एक्सप्लोरर

AI के जवाबों पर बढ़ता भरोसा, पारंपरिक सर्च हो रहा पीछे: बदल रही है इंटरनेट की पूरी दुनिया, अब Google नहीं, AI बताएगा क्या खरीदें!

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल एक तकनीकी ट्रेंड नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों के सोचने, खोजने, खरीदने और फैसले लेने के तरीके को तेजी से बदल रहा है. Google सर्च से लेकर ChatGPT और AI एजेंट्स तक, डिजिटल दुनिया का पूरा ढांचा बदलाव के दौर से गुजर रहा है. उपभोक्ता अब सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि सीधे और भरोसेमंद जवाब चाहते हैं. वहीं ब्रांड्स के लिए भी चुनौती बदल चुकी है—अब केवल विज्ञापन या सर्च रैंकिंग काफी नहीं, बल्कि AI द्वारा “सुझाए जाने” की दौड़ शुरू हो चुकी है.

ऐसे समय में UnoSearch के फाउंडर और CEO पंकज श्रीवास्तव ने AI सर्च, डिजिटल मार्केटिंग, उपभोक्ता व्यवहार और ब्रांड विजिबिलिटी में आ रहे बड़े बदलावों पर विस्तार से बात की. उन्होंने बताया कि कैसे AI पारंपरिक इंटरनेट ब्राउजिंग को बदल रहा है, छोटे बिजनेस के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है और आने वाले वर्षों में ऑनलाइन खोज तथा ई-कॉमर्स की पूरी दुनिया को नए तरीके से परिभाषित करने वाला है.

सवाल- AI हमारी रोजमर्रा की जिंदगी, खासकर उपभोक्ता व्यवहार, को कैसे बदल रही है?

जवाब- AI ने लोगों के जानकारी खोजने और फैसले लेने के तरीके को तेजी से बदल दिया है. पहले लोग Google पर कई वेबसाइटें देखकर फैसला लेते थे, लेकिन अब ChatGPT जैसे प्लेटफॉर्म सीधे जवाब और सुझाव दे रहे हैं. ग्राहक अब सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि भरोसेमंद सिफारिश चाहते हैं.

इससे उपभोक्ताओं के लिए फैसले लेना आसान और तेज हो गया है, जबकि बिजनेस के लिए सिर्फ सर्च रैंकिंग या विज्ञापन काफी नहीं रह गए हैं. अब अगर कोई ब्रांड AI के जवाबों में शामिल नहीं है, तो वह ग्राहक के लिए लगभग अदृश्य हो सकता है.

सवाल- हम अक्सर ChatGPT, AI Search और AI Overviews जैसे शब्द सुनते रहते हैं. आसान शब्दों में कहें तो इन बदलावों का ब्रांडों और ग्राहकों के लिए असल में क्या मतलब है?

जवाब- पहले Google यूजर्स को कई वेबसाइटों की लिस्ट दिखाता था, लेकिन अब ChatGPT और AI Search सीधे जवाब और सुझाव देने लगे हैं. यानी ग्राहक अब सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि भरोसेमंद सिफारिश चाहते हैं. ब्रांड्स के लिए इसका मतलब है कि सिर्फ विज्ञापन या सर्च रैंकिंग काफी नहीं होगी. उन्हें इतना विश्वसनीय बनना होगा कि AI उनके नाम को अपने जवाबों में शामिल करे. इसी प्रक्रिया को हम Generative Engine Optimisation (GEO) कहते हैं.

सवाल- क्या आपको लगता है कि लोग धीरे-धीरे AI से मिले जवाबों पर पारंपरिक सर्च परिणामों के मुकाबले अधिक भरोसा करने लगे हैं? यदि ऐसा है, तो क्यों?

जवाब- जी हां, और यह बदलाव काफी तेजी से हो रहा है. हमारे डेटा के मुताबिक ChatGPT से आने वाला ट्रैफिक पारंपरिक ऑर्गेनिक सर्च की तुलना में दोगुने से ज्यादा दर से कन्वर्ट हो रहा है. लोग AI के जवाबों को ज्यादा भरोसेमंद और आसान मानते हैं, क्योंकि उन्हें कई वेबसाइटों पर जाकर तुलना नहीं करनी पड़ती. AI जानकारी को एक जगह इकट्ठा करके सीधे उपयोगी जवाब देता है. खासकर युवा यूजर्स अब कॉलेज एडमिशन से लेकर शॉपिंग तक के फैसलों में पारंपरिक सर्च से ज्यादा AI टूल्स पर भरोसा करने लगे हैं.

सवाल- भारतीय ब्रांड इस बदलाव के अनुसार खुद को कैसे ढाल रहे हैं? क्या कंपनियां AI-संचालित भविष्य के लिए तैयार हैं, या उनमें से कई अभी भी तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही हैं?

