एक्सप्लोरर

बजट से उम्मीद: परिवहन क्षेत्र को मिले विशेष खंड का दर्जा, GST के दायरे में लाया जाए डीजल

परिवहन उद्योग ने विमुद्रीकरण, जीएसटी लागू करने, ई-वे बिल कार्यान्वयन और COVID-19 के दौरान आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने जैसी प्रमुख सरकारी पहलों को सफलतापूर्वक लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हालांकि, ये क्षेत्र बढ़ती परिचालन लागत, कराधान बोझ और वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है, विशेष रूप से छोटे और मध्यम परिवहन ऑपरेटरों के लिए, जो भारत के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की रीढ़ हैं. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए परिवहन क्षेत्र के आर्थिक विकास, व्यापार सुविधा और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका को ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट (AIMTC) रेखांकित करता है. AIMTC, जो भारत के सड़क परिवहन क्षेत्र का शीर्ष निकाय है, इनकी तरफ से केंद्रीय बजट 2025-26 के लिए महत्वपूर्ण सिफारिशें प्रस्तुत की हैं. 

मुख्य बजट सिफारिशें 

1. परिवहन क्षेत्र को 'विशेष खंड' का दर्जा दिया जाए 

*AIMTC सरकार से अनुरोध करता है कि वह सड़क परिवहन क्षेत्र को "विशेष खंड" के रूप में मान्यता दे, क्योंकि यह आवश्यक सेवाएं प्रदान करता है. 

•  डीजल कुल परिचालन लागत का 60% बनाता है, जबकि टोल शुल्क 14% तक का योगदान देते हैं. 

• परिवहन संचालकों को उच्च व्यय और अग्रिम कर भुगतान के बावजूद कार्यशील पूंजी ऋण प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. 

2. डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए 

वर्तमान में, डीजल की कीमतें विभिन्न राज्यों में अलग-अलग हैं, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत असंगत हो जाती है. AIMTC डीजल को जीएसटी के तहत लाने की पुरजोर वकालत करता है ताकि मूल्य निर्धारण में एकरूपता हो, जिससे परिचालन लागत कम हो और विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बढ़ावा मिले. 


बजट से उम्मीद: परिवहन क्षेत्र को मिले विशेष खंड का दर्जा, GST के दायरे में लाया जाए डीजल

3. आवश्यक परिवहन वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती 

AIMTC निम्नलिखित गैर-लक्जरी परिवहन संबंधी वस्तुओं पर जीएसटी दरों को कम करने की मांग करता है:

• टिक 
• टायर 
• स्पेयर पार्ट्स 
• तृतीय-पक्ष बीमा प्रीमियम

इन आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी में कमी से छोटे ट्रांसपोर्टरों की वित्तीय समस्याएं कम होंगी और ट्रक एवं यात्री परिचालन अधिक टिकाऊ बनेगा. 

4. मित्र देशों से टायर आयात पर प्रतिबंध हटाया जाए 

वर्तमान में टायर आयात पर प्रतिबंधों के कारण कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे ट्रक संचालन आर्थिक रूप से अव्यवहारिक हो गया है. घरेलू टायर निर्माता प्रतिस्पर्धा की कमी का फायदा उठाकर अधिक कीमतों पर टायर बेच रहे हैं. यह नीति परिवहन संचालकों की परिचालन लागत बढ़ा रही है. 

AIMTC इन प्रतिबंधों को हटाने की माँग करता है ताकि उचित बाजार मूल्य सुनिश्चित हो. संगठन का तर्क है कि मूल्य हेरफेर और मुनाफाखोरी से परिवहनकर्मियों और उपभोक्ताओं को नुकसान होता है और यह भारत की वैश्विक व्यापार प्रतिष्ठा को भी प्रभावित करता है. 

5. धारा 194C के तहत टीडीएस समाप्त किया जाए 

परिवहन उद्योग नकदी आधारित लेनदेन पर अत्यधिक निर्भर है, विशेष रूप से छोटे ट्रक ऑपरेटरों के लिए, जो 85% वाणिज्यिक वाहन खंड का निर्माण करते हैं. 10 से कम ट्रक रखने वाले व्यवसाय टीडीएस कटौती से मुक्त हैं, लेकिन कई छोटे और मध्यम उद्यम (SMES) अब भी टीडीएस काटते हैं, जिससे नकदी प्रवाह की समस्या उत्पन्न होती है. AIMTC सरकार से अनुरोध करता है कि वह धारा 194C के तहत 2% टीडीएस को समाप्त करे ताकि परिवहन उद्योग में तरलता की समस्याओं को दूर किया जा सके. 


