इन तरीकों से लगाएंगे तो जल्दी फल देने लगेगा नींबू का पेड़
सही मिट्टी, सही खाद और सही पानी का तरीका अपनाकर नींबू के पेड़ को कम समय में फल देने लायक कैसे बनाए, जानिए आसान और असरदार बागवानी के तरीके

lemon gardening tips: नींबू का पेड़ लगभग हर घर के आंगन या गमले में आसानी से लग जाता है, लेकिन सही देखभाल न होने पर इसे फल देने में कई साल लग जाते हैं. अगर पौधा जल्दी बढ़े और जल्द फल देना शुरू करे, तो कुछ आसान बागवानी तरीके अपनाना जरूरी होता है. सही मिट्टी, धूप, पानी और खाद का संतुलन इस पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है और पौधे की सेहत को लंबे समय तक बनाए रखने में भी मदद करता है
सही मिट्टी और गमले का चुनाव करें
नींबू के पौधे के लिए बलुई-दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी होती है, जिसमें पानी का निकास आसानी से होता है. अगर गमले में पौधा लगाया जा रहा है, तो कम से कम 18 से 24 इंच का बड़ा गमला लें ताकि जड़ों को फैलने की पूरी जगह मिले. मिट्टी में गोबर की खाद, कोकोपीट और थोड़ी रेत मिलाने से पौधे की जड़ें मजबूत बनती हैं और पोषण भी अच्छी तरह मिलता है. गमले के तले में छोटे कंकड़ डालें ताकि पानी का निकास और बेहतर हो, जिससे जड़ें सड़ने से बची रहेगी शुरुआत में सही मिट्टी तैयार करने से आगे चलकर पेड़ की सेहत और फलने की गति दोनों बेहतर होती है.
धूप और पानी का रखें खास ध्यान
नींबू के पौधे को रोजाना कम से कम 6 से 8 घंटे की धूप मिलनी चाहिए, क्योंकि सूरज की रोशनी से ही पेड़ में फूल और फल बनने की प्रक्रिया तेज होती है. पानी देने में भी संतुलन जरूरी है, क्योंकि ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ने लगती हैं और कम पानी देने से पौधा सूखने लगता है. मिट्टी की ऊपरी सतह सूखने पर ही पानी देना सही तरीका माना जाता है. गर्मियों में पानी की मात्रा थोड़ी बढ़ानी चाहिए और सर्दियों में इसे कम कर देना चाहिए, इससे पौधे की ग्रोथ नियमित बनी रहती है. पौधे के आसपास घास-फूस साफ रखने से भी पोषक तत्वों की बर्बादी रुकती है
यह भी पढ़ें: खाद की मांग तेज, कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
समय-समय पर खाद देना है जरूरी
नींबू के पेड़ को हर 20 से 25 दिन में जैविक खाद देना फायदेमंद माना जाता है. गोबर की खाद, नीम खली और वर्मी कंपोस्ट डालने से पौधे को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं. फूल आने के समय पोटाश और फास्फोरस युक्त खाद देने से फूल जल्दी झड़ने की समस्या कम होती है. इसके अलावा समय-समय पर सूखी और कमजोर टहनियों की कटाई-छंटाई करना भी जरूरी होता है, इससे पौधे में नई शाखाएं निकलती हैं और फल देने की क्षमता बढ़ जाती है. कीड़े-मकोड़ों से बचाव के लिए नीम के तेल का छिड़काव करना भी एक अच्छा और सुरक्षित तरीका माना जाता है. इन सभी तरीकों को नियमित रूप से अपनाने पर नींबू का पेड़ कम समय में ही भरपूर फल देना शुरू कर देता है.
यह भी पढ़ें: कैसे होती है धतूरे की खेती, क्या घर में लगा सकते हैं इसका पौधा?






