जवाब- अधिकतर बिजनेस अभी भी पीछे चल रहे हैं, और यह कोई आलोचना नहीं है; यह AI अपनाने के मौजूदा दौर को दिखाता है. इंडस्ट्री की चर्चाओं और इवेंटों के दौरान जब मैं पूछता हूं कि कितने ब्रांड इस बात पर नजर रखते हैं कि उनका नाम ChatGPT के जवाबों में आता है या नहीं, तो बहुत कम लोग ही हां में जवाब देते हैं. अधिकतर कंपनियां अभी भी कीवर्ड रैंकिंग और वेबसाइट ट्रैफिक के आधार पर ही अपनी सफलता को मापती हैं. कुछ साल पहले ये तरीके सही थे, लेकिन आज के समय में ये AI विजिबिलिटी को पूरी तरह से नहीं दिखा पाते हैं.

ई-कॉमर्स, BFSI और हेल्थकेयर जैसे बड़े सेक्टर के ब्रांड अब AI के लिए तैयार होने में निवेश करना शुरू कर रहे हैं. हालांकि भारत के कई बिजनेस, खासकर छोटे और मंझोले बिजनेस (SMBs), ने अभी तक इस बात पर गौर नहीं किया है कि AI प्लेटफॉर्म उनके ब्रांड को पहचानते हैं या नहीं. UnoSearch में हमने एक 'AI विजिबिलिटी इंडेक्स' बनाया है. यह 100 में से एक स्कोर होता है, जिससे यह पता चलता है कि कोई ब्रांड AI से मिलने वाले जवाबों में कितनी असरदार तरीके से अपनी जगह बना पाया है. जब हम नए क्लाइंटों के लिए यह जांच करते हैं, तो उनका औसत स्कोर 100 में से 35 से भी कम आता है, जिसका मतलब है कि इसमें सुधार की बहुत गुंजाइश है.

अगले दस सालों में वही ब्रांड सबसे आगे रहेंगे, जो अपने प्रतिस्पर्धियों से पहले ही आज से अपनी AI विज़िबिलिटी को बेहतर बनाने पर काम करना शुरू कर देंगे. AI सर्च के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाने का मौका अभी भी खुला हुआ है, लेकिन इस बात की संभावना कम ही है कि यह मौका हमेशा के लिए खुला रहेगा.

सवाल- कई छोटे व्यवसायी इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि AI से केवल बड़े बजट वाली बड़ी कंपनियों को ही फायदा होगा. क्या यह चिंता सही है?

जवाब- पूरी तरह नहीं. पारंपरिक डिजिटल मार्केटिंग में बड़े बजट वाले ब्रांड्स को फायदा मिलता था, लेकिन AI सर्च अलग तरीके से काम करता है. ChatGPT और Perplexity जैसे प्लेटफॉर्म विज्ञापन बजट नहीं, बल्कि रिव्यू, विश्वसनीयता, कंटेंट और ऑनलाइन प्रतिष्ठा को महत्व देते हैं. इसलिए अच्छा काम करने वाला छोटा बिजनेस भी AI जवाबों में बड़ी कंपनियों के साथ दिखाई दे सकता है. सही रणनीति अपनाने पर AI छोटे बिजनेस के लिए बड़ा equaliser साबित हो सकता है.

सवाल- क्या मार्केटिंग का भविष्य AI-जनरेटेड बातचीत के भीतर 'बेचने' से ज्यादा 'खोजे जाने लायक बनने' की ओर बढ़ रहा है?

जवाब- बिल्कुल. पहले मार्केटिंग का फोकस विज्ञापन दिखाकर ध्यान खींचने पर था, लेकिन अब फोकस भरोसेमंद जवाब बनने पर है. AI उसी ब्रांड को आगे बढ़ाएगा, जिसे वह सबसे विश्वसनीय और उपयोगी मानता है. आने वाले समय में वही ब्रांड सफल होंगे, जो सिर्फ ज्यादा खर्च नहीं, बल्कि ग्राहकों के सवालों का सबसे बेहतर जवाब बन पाएंगे.

सवाल- अगले 3-5 सालों में आपको क्या लगता है कि AI की वजह से एक आम यूजर के लिए इंटरनेट का अनुभव कितना अलग हो जाएगा?

जवाब- मेरा मानना है कि अगले 3-5 सालों में इंटरनेट इस्तेमाल करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा. लोग पारंपरिक सर्च इंजन पर कई वेबसाइटें खोलने के बजाय AI एजेंट से सीधे सवाल पूछेंगे और वही सर्च, तुलना और बुकिंग जैसे काम मैनेज करेगा. Google Gemini और Apple Siri जैसे प्लेटफॉर्म इसके शुरुआती संकेत दे रहे हैं. आम यूजर के लिए इंटरनेट ज्यादा आसान और पर्सनलाइज्ड होगा, जबकि ब्रांड्स को सिर्फ ट्रैफिक नहीं, बल्कि भरोसा और विश्वसनीयता बनाने पर ध्यान देना होगा.

