एक्सप्लोरर

जनवरी के पहले 9 दिनों में 4 बैंकर्स ने की आत्महत्या, सरकार को है तुरंत जागने की जरूरत

बैंकर्स पर काम का दबाव कितना अधिक है, या वह अपने कार्यस्थल के वातावरण से कितने असंतुष्ट हैं, यह एक आंकड़े से समझ में आता है. जनवरी 2025 के पहले 9 दिनों में 4 बैंकर्स ने आत्महत्या की है. 2 जनवरी को स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के क्लर्क, सीतामढ़ी, बिहार के युवा गोनू आनन्द, 4 जनवरी को केनरा बैंक, फज़िल्खा पंजाब के इंदरजीत, 6 जनवरी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, कासगंज के आकाश और 9 जनवरी बैंक ऑफ़ इंडिया, हेदराबाद की युवा महिला ने बैंक प्रबंधन की प्रताड़ना और दबाव के कारण आत्महत्या कर ली, यह निश्चित तौर पर बेहद दुखद खबर है. 2024 में भी हर महीने एक से दो बैंकर्स आत्महत्या कर रहे थे. सवाल यह उठता है कि और कितनी आत्महत्याओं के बाद सरकार नींद से जागेगी ? और यदि पिछले 5 वर्षों को देखें तो 100 से जयादा आत्महत्या की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं सामने आई हैं.

समस्याओं से जूझते बैंक कर्मचारी

बैंक कर्मचारी और अधिकारी काम के दबाव के साथ-साथ कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं. इन सभी समस्याओं और दबाव के कई कारण हैं, जेसे दिन-प्रतिदिन कर्मचारियों की संख्या में कमी आना, कई तरह के टारगेट, थर्ड पार्टी प्रोडक्ट्स को बेचने का दबाव, निश्चित काम के समय से अधिक समय तक काम का दबाव, छुट्टी वाले दिनों में भी बैंक में आने का दबाव और ऊपर से बैंक प्रबन्धन द्वारा कर्मचारियों/ अधिकारियों का दूर–दूर और ऐसे राज्य में ट्रान्सफर जहां भाषा का भी अंतर हो. वहीं दूसरी ओर कुछ प्रबन्धकों और उच्च अधिकारियों का व्यवहार इस समस्या को और गंभीर बना देता है. टारगेट और परफॉर्मेंस के नाम पर कभी कभी कुछ प्रबन्धकों और उच्च अधिकारियों द्वारा सबके सामने कर्मचारियों और अधिकारियों को अपशब्दों द्वारा अपमानित करना प्रबंधन का एक हथियार बन गया है, इस सबका असर जहां कर्मचारियों के व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है वहीं कस्टमर सेवा पर भी पड़ता हुआ दिख रहा है.


जनवरी के पहले 9 दिनों में 4 बैंकर्स ने की आत्महत्या, सरकार को है तुरंत जागने की जरूरत

यदि कर्मचारी या अधिकारी तनावमुक्त रहेगा तो वह बैंक में तो अच्छी तरह काम कर पायेगा, ग्राहक सेवा भी अच्छी होगी और उसका पारिवारिक जीवन भी अच्छा रहेगा. बैंकों में मानवता का अभाव होता जा रहा है. मानव संसाधन के नाम पर डिपार्टमेंट और अधिकारी तो हैं लेकिन कर्मचारियों की समस्याओं का निदान होता नहीं दिखता.

