एक्सप्लोरर

यूपी में सत्ता-संगठन का शीराजा कब तक संभाल पाएंगे मुलायम?

यूपी की सपाई सियासत में बकरीद के आसपास जिस तरह से राजनीतिक बकरे हलाल हुए उसे देखते हुए यही कहा जा सकता है कि राज्य में 2017 का विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है, सैफई का पारिवारिक खड़ंजा दुनिया के सामने उधड़ता जा रहा है. सपा में यह साबित करने की होड़ शुरू हो गई है कि असली बॉस कौन है? इस होड़ में मुलायम-पुत्र अखिलेश यादव फुल फॉर्म में नज़र आ रहे हैं और चाचा शिवपाल से ‘सरकारी झगड़े’ की बात खुलेआम स्वीकार कर रहे हैं. झगड़ा सुलझाने के लिए दिल्ली और लखनऊ में ‘घरेलू पंचायतों’ का दौर चल रहा है. सीएम अखिलेश ने अपने चाचा शिवपाल यादव के करीबी खनन मंत्री गायत्री प्रजापति और पंजायती राज्य मंत्री राजकिशोर सिंह की तीन दिन पहले छुट्टी कर दी. हमेशा विवादों में रहने वाले आईएएस अधिकारी व उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दीपक सिंघल को उन्होंने ऐन बकरीद के दिन हटा दिया था. अखिलेश यादव सिंघल साहब से खुश नहीं थे क्योंकि शिवपाल से अपनी नजदीकियों के चलते सिंघल साहब सीएम को बच्चा समझने लगे थे. उनकी मुख्य सचिव पद पर नियुक्ति को लेकर शिवपाल और अखिलेश में हुआ संघर्ष दो महीने पहले ही सबके सामने आ गया था. इस जीत के बाद सिंघल इतने मुंहजोर हो गए थे कि एक मंच पर उन्होंने अखिलेश यादव को दूसरों से बातें बंद कर उनकी सलाह मानने को कह दिया था.  सिंघल साहब सपा के राज्यसभा सदस्य अमर सिंह से करीबी के चलते उनके रात्रिभोज में पहुंच गए थे जबकि खुद अखिलेश इस कार्यक्रम से अलग थे. करीबियों के इस खेल में अच्छे-अच्छे नप गए! अखिलेश शिवपाल के करीबी अमर सिंह को पार्टी में दोबारा शामिल करने के पक्ष में नहीं थे लेकिन पिता और पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की मर्जी के सामने उन्हें मन मारना पड़ा था. 2012 में चुनाव से कुछ ही हफ्ते पहले पार्टी अध्यक्ष और चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद से ही अखिलेश अपने ही मंत्रिमंडल में ‘अंकलों’ के बोझ तले खुद को बहुत दबा हुआ महसूस कर रहे थे. लेकिन मामला तब जामे से बाहर हुआ जब ख़ुदमुख्तारी साबित करने के लिए अखिलेश ने चाचा शिवपाल से खुलेआम पंगा लेते हुए 70 से ज़्यादा हत्याओं के आरोपी मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का सपा में विलय ही रद्द करवा दिया. शिवपाल यादव के लिए यह बड़े अपमान की बात थी क्योंकि सारा किया-धरा उन्हीं का था. शिवपाल की नाराजगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह सपा महासचिव और चचेरे भाई रामगोपाल यादव के जन्मदिन के पारिवारिक जश्न में शामिल होने तक नहीं गए थे और अब जिस तरह से अखिलेश यादव ने उनके समर्थकों पर कैंची चलाई है उससे शिवपाल का गुस्सा सातवें आसमान पर है. वह बार-बार इस्तीफे की धमकी दे रहे हैं. भतीजे अखिलेश से खुंदक के चलते उन्होंने 15 अगस्त को अपने गृह जिले इटावा में शहीद श्रद्धांजलि यात्रा के दौरान अपनी ही सरकार पर आरोप लगाया था कि राज्य में जमकर अवैध शराब की बिक्री और बेरोकटोक अवैध कब्जे हो रहे हैं. यह सब नहीं रुका तो वह इस्तीफा देकर विपक्ष में बैठ जाएंगे. उनका निशाना अखिलेश यादव खेमे का कहे जाने वाले दिग्गज रामगोपाल यादव के एक करीबी एमएलसी पर था. चार दिन पहले मैनपुरी में तो उन्होंने खुलेआम कह दिया कि अखिलेश उनके कहने के बावजूद गांव-देहात में रात गुज़ारने नहीं जाते और उनके सारे मंत्री सुविधाभोगी हो गए हैं. मुलायम सिंह शिवपाल की अहमियत जानते हैं इसलिए अगस्त में ही मुलायम सिंह ने बयान दिया था कि अगर शिवपाल पार्टी से अलग हुए तो सपा कहीं की नहीं रहेगी. यही वजह है कि अखिलेश, आज़म ख़ान, रामगोपाल यादव के विरोध को दरकिनार करते हुए शिवपाल की जिद पर मुलायम सिंह ने अमर सिंह को न सिर्फ दोबारा सपा में शामिल कर लिया बल्कि राज्यसभा की सदस्यता भी दे दी. जाहिर है शिवपाल की पकड़ पार्टी संगठन में बेहद मजबूत है. मुलायम सिंह यह भी जानते हैं कि अखिलेश सिर्फ अपनी साफ-सुथरी छवि तथा विकास के बूते फतह हासिल नहीं कर सकते. अपनी छवि बनाने के चलते अखिलेश ने 2012 के चुनाव से पहले आपराधिक छवि वाले दबंग नेता डीपी यादव सपा में शामिल नहीं होने दिया था. लेकिन अब मुलायम को कुनबा संभालने के लिए छोटे भाई शिवपाल यादव की रणनीति स्वीकार करने पर मजबूर होना पड़ रहा है. यह भी संभव है कि जेल में बंद मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल का विलय भी सपा में हो जाए क्योंकि अखिलेश की जगह पार्टी संगठन का अध्यक्ष बनाकर खुद मुलायम ने शिवपाल को इस मामले में मजबूती प्रदान कर दी है. अखिलेश को उनकी यह मजबूती और मुलायम की शिवपाल के प्रति मुलायमियत ज़रा भी मंजूर नहीं है. जैसे ही पिता जी ने शिवपाल को यूपी की कमान सौंपी, अखिलेश ने शिवपाल से सारे अहम मंत्रालय छीन कर उन्हें बेपर कर दिया. शिवपाल को भड़काने की कीमत पर भी अखिलेश यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि यूपी में अगर सत्ता का कोई केंद्र है तो वह सिर्फ उनके पास है, ‘अंकलों’ के पास नहीं! समाजवादी पार्टी की इस अंदरूनी कलह को देखने के कई कोण हो सकते हैं. एक कोण से देखने पर यह पारिवारिक नूरा कुश्ती लग रही है तो दूसरे कोण से यह पीढ़ी का अंतराल (जनरेशन गैप) नज़र आता है. एक कोण से यह कानून एवं व्यवस्था सुधारने में सरकार की नाकामी छिपाने का ड्रामा दिखाई दे रहा है तो देखने वाले इसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की दबंगई के तौर पर भी देख रहे हैं. एक कोण से यह सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की चाणक्यगिरी नज़र आती है क्योंकि उन्होंने शिवपाल यादव को पार्टी का प्रदेशाध्यक्ष बनाकर भाई और पुत्र के बीच सत्ता-संगठन का संतुलन साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. लेकिन इस पूरी कवायद में मुलायम का पलड़ा पुत्र की तरफ झुका नज़र आ रहा है. इसका कारण यह है कि यूपी में संगठन की पूरी जिम्मेदारी भाई शिवपाल के सिर पर रखने से टिकट बंटवारे, चुनाव प्रबंधन, आरोपों और असफलता की सारी बलाएं उनके मत्थे होंगी और ब्रांड अखिलेश पर कोई खरोंच भी नहीं आएगी. इसके सहारे अखिलेश आगे चलकर यादव कुनबे के अभिषेक यादव (मुलायम के भतीजे), संध्या यादव (भतीजी), वंदना यादव, तेज प्रताप यादव, अजंत सिंह यादव, मृदुला यादव आदि सैकड़ों सक्रिय रिश्तेदारों के लिए आसानी से सर्वमान्य नेता बन सकेंगे. फिलहाल सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र दिल्ली में हुई ‘घरेलू पंचायत’ में दोनों खेमों से कड़े शब्दों में कह दिया है कि बाहर कोई भी इस तरह का बयान नहीं देगा, जिससे लगे कि सैफई के क़िले में दरार पड़ गई है. चुनाव की तैयारी से पहले ऐसी ‘घरेलू पंचायतें’ अभी और होंगी लेकिन शिवपाल और अखिलेश के बीच की जंग अब घर से निकलकर चौक-चौबारों तक जा पहुंची है. एक मुखिया के तौर पर मुलायम सिंह यूपी में सत्ता और संगठन का शीराजा कब तक संभाल पाते हैं, इसी पर पब्लिक अपनी दूरबीन गड़ाए बैठी है. लेखक से ट्विटर पर जुड़ने के लिए क्लिक करें- https://twitter.com/VijayshankarC और फेसबुक पर जुड़ने के लिए क्लिक करें- https://www.facebook.com/vijayshankar.chaturvedi
View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