बजट से उम्मीद: परिवहन क्षेत्र को मिले विशेष खंड का दर्जा, GST के दायरे में लाया जाए डीजल

6. धारा 194N के तहत नकद निकासी पर टीडीएस समाप्त किया जाए 

सड़क परिवहन उद्योग 24/7 संचालित होता है और 95% माल ढुलाई लेनदेन नकद भुगतान पर निर्भर होते हैं (ईंधन, टोल और आपातकालीन मरम्मत के लिए).  हालांकि, धारा 194N के तहत 2% टीडीएस नकद निकासी पर लगाया जाता है, जिससे परिवहन व्यवसायों की नकदी प्रवाह और संचालन प्रभावित होते हैं. 

AIMTC नकद रहित लेनदेन में प्रमुख बाधाओं को उजागर करता है, जैसे: 

• सीमित 24/7 बैंकिंग सुविधा (RTGS/NEFT की उपलब्धता) 
• ईंधन स्टेशनों पर डिजिटल भुगतान की कमी 
• टोल और लॉजिस्टिक्स भुगतान में नकदी की अनिवार्यता

AIMTC मांग करता है कि सरकार कृषि उत्पाद विपणन समितियों (APMCs) की तरह परिवहन संचालकों के लिए भी नकद निकासी पर टीडीएस समाप्त करे. 


7. टीडीएस रिफंड समय पर जारी किया जाए 

देरी से टीडीएस रिफंड मिलने के कारण परिवहन व्यवसायों की कार्यशील पूंजी पर प्रभाव पड़ता है. AIMTC जल्द से जल्द टीडीएस रिफंड प्रक्रिया की मांग करता है ताकि अनावश्यक वित्तीय दबाव से बचा जा सके. 

8. धारा 44AE के तहत अनुमानित कर प्रणाली को युक्तिसंगत बनाया जाए 

AIMTC आयकर अधिनियम की धारा 44AE में संशोधन की पुरजोर वकालत करता है, जिसका उद्देश्य छोटे ट्रक ऑपरेटरों के लिए कर दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाना था. पहले, अनुमानित आय ₹7,500 प्रति ट्रक प्रति माह थी. 2018 में, इसे भारी माल वाहनों (HGVs) के लिए ₹1,000 प्रति टन सकल वाहन वजन (GVW) प्रति माह कर दिया गया. 

AIMTC का तर्क है कि यह संशोधन अनुचित है क्योंकिः 

• इसमें खाली और लोडेड ट्रकों के कुल वजन को शामिल किया जाता है. 
• परिचालन लागत (ईंधन, टोल, रखरखाव, बीमा) बढ़ जाती है. 
• परिवहन दरों में उतार-चढ़ाव के कारण छोटे ट्रांसपोर्टरों पर वित्तीय दबाव बढ़ता है. 

AIMTC यह सुझाव देता है कि अनुमानित आय को संशोधित कर ₹300 प्रति टन GVW प्रति माह किया जाए, जो वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) के आधार पर तय हो. AIMTC के बजट 2025-26 के लिए प्रस्तावित उपाय वित्तीय बोझ को कम करने, कर प्रणाली को तर्कसंगत बनाने और उद्योग की स्थिरता को बढ़ाने पर केंद्रित हैं. चूँकि सड़क परिवहन उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, सरकार को इन नीतिगत परिवर्तनों को लागू करना आवश्यक है ताकिः 

परिचालन लागत स्थिर रहे 

परिवहन दक्षता में सुधार हो 

रोजगार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बढ़ावा मिले 

AIMTC भारत सरकार से आग्रह करता है कि वह इन सिफारिशों को प्राथमिकता दे, जिससे परिवहन क्षेत्र आर्थिक प्रगति में योगदान देते हुए निरंतर विकसित होता रहे.

[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. यह ज़रूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही ज़िम्मेदार है.]

