एक्सप्लोरर

CJP Protest: सड़क पर गुस्सा, निशाने पर ज्ञानेश कुमार… क्या SIR विवाद में जाएगी CEC की कुर्सी?

CJP Protest Gyanesh Kumar Resignation: प्रदर्शन के बीच ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज है. जानें भारत और CJP की कुंडली SIR विवाद और CEC की कुर्सी पर क्या संकेत देती है.

CJP Protest: दिल्ली में बैरिकेड, मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद और प्रदर्शनकारी हिरासत में. मुंबई में शाम चार बजे जेल भरो आंदोलन का ऐलान. निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मुद्दा है SIR से जुड़ा मतदाता सूची विवाद.

अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि प्रदर्शन कितना बड़ा होगा. असली सवाल है कि क्या सड़क पर दिखाई दे रहे इस गुस्से की तपिश CEC की कुर्सी तक पहुंचेगी?

दिलचस्प बात यह है कि जमीन पर जो टकराव दिख रहा है, लगभग वही भारत और CJP की कुंडलियों में भी बन रहा है. CJP की कुंडली आंदोलन को बल देती है, लेकिन पुलिस, अनुमति और कानूनी अड़चनें उसका रास्ता रोकती हैं. दूसरी ओर भारत की कुंडली चुनाव आयोग की साख पर गहरी चोट दिखाती है, मगर तत्काल कुर्सी जाने का साफ योग नहीं बनाती.

2 अक्टूबर का मृगशिरा नक्षत्र CJP के लिए विपत तारा है और भारत की कुंडली के लिए नैधन तारा. ज्योतिष के अनुसार इसका सीधा अर्थ है कि CJP को सड़कों पर रोका जाएगा, लेकिन चुनाव आयोग भी अपनी साख बचाने की कठिन लड़ाई में फंसेगा.

कुंडली भी यही कहती है कि आंदोलन बेअसर नहीं रहेगा, मगर सबसे बड़ी मांग सबसे पहले पूरी नहीं होगी. यानी इस्तीफा अभी भी दूर की कौड़ी है, लेकिन जांच और समीक्षा का दरवाजा अवश्य खुलेगा.

CJP की कुंडली क्या कहती है?

CJP की कुंडली में चंद्रमा कृत्तिका नक्षत्र में है. 2 अक्टूबर को चंद्रमा मृगशिरा नक्षत्र में है. कृत्तिका से गिनने पर मृगशिरा तीसरा नक्षत्र पड़ता है. नवतारा पद्धति में इसे विपत तारा कहा जाता है.

सरल भाषा में इसका अर्थ है कि रास्ता सीधा नहीं होगा. अनुमति का विवाद, पुलिस की रोक, अचानक बदला कार्यक्रम, गिरफ्तारी या किसी बयान से पैदा हुआ नया विवाद आंदोलन पर भारी पड़ सकता है. मुंबई में कार्यक्रम की अनुमति न मिलना इसी तरह की पहली बाधा है.

CJP का जेल भरो आंदोलन शाम चार बजे प्रस्तावित है. तब तक चंद्रमा वृषभ से मिथुन राशि में प्रवेश कर चुका होगा. CJP का जन्म चंद्रमा वृषभ में है. मिथुन का चंद्रमा इससे दूसरी राशि में पड़ेगा, जो मजबूत चंद्रबल नहीं देता. इसका असर भीड़ की संख्या, संगठन के भीतर तालमेल और मंच से दिए जाने वाले संदेश पर पड़ सकता है.

कार्यक्रम राहुकाल में नहीं है, लेकिन उस समय भद्रा और व्यतीपात योग रहेगा. इन दोनों का अर्थ है कि टकराव बढ़ सकता है, पर बात आसानी से मंजिल तक नहीं पहुंचेगी. प्रदर्शन की खबर बड़ी हो सकती है, मगर खबर का केंद्र SIR की मांगों के बजाय हिरासत, पुलिस कार्रवाई या आयोजन स्थल का विवाद बन सकता है.

शनि CJP से पूछ रहा है, भीड़ के बाद क्या?

CJP की कुंडली का सबसे गंभीर संकेत शनि दे रहा है. जन्म के समय शनि मीन राशि में करीब 16 अंश पर था. अभी वक्री शनि इसी राशि में लगभग 17 अंश पर है. यानी शनि उसी जगह लौट आया है जहां वह संगठन की स्थापना के समय था.