Trump Tariff: डोनाल्ड ट्रंप ने कार-ट्रक के इंपोर्ट पर लगाया 25% टैरिफ तो भड़का यूरोप, EU बोला- हम अपने हितों की रक्षा...
ट्रंप ने कार-ट्रक के इंपोर्ट पर लगाया 25% टैरिफ तो भड़का यूरोप, EU बोला- हम अपने हितों की रक्षा...
'EVM में कमल के बटन पर काला टेप...', बंगाल में पुनर्मतदान पर बोले बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय
'EVM में कमल के बटन पर काला टेप...', बंगाल में पुनर्मतदान पर बोले बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय
वो सिर्फ 15 साल का है..., वैभव सूर्यवंशी के विकेट पर अग्रेसिव सेलिब्रेशन करना पड़ा महंगा, जैमीसन की हो रही है आलोचना
वो सिर्फ 15 साल का है..., वैभव सूर्यवंशी के विकेट पर अग्रेसिव सेलिब्रेशन करना पड़ा महंगा, जैमीसन की हो रही है आलोचना
US Tariffs on Euro Car and Truck: यूएस ने अब इस देश के कार-ट्रक पर लगाया 25% टैरिफ, ट्रंप बोले- ट्रेड डील का नहीं कर रहा था पालन
यूएस ने अब इस देश के कार-ट्रक पर लगाया 25% टैरिफ, ट्रंप बोले- ट्रेड डील का नहीं कर रहा था पालन