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

वेनेजुएला और ईरान के बाद अब अमेरिका के निशाने पर कौन सा देश? ट्रंप ने दिया क्लीयर जवाब
वेनेजुएला और ईरान के बाद अब अमेरिका के निशाने पर कौन सा देश? ट्रंप ने दिया क्लीयर जवाब
केशव प्रसाद मौर्य की हेलीकॉप्टर खराबी पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान- 'अब उन्हें नया वाला...'
केशव प्रसाद मौर्य की हेलीकॉप्टर खराबी पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान- 'अब उन्हें नया वाला...'
'परमिशन की जरूरत नहीं', ट्रंप के रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की छूट पर आया भारत का रिएक्शन
'परमिशन की जरूरत नहीं', ट्रंप के रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की छूट पर आया भारत का रिएक्शन
'धुरंधर 2' के बाद 'हीर रांझा' में नजर आएंगी सारा अर्जुन? मुकेश छाबड़ा ने बताई सच्चाई
'धुरंधर 2' के बाद 'हीर रांझा' में नजर आएंगी सारा अर्जुन? मुकेश छाबड़ा ने बताई सच्चाई
ABP Premium

वीडियोज

Iran Israel War: महायुद्ध का 8वां दिन..घुटने पर आए Donald Trump? | Breaking | ABP News
Sansani: Middle East में बढ़ता तनाव  | Crime News | Iran- Israerl
Chitra Tripathi: मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! ट्रंप  का क्या है नया खेल ? | Iran Israel War | Trump
Iran Israel War News: तेहरान की ताबड़तोड़ स्ट्राइक जारी, अमेरिका का बारूद..ईरान पर भारी | War| Trump
Sandeep Chaudhary: वरिष्ठ पत्रकारों ने खोला राज, क्या अमेरिका ट्रंप के नीचे दब गया? | LPG Price Hike

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
वेनेजुएला और ईरान के बाद अब अमेरिका के निशाने पर कौन सा देश? ट्रंप ने दिया क्लीयर जवाब
वेनेजुएला और ईरान के बाद अब अमेरिका के निशाने पर कौन सा देश? ट्रंप ने दिया क्लीयर जवाब
केशव प्रसाद मौर्य की हेलीकॉप्टर खराबी पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान- 'अब उन्हें नया वाला...'
केशव प्रसाद मौर्य की हेलीकॉप्टर खराबी पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान- 'अब उन्हें नया वाला...'
'परमिशन की जरूरत नहीं', ट्रंप के रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की छूट पर आया भारत का रिएक्शन
'परमिशन की जरूरत नहीं', ट्रंप के रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की छूट पर आया भारत का रिएक्शन
'धुरंधर 2' के बाद 'हीर रांझा' में नजर आएंगी सारा अर्जुन? मुकेश छाबड़ा ने बताई सच्चाई
'धुरंधर 2' के बाद 'हीर रांझा' में नजर आएंगी सारा अर्जुन? मुकेश छाबड़ा ने बताई सच्चाई
दिग्गज ने ICC पर लगाए पक्षपात के आरोप, बुरी तरह भड़का दिग्गज, जानें पूरा मामला
दिग्गज ने ICC पर लगाए पक्षपात के आरोप, बुरी तरह भड़का दिग्गज, जानें पूरा मामला
US Israel Iran War Live: खाड़ी देशों पर हमले के लिए राष्ट्रपति ने मांगी माफी, कुछ ही घंटों बाद ईरान ने फिर दी धमकी, ट्रंप का हैरान करने वाला दावा
Live: खाड़ी देशों पर हमले के लिए राष्ट्रपति ने मांगी माफी, कुछ ही घंटों बाद ईरान ने फिर दी धमकी
क्या आप भी अपने एक्स को टेक्स्ट करने की सोच रहे हैं? जानिए एक्सपर्ट्स इसे क्यों बताते हैं आपकी सबसे बड़ी गलती
क्या आप भी अपने एक्स को टेक्स्ट करने की सोच रहे हैं? जानिए एक्सपर्ट्स इसे क्यों बताते हैं आपकी सबसे बड़ी गलती
यूपीएससी 2025: 301वीं रैंक को लेकर खत्म हुआ कन्फ्यूजन, गाजीपुर की आकांक्षा सिंह के नाम हुई पुष्टि
यूपीएससी 2025: 301वीं रैंक को लेकर खत्म हुआ कन्फ्यूजन, गाजीपुर की आकांक्षा सिंह के नाम हुई पुष्टि
Embed widget