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कुपोषण मुक्त Chhattisgarh के खिलाफ CM Bhupesh Baghel की अनोखी मुहिम |ABP Uncut
कुछ समय पहले छत्तीसगढ़ के स्कूलों में मिड डे मील में बच्चों को अंडा देने का फैसला लिया गया. मकसद था उनके आहार को अधिक पौष्टिक बनाना ताकि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई जीती जा सके. यह एक ऐतिहासिक कदम था. लेकिन मिड डे मील में बच्चों को सप्ताह में दो दिन अंडे मुहैया कराने के फैसले पर जमकर राजनीति हुई. जिसके बाद सरकार ने फैसला लिया कि अंडा पसंद करने वाले बच्चों को अंडे की सप्लाई सीधे उनके घर पर की जाएगी. और शाकाहारी बच्चों को इसकी जगह पर प्रोटीन क्रंच, सोया मिल्क जैसे पौष्टिक आहार दिए जाएंगे. दरअसल छत्तीसगढ़ में इन दिनों कुपोषण के खिलाफ जंग का एलान किया गया है. अलग प्रदेश बनाने के पीछे एक मंशा यही थी कि प्रदेश का विकास होगा और यहां के लोगों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा. लेकिन बीते बीस साल में छ्त्तीसगढ में सड़कें तो खूब बनीं, लेकिन बहुजनों की सेहत में कोई खास सुधार नहीं हुआ. उनकी कीमत पर दूसरों ने विकास किया. यही वजह है कि भूपेश बघेल की सरकार आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों के लिए कुछ ठोस करने की कोशिश कर रही है. कुपोषण के विरुद्ध युद्ध इसी कोशिश का एक हिस्सा है.
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