मुनाफे की हवस ने मानवता को दबाया

बैंकों के मर्जर (विलय) के बाद बैंकों द्वारा घाटे में चल रही बैंक ब्रांचों को बंद या मर्ज किया जा रहा है जिससे ग्राहक सेवा भी प्रभावित हो रही है. बैंकों में खर्चों में कटोती के नाम पर नई भर्ती नहीं हो पा रही है जिसके कारण कर्मचारियों पर काम का दबाव है, जहां बैंकों में काम बढ़ रहा है उस अनुपात में कर्मचारी नहीं हैं जिसका असर ग्राहक सेवा पर भी हो रहा है. अधिकतर बैंक ब्रांचों में 2 से 3 का स्टाफ है लेकिन उनके लिए सभी तरह के टारगेट को पूरा करने की जिम्मेवारी भी है. कर्मचारियों और अधिकारियों को काम के निश्चित समय से अधिक काम करना पड़ता है. सरकार या बैंक प्रबंधन ये सोचता है कि बैंकों में सभी कुछ कम्प्यूटराइज्ड है इसलिए कर्मचारियों की आवयश्कता नहीं, जो कि बेहद गलत धारणा है. ये सही है कि बैंक अधिकारियों की ऑल इंडिया ट्रांसफरेबल जॉब है, लेकिन नॉर्थ से साउथ और ईस्ट से वेस्ट और इसके उल्टा भी ट्रान्सफर करके बैंक क्या प्राप्त करना चाहते हैं. जहां ट्रान्सफर के कारण बैंकों को कितना ज्यादा खर्च करना पड़ेगा वहीं कर्मचारी परिवार से दूर होगा, इसका असर अधिकारी के स्वास्थ्य पर भी पड़ेगा. और इसके बाद यदि उच्च अधिकारियों का व्यवहार भी अच्छा न हो तो कर्मचारी अधिकारी दबाव में रहेगा. आये दिन इस तरह के दबाव के कारण कर्मचारी अधिकारी या तो नौकरी छोड़ रहे हैं या आत्महत्या करने की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ भी सामने आ रही हैं.

सरकार करे तुरंत हस्तक्षेप

सरकार को इन सभी समस्याओं की ओर ध्यान देना चाहिए, बैंक कर्मचारी और अधिकारी बैंकों में अच्छे वातावरण में काम कर सकें, इसके लिए बैंकों को निर्देश देने चाहिए, कि बैंक कर्मचारी अधिकारी की न्यायसंगत ट्रान्सफर पालिसी बनाएं, काम के निश्चित समय अनुसार ही काम हो, उच्च अधिकारियों का व्यवहार अपने कर्मचारियों और अधिकारीयों के प्रति संवेदनशील हो जिससे बैंक अच्छी ग्राहक सेवा दे सकें और सरकार की सभी योजनाओं को भी अच्छी तरह लागू कर सकें. बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ करके बैंकों का प्रॉफिट बढाना किसी भी तरह उचित नहीं होना चाहिए. बैंक कर्मचारी अधिकारी मानव पूंजी हैं, उनके साथ सन्वेदनशील मानवीय व्यवहार होना चाहिए और उचित सम्मान मिलना चाहिए.

सरकार को तुरंत एक कमेटी का गठन करना चाहिए जो की आत्महत्याओं के कारण जाने और इन्हें रोकने के लिए दिशा निर्देश जारी करे ताकि बैंकों में इस तरह हो रही दुर्भाग्यपूर्ण आत्म्हत्याओं को रोका जा सकें.

[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. यह ज़रूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही ज़िम्मेदार है.]

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

West Bengal Election: बंगाल की वोटिंग के बीच डेरेक ओ ’ब्रायन ने पीएम मोदी को किया चैलेंज, बोले- 'आपमें दम है तो...'
बंगाल की वोटिंग के बीच डेरेक ओ ’ब्रायन ने पीएम मोदी को किया चैलेंज, बोले- 'आपमें दम है तो...'
Census 2027: दिल्ली में 142 गेस्ट टीचर्स ने जनगणना ड्यूटी से किया इनकार, जाएगी नौकरी? 
Census 2027: दिल्ली में 142 गेस्ट टीचर्स ने जनगणना ड्यूटी से किया इनकार, जाएगी नौकरी? 
'सब BJP के इशारे पर नाच रहे', बंगाल में वोटिंग के बीच भयंकर गुस्से में ममता बनर्जी, जानें क्या आरोप लगाए
'सब BJP के इशारे पर नाच रहे', बंगाल में वोटिंग के बीच भयंकर गुस्से में ममता बनर्जी, जानें क्या आरोप लगाए
Watch: PBKS vs RR मैच में दर्दनाक हादसा, दर्शक के चेहरे पर लगी गेंद; निकलने लगा खून
Watch: PBKS vs RR मैच में दर्दनाक हादसा, दर्शक के चेहरे पर लगी गेंद; निकलने लगा खून

