EV पर शिफ्ट हो रहे ग्राहक? Harrier की बिक्री ने चौंकाया
टाटा हैरियर के ग्राहकों ने दिया बड़ा सरप्राइज. पेट्रोल और डीजल मॉडल को पीछे छोड़ हैरियर ईवी बनी पहली पसंद. जानें कीमतों में लाखों के अंतर के बावजूद क्यों लोग खरीद रहे हैं EV.

हमारे आस-पास जब भी किसी प्रीमियम या शानदार एसयूवी की बात होती है तो हम बिना सोचे अपने दिमाग में डीजल या पेट्रोल इंजन का ख्याल लाते हैं. हालांकि, ऐसा सोचना पहले सही था क्योंकि, अब भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट पूरी तरह से बदल चुका है. ऐसा इस लिए हम कह रहें हैं क्योंकि एक टाटा मोटर्स की फ्लैगशिप एसयूवी हैरियर के खरीदार अब परंपरागत ईंधन को दरकिनार कर तेजी से इलेक्ट्रिक मॉडल यानी हैरियर EV की ओर रुख कर रहे हैं.
अभी हाल ही में सामने आए बिक्री आंकड़ों के मुताबिक बाजार में कदम रखने के बाद से ही हैरियर ईवी ने अपनी ही कंपनी के पेट्रोल और डीजल वेरिएंट्स को बिक्री के मामले में काफी पीछे छोड़ दिया है. इस बड़े फेरबदल ने न केवल ऑटो एक्सपर्ट्स को हैरान किया है बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि भारतीय ग्राहक अब बेझिझक प्रीमियम ईवी अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुके हैं. चलिए विस्तार से पूरी खबर के बारें में जानतें हैं.
50% से ज्यादा ईवी की हिस्सेदारी
आग हम आंकड़ों पर नजर डालें तो हैरियर ईवी के लॉन्च के बाद से पिछले 10 महीनों में कंपनी ने इसकी कुल 17,592 यूनिट्स बेची हैं. इसके मुकाबले इसी टाइम पीरियड के दौरान हैरियर के पेट्रोल और डीजल दोनों मॉडलों की संयुक्त बिक्री केवल 13,416 यूनिट्स पर ही सिमट कर रह गई. जिसका मतलब यह है कि देश में बिकने वाली हर 100 हैरियर में से लगभग 57 गाड़ियां इलेक्ट्रिक अवतार में शोरूम से बाहर निकल रही हैं.
वहीं अकेले जून और जुलाई के महीनों की बात करें तो कुल बिक्री में ईवी वेरिएंट का शेयर बढ़कर 64 प्रतिशत तक पहुंच गया है. यानी हर तीन में से दो ग्राहक अब शोरूम जाकर डीजल की जगह इलेक्ट्रिक हैरियर की खरीद रहें हैं.

कीमत में भारी अंतर
सबसे बड़ी बात यह है कि, यह आंकड़ा इसलिए भी सबसे ज्यादा चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक हैरियर की कीमतों में बहुत बड़ा फासला है. जहां हैरियर के बेस पेट्रोल/डीजल वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत लगभग 13 लाख रुपये से शुरू होती है.
वहीं हैरियर ईवी का शुरुआती दाम 21.69 लाख रुपये रखा गया है. दोनों के बीच करीब 8 से 9 लाख रुपये का सीधा अंतर होने के बावजूद ग्राहकों का ईवी चुनना यह साफ दिखाता है कि लोग सिर्फ शुरुआती कीमत नहीं बल्कि कार में मिलने वाले फीचर्स, मॉडर्न टेक्नोलॉजी और भविष्य के रनिंग कॉस्ट को देखकर फैसला ले रहे हैं.
दमदार रेंज बनी असली वजह
आपको बता दें कि, लोग 21 लाख से ज्यादा खर्च करके ईवी इस लिए खरीद रहे हैं क्योंकि, टाटा हैरियर ईवी में ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम है. जहां पेट्रोल-डीजल हैरियर में केवल फ्रंट-व्हील ड्राइव का ही ऑप्शन मिलता है. वहीं ईवी में दो मोटर्स के साथ फोर-बाय-फोर जैसी क्षमता मिलती है जो महज 6.3 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है.
इसके अलावा इसमें दिया गया बड़ा 75kWh का बैटरी पैक 627 किलोमीटर की सर्टिफाइड रेंज देता है. अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग सपोर्ट की बदौलत यह कार केवल 15 मिनट के चार्ज में 215 किलोमीटर की दूरी तय कर लेती है जिसने चालकों के मन से रेंज का डर पूरी तरह खत्म कर दिया है.

क्या हैं इसके मायने?
बता दें कि, हैरियर की बिक्री में आया यह बड़ा बदलाव भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के लिए एक टर्निंग पॉइंट की तरह देखा जा रहा है. अब तक यह माना जाता था कि लोग सिर्फ छोटी या 10-12 लाख वाली सस्ती कारों में ही ईवी को पसंद करते हैं.
लेकिन हैरियर ईवी की सफलता ने साबित कर दिया है कि अगर रेंज अच्छी हो कार में ऑल-व्हील ड्राइव जैसी पावर मिले और चार्जिंग नेटवर्क मजबूत हो तो ग्राहक 20 लाख रुपये से ऊपर के सेगमेंट में भी बिना हिचकिचाहट के इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर दांव लगाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
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