वीडियोज

Sansani: जबलपुर हादसा में क्या सिस्टम की लापरवाही जिम्मेदार? | Jabalpur Bargi Dam | MP News
Jabalpur Bargi Dam Cruise Incident: बरगी डैम में बड़ा हादसा.. जिम्मेदार कौन? | MP News
Chitra Tripathi: TMC vs BJP, किसका होगा बंगाल? | Bengal Elections | EVM | Mamata
Pratima Mishra: EVM पर मिडनाइट की 'स्ट्रॉन्ग' फाइट! | Bengal Election 2026 | TMC | Mamata | BJP
Iran- US War: ट्रंप की चाल से ईरान में सियासी तूफान  | Iran US War | Hormuz | Trump | Mojtaba

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Trump Tariff: डोनाल्ड ट्रंप ने कार-ट्रक के इंपोर्ट पर लगाया 25% टैरिफ तो भड़का यूरोप, EU बोला- हम अपने हितों की रक्षा...
ट्रंप ने कार-ट्रक के इंपोर्ट पर लगाया 25% टैरिफ तो भड़का यूरोप, EU बोला- हम अपने हितों की रक्षा...
'EVM में कमल के बटन पर काला टेप...', बंगाल में पुनर्मतदान पर बोले बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय
'EVM में कमल के बटन पर काला टेप...', बंगाल में पुनर्मतदान पर बोले बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय
वो सिर्फ 15 साल का है..., वैभव सूर्यवंशी के विकेट पर अग्रेसिव सेलिब्रेशन करना पड़ा महंगा, जैमीसन की हो रही है आलोचना
वो सिर्फ 15 साल का है..., वैभव सूर्यवंशी के विकेट पर अग्रेसिव सेलिब्रेशन करना पड़ा महंगा, जैमीसन की हो रही है आलोचना
US Tariffs on Euro Car and Truck: यूएस ने अब इस देश के कार-ट्रक पर लगाया 25% टैरिफ, ट्रंप बोले- ट्रेड डील का नहीं कर रहा था पालन
यूएस ने अब इस देश के कार-ट्रक पर लगाया 25% टैरिफ, ट्रंप बोले- ट्रेड डील का नहीं कर रहा था पालन
EK Din BO Day 1:'राजा शिवाजी' के आगे पहले ही दिन पिटी साई-जुनैद की  ‘एक दिन’, ओपनिंग डे पर लाखों में सिमटी कमाई
पहले ही दिन पिटी साई-जुनैद की ‘एक दिन’, ओपनिंग डे पर लाखों में सिमटी कमाई
अमेरिका ईरान पर हमला करेगा या नहीं? रिपोर्टर के सवाल पर भड़क गए ट्रंप, कहा- 'मैं आपको क्यों बताऊंगा'
अमेरिका ईरान पर हमला करेगा या नहीं? रिपोर्टर के सवाल पर भड़क गए ट्रंप, कहा- 'मैं आपको क्यों बताऊंगा'
क्यों हर UPI यूजर के पास होना चाहिए एक अलग बैंक अकाउंट? ये हैं बड़े फायदे, ठगी से बचेंगे
क्यों हर UPI यूजर के पास होना चाहिए एक अलग बैंक अकाउंट? ये हैं बड़े फायदे, ठगी से बचेंगे
Water Tank Cleaning: पानी की टंकी में जग गई है गंदगी की मोटी परत, बिना मेहनत के झट से ऐसे होगी साफ 
पानी की टंकी में जग गई है गंदगी की मोटी परत, बिना मेहनत के झट से ऐसे होगी साफ 
Embed widget