीं विदेश से है नाता
झालमुड़ी नहीं ये है बंगाल का सबसे फेमस स्ट्रीट फूड, भारत नहीं विदेश से है नाता
Embed widget