यह स्थिति लोकप्रियता से ज्यादा असली ताकत जांचती है. भीड़ जुटाना एक बात है, आंदोलन को हफ्तों तक चलाना दूसरी. शनि अब देखेगा कि CJP के पास कानूनी दस्तावेज कितने मजबूत हैं, नेतृत्व कितना अनुशासित है और सहयोगी संगठन दबाव पड़ने पर साथ रहते हैं या नहीं.

कर्क राशि में नीच का मंगल CJP के विरोध और साझेदारी वाले भाव में बैठा है. यही मंगल गुस्सा भी बढ़ा रहा है और पुलिस-प्रशासन से सीधा टकराव भी. छोटी-सी उकसावे वाली घटना पूरे आंदोलन की दिशा बदल सकती है.

लेकिन तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है. उच्च का बृहस्पति CJP को वकीलों, छात्र संगठनों और नागरिक समूहों का साथ दिला सकता है. बुध और शुक्र इसकी मीडिया वाली ताकत बढ़ा रहे हैं. इसलिए CJP को कैमरा, सोशल मीडिया और शहरी युवाओं का ध्यान मिलेगा. परेशानी वहां आएगी जहां प्रचार को सबूत और समर्थन को कानूनी नतीजे में बदलना होगा.

CJP की दशमांश कुंडली भी यही कहानी कहती है. मीडिया में जगह बनाने की क्षमता मजबूत है, कानूनी लड़ाई लड़ने का दम भी है, लेकिन मंगल-राहु संकट वाले भाव में हैं और शनि कमजोर है. यानी आंदोलन दिखेगा खूब, पर गठबंधन टूट सकते हैं और फैसला देर से आएगा.

भारत की कुंडली में चुनाव आयोग पर सीधा दबाव

भारत की कुंडली में चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में है. पुष्य से मृगशिरा नैधन तारा बनता है. नाम कठोर है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि आज ही किसी की कुर्सी चली जाएगी. इसका असली अर्थ है कि प्रतिष्ठा पर चोट, जनता के भरोसे में कमी और संस्था को जवाब देने के लिए मजबूर होना.

भारत के वृषभ लग्न से राहु इस समय दशम भाव में चल रहा है. यही भाव सरकार, शासन और बड़ी संवैधानिक संस्थाओं से जुड़ा है. राहु यहां बैठकर संदेह पैदा करता है. लोग आधिकारिक बयान से संतुष्ट नहीं होते और हर फैसले के पीछे छिपा कारण खोजते हैं.

केतु जनता और आंतरिक शांति वाले चौथे भाव में है. इसलिए असंतोष केवल विपक्षी नेताओं तक सीमित नहीं रहेगा. छात्र, युवा, सामाजिक संगठन और वे लोग भी जुड़ सकते हैं जिनका किसी पार्टी से सीधा संबंध नहीं है.

नीच का मंगल भारत के जन्मकालीन चंद्रमा और बुध के क्षेत्र से गुजर रहा है. इसका असर गुस्से, तेज नारों, सोशल मीडिया की लड़ाई और पुलिस-प्रदर्शनकारी तनाव में दिख सकता है. वहीं उच्च का बृहस्पति इसी क्षेत्र में है. यही ग्रह हिंसक मोड़ को सीमित करने और मामले को अदालत, जांच तथा सुधार की तरफ ले जाने का रास्ता बनाता है.

सरकार के लिए आसान नहीं यह वर्ष

भारत का 2026 का वर्षफल सिंह लग्न का है. राहु जनता और विपक्ष वाले सातवें भाव में है, जबकि शनि संकट वाले आठवें भाव में बैठा है. सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के भाव का स्वामी शुक्र कमजोर स्थिति में है. इसलिए चुनाव आयोग की भाषा, सफाई और प्रेस कॉन्फ्रेंस जनता के सवाल पूरी तरह शांत नहीं कर पाएंगी.

वर्षफल की मुंथा चुनाव और युवाओं वाले पांचवें भाव में है. इसका मतलब है कि मतदाता सूची, युवा असंतोष और चुनावी भरोसा पूरे साल राजनीति के केंद्र में रहेगा. लेकिन मुंथा का स्वामी बृहस्पति 12वें भाव में है. इसलिए फैसला सड़क पर नहीं, अदालत, जांच समिति और बंद कमरे की बैठकों में होगा.