सवाल- अगर AI सीधे कुछ ब्रांड सुझाने लगे, तो ऑनलाइन शॉपिंग का तरीका कैसे बदलेगा?

जवाब- यह बदलाव अभी से दिख रहा है. अब यूजर AI से सीधे “सबसे अच्छे रनिंग शूज” या “₹20,000 से कम का सबसे अच्छा फोन” पूछते हैं और उन्हें कारणों के साथ सीधे सुझाव मिलते हैं. इससे फैसला लेने का समय काफी कम हो गया है. ब्रांड्स के लिए यह “winner-takes-all” जैसा माहौल बना सकता है, क्योंकि AI जिस ब्रांड को सुझाएगा, वही सबसे ज्यादा फायदा पाएगा. जो कंपनियां जल्दी AI विजिबिलिटी पर काम करेंगी, वे बाजार में आगे निकल जाएंगी.

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

आज चुनाव हुए तो किसे मिलेगी कितनी सीटें? PM चेहरे पर सर्वे ने चौंकाया
आज चुनाव हुए तो किसे मिलेगी कितनी सीटें? PM चेहरे पर सर्वे ने चौंकाया
BPSC TRE-4 में एक ही परीक्षा होगी, छात्रों के आगे झुकी सम्राट सरकार
BPSC TRE-4 में एक ही परीक्षा होगी, छात्रों के आगे झुकी सम्राट सरकार
3 शतक, सबसे ज्यादा रन... सोनल दिनुषा नहीं बने 'प्लेयर ऑफ द सीरीज', किसे मिला खिताब?
3 शतक, सबसे ज्यादा रन... सोनल दिनुषा नहीं बने 'प्लेयर ऑफ द सीरीज'
'अब मुझे विदा करो...', अमाल मलिक ने म्यूजिक से लिया ब्रेक, बताई क्या है वजह
'अब मुझे विदा करो...', अमाल मलिक ने म्यूजिक से लिया ब्रेक, बताई क्या है वजह

वीडियोज

नेपाल आपदा में कितना नुकसान? अरबों की संपत्ति तबाह, डरा देंगे आंकड़े!
बादलों के फटने से लेकर तबाही तक...कब और कैसे बदला मंजर?
कैमरे में कैद हुआ जलप्रलय का सबसे डरावना रूप
क्यों बिगड़ा चीनी का बजट? विश्लेषकों का सटीक विश्लेषण
नेपाल में कल जैसी एक और महाआपदा का अलर्ट!

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
आज चुनाव हुए तो किसे मिलेगी कितनी सीटें? PM चेहरे पर सर्वे ने चौंकाया
आज चुनाव हुए तो किसे मिलेगी कितनी सीटें? PM चेहरे पर सर्वे ने चौंकाया
BPSC TRE-4 में एक ही परीक्षा होगी, छात्रों के आगे झुकी सम्राट सरकार
BPSC TRE-4 में एक ही परीक्षा होगी, छात्रों के आगे झुकी सम्राट सरकार
3 शतक, सबसे ज्यादा रन... सोनल दिनुषा नहीं बने 'प्लेयर ऑफ द सीरीज', किसे मिला खिताब?
3 शतक, सबसे ज्यादा रन... सोनल दिनुषा नहीं बने 'प्लेयर ऑफ द सीरीज'
'अब मुझे विदा करो...', अमाल मलिक ने म्यूजिक से लिया ब्रेक, बताई क्या है वजह
'अब मुझे विदा करो...', अमाल मलिक ने म्यूजिक से लिया ब्रेक, बताई क्या है वजह
CJP चुनाव लड़ेगी तो देंगे वोट? सर्वे में लोगों के जवाब ने चौंकाया
CJP चुनाव लड़ेगी तो देंगे वोट? सर्वे में लोगों के जवाब ने चौंकाया
कोलकाता में अभिषेक बनर्जी और पुलिस के बीच जमकर हंगामा, क्या था मामला?
कोलकाता में अभिषेक बनर्जी और पुलिस के बीच जमकर हंगामा, क्या था मामला?
जयपुर नगर निगम चुनाव: AAP की पहली लिस्ट, उतारे 11 उम्मीदवार
जयपुर नगर निगम चुनाव: AAP की पहली लिस्ट, उतारे 11 उम्मीदवार
आसमान में दिखने वाला है 'Blood Moon'! जानें कब लगेगा यह चंद्रग्रहण, भारत पर क्या होगा असर?
आसमान में दिखने वाला है 'Blood Moon'! जानें कब लगेगा यह चंद्रग्रहण, भारत पर क्या होगा असर?
Embed widget