वीडियोज

Mumbai Crime: मीरा रोड हमला: कलमा पढ़ने को कहा, फिर चाकू से वार | ATS | Mira Road Crime
Maharashtra: धिरेंद्र शास्त्री को कंट्रोवर्सी पसंद है
Bollywood News:  तीन दिग्गज आए साथ… ‘Kalki 2’ बनेगी इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म? | Khabar Filmy Hain
West Bengal Election: क्या PM Modi की रणनीति से Mamata की नींद उड़ी? | ABP News
Saas Bahu Aur Saazish: Aarambhi का इम्तिहान! अस्पताल में घायलों की सेवा और बेटे के accident का सदमा  | DR. Aarambhi

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
West Bengal Election: बंगाल की वोटिंग के बीच डेरेक ओ ’ब्रायन ने पीएम मोदी को किया चैलेंज, बोले- 'आपमें दम है तो...'
बंगाल की वोटिंग के बीच डेरेक ओ ’ब्रायन ने पीएम मोदी को किया चैलेंज, बोले- 'आपमें दम है तो...'
Census 2027: दिल्ली में 142 गेस्ट टीचर्स ने जनगणना ड्यूटी से किया इनकार, जाएगी नौकरी? 
Census 2027: दिल्ली में 142 गेस्ट टीचर्स ने जनगणना ड्यूटी से किया इनकार, जाएगी नौकरी? 
'सब BJP के इशारे पर नाच रहे', बंगाल में वोटिंग के बीच भयंकर गुस्से में ममता बनर्जी, जानें क्या आरोप लगाए
'सब BJP के इशारे पर नाच रहे', बंगाल में वोटिंग के बीच भयंकर गुस्से में ममता बनर्जी, जानें क्या आरोप लगाए
Watch: PBKS vs RR मैच में दर्दनाक हादसा, दर्शक के चेहरे पर लगी गेंद; निकलने लगा खून
Watch: PBKS vs RR मैच में दर्दनाक हादसा, दर्शक के चेहरे पर लगी गेंद; निकलने लगा खून
Bhooth Bangla BO Day 12: दूसरे मंगलवार भी चला 'भूत बंगला' का जादू, करोड़ों में हुई कमाई, अब टूटेगा 'स्त्री' का रिकॉर्ड
दूसरे मंगलवार भी चला 'भूत बंगला' का जादू, करोड़ों में हुई कमाई
Pakistan Fateh-II Missile: 2.5 मैक की स्पीड, 400KM रेंज, कितनी खतरनाक है पाकिस्तान की फतेह-II मिसाइल, जिसका हुआ सफल परीक्षण?
2.5 मैक की स्पीड, 400KM रेंज, कितनी खतरनाक है पाकिस्तान की फतेह-II मिसाइल, जिसका हुआ सफल परीक्षण?
Poultry farming or Beekeeping Benefits : मुर्गी पालन या मधुमक्खी पालन... किसमें ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं किसान, जान लें फायदे की बात
मुर्गी पालन या मधुमक्खी पालन... किसमें ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं किसान, जान लें फायदे की बात
Pressure Cooker Blast Safety Tips : इन गलतियों की वजह से प्रेशर कुकर में हो जाता है ब्लास्ट, हमेशा ध्यान रखें ये बातें
इन गलतियों की वजह से प्रेशर कुकर में हो जाता है ब्लास्ट, हमेशा ध्यान रखें ये बातें
Embed widget