भारत की दशमांश कुंडली में सूर्य सत्ता के भाव में मजबूत है और मंगल-केतु विरोधियों से लड़ने वाले भाव में हैं. यही कारण है कि सरकार और चुनाव आयोग दबाव में तो आएंगे, लेकिन तत्काल झुकेंगे नहीं. संस्थागत ताकत अभी आंदोलन से ज्यादा है.

क्या ज्ञानेश कुमार की कुर्सी जाएगी?

सीधा उत्तर है कि अभी कुंडली तत्काल इस्तीफा नहीं दिखा रही. दबाव भारी है, प्रतिष्ठा पर चोट भी है, लेकिन पद छोड़ने का साफ योग नहीं बन रहा.

आंदोलन की पहली और सबसे मजबूत सफलता मतदाता सूची की दोबारा जांच होगी. हटाए गए नामों के मामलों में क्षेत्रवार सुधार हो सकता है. ECINET और डिजिटल प्रक्रिया का तकनीकी ऑडिट आगे बढ़ेगा. शिकायत दर्ज कराने और नाम वापस जोड़ने के नियम आसान किए जा सकते हैं.

SIR को पूरी तरह रोक देना कठिन दिखता है. पूरी पुरानी मतदाता सूची बहाल होने के संकेत भी कमजोर हैं. इसके बजाय चुनाव आयोग कुछ नियम बदलेगा, समय बढ़ाएगा और गलतियों को अलग-अलग मामलों में ठीक करेगा.

9 अक्टूबर तक आंदोलन, हिरासत और तीखी बयानबाजी बढ़ सकती है. इसके बाद मामला तकनीकी और कानूनी रास्ते पर जाएगा. नवंबर के आखिर से जनवरी के बीच दस्तावेज, मतदाता डेटा और अदालत में रखे गए सबूत सबसे महत्वपूर्ण होंगे.

सड़क का गुस्सा ज्ञानेश कुमार की कुर्सी तक जरूर पहुंचा है, लेकिन अभी उसे हिला रहा है, गिरा नहीं रहा. कुंडली का फैसला साफ है कि पहले चुनाव आयोग को जांच, समीक्षा और सुधार के लिए झुकना पड़ेगा. कुर्सी तभी जाएगी जब आंदोलन के साथ कोई ऐसा ठोस प्रमाण सामने आए जिसे अदालत, आयोग या सरकार नजरअंदाज न कर सके.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

हृदेश कुमार सिंह । Hirdesh Kumar Singh 

Senior Vedic Astrologer । Head – Religion & Astrology, ABP Live । Lead – ABP Dharma LIVE

हृदेश कुमार सिंह वरिष्ठ वैदिक ज्योतिषाचार्य और मीडिया पेशेवर हैं. उन्हें ज्योतिष, धर्म और मीडिया के क्षेत्र में 17 साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे ABP Live में Religion & Astrology वर्टिकल का नेतृत्व करते हैं. साथ ही ABP Dharma LIVE की कंटेंट और डिजिटल रणनीति की जिम्मेदारी संभालते हैं.

उनके काम में ज्योतिषीय लेखन, संपादन, वेबसाइट और वीडियो के लिए विषय चयन तथा संपादकीय योजना शामिल है. वे Search, Google Discover और सोशल मीडिया पर पाठकों की रुचि को ध्यान में रखकर धर्म और ज्योतिष की कवरेज तय करते हैं.

पंचांग, राशिफल, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार और धार्मिक परंपराएं उनके लेखन के प्रमुख विषय हैं. वे करियर, विवाह, शिक्षा और व्यापार से जुड़े सवालों पर भी लिखते हैं. राजनीति और सामाजिक घटनाओं पर उनके ज्योतिषीय विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर और मेदिनी ज्योतिष पर आधारित होते हैं. इनमें ग्रह स्थितियों को संभावित संकेतों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), नई दिल्ली से पत्रकारिता और IIMT University, मेरठ से ज्योतिष शास्त्र एवं वास्तु शास्त्र की शिक्षा ग्रहण की है. वे AstroSage और Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म के साथ भी काम कर चुके हैं. उन्होंने Semrush Academy से 'Content Marketing Essentials for SEO and AI Search with Semrush' सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है.

नई पीढ़ी के पाठकों के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे प्रारूप पर काम किया है. इसमें पढ़ाई, नौकरी, रिश्तों और रोजमर्रा के फैसलों से जुड़े सवालों को राशिफल में जगह दी गई है. उनके लेख धार्मिक परंपराओं से जुड़े उन प्रश्नों पर भी केंद्रित होते हैं, जो बदलती जीवनशैली में सामने आते हैं.

वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु उनके अध्ययन एवं लेखन के विषय हैं. उनका मानना है, 'ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है.'

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

अक्टूबर में 2 बड़े ग्रहों की बदलेगी चाल, वक्री होंगे शुक्र-बुध; राजनीति से बाजार तक बड़े उलटफेर के संकेत
अक्टूबर में बदलेगी 2 बड़े ग्रहों की चाल: सूर्य-गुरु का गोचर, शुक्र-बुध होंगे वक्री; जानें 5 महायोगों और देश-दुनिया पर प्रभाव
टैरो राशिफल 10 अक्टूबर 2026: मकर को कई स्रोतों से बंपर धन लाभ, धनु के लिए भाग्यशाली दिन; जानें 12 राशियों का भाग्य
टैरो राशिफल 10 अक्टूबर 2026: मकर को कई स्रोतों से बंपर धन लाभ, धनु के लिए भाग्यशाली दिन; जानें 12 राशियों का भाग्य
10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या: जिन पूर्वजों की मृत्यु तिथि नहीं मालूम, उनका श्राद्ध कैसे करें?
पूर्वजों की मृत्यु तिथि नहीं मालूम तो श्राद्ध कब और कैसे करें?
Kal Ka Rashifal 10 October 2026: सर्वपितृ अमावस्या पर ऐन्द्र योग से, मेष को बड़ा इंक्रीमेंट और कन्या को प्रोजेक्ट हेड का पद!
Kal Ka Rashifal 10 October 2026: सर्वपितृ अमावस्या पर ऐन्द्र योग से, मेष को बड़ा इंक्रीमेंट और कन्या को प्रोजेक्ट हेड का पद!
Advertisement

वीडियोज

Bollywood News: नाना पाटेकर के निधन की खबर से भावुक हुए सितारे, सोशल मीडिया पर दी आखिरी विदाई (09.10.26)
YRKKH: Krish का काला सच आया सामने, Armaan ने खोया आपा, Poddar House में हुआ महासंग्राम!
नाना पाटेकर की अंतिम यात्रा की तैयारी शुरू, गांव में पसरा सन्नाटा
एक शिष्य के सुसाइड पर सवाल !
मायानगरी के नाना...ऐसे तो नहीं जाना था
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
उपचुनाव रिजल्ट: अमित शाह बोले, 'राहुल गांधी के दुष्प्रचार के बावजूद जीत रही BJP'
उपचुनाव रिजल्ट: अमित शाह बोले, 'राहुल गांधी के दुष्प्रचार के बावजूद जीत रही BJP'
मध्य प्रदेश HC ने रद्द किया 27% OBC आरक्षण, कोटा फिर 14 फीसदी हुआ
मध्य प्रदेश HC ने रद्द किया 27% OBC आरक्षण, कोटा फिर 14 फीसदी हुआ
'वो जंग भाजपा के खिलाफ नहीं', उप चुनाव में जीत के बाद राहुल पर भड़कीं ईरानी
'वो जंग भाजपा के खिलाफ नहीं', उप चुनाव में जीत के बाद राहुल पर भड़कीं ईरानी
11 छक्के 6 चौके, एबी डिविलियर्स ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 277 के स्ट्राइक रेट से ठोका शतक
11 छक्के 6 चौके, एबी डिविलियर्स ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 277 के स्ट्राइक रेट से ठोका शतक
'आप उनसे क्या उम्मीद कर रहे हैं?' तनुश्री दत्ता के सपोर्ट में आईं सोना मोहपात्रा
'आप उनसे क्या उम्मीद कर रहे हैं?' तनुश्री दत्ता के सपोर्ट में आईं सोना मोहपात्रा
'...तो शायद मैं ये पुरस्कार शेयर कर लूं', नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने लिए ट्रंप के मजे
'...तो शायद मैं ये पुरस्कार शेयर कर लूं', नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने लिए ट्रंप के मजे
नंदीग्राम जीत के बाद BJP ने 75816 वोट मार्जिन से फतह किया रेजीनगर उप-चुनाव
नंदीग्राम जीत के बाद BJP ने 75816 वोट मार्जिन से फतह किया रेजीनगर उप-चुनाव
तमिलनाडु उपचुनाव में TVK की जीत से भड़के स्टालिन, CM विजय पर निकाली भड़ास
तमिलनाडु उपचुनाव में TVK की जीत से भड़के स्टालिन, CM विजय पर निकाली भड़ास
